पांच भाइयों को उम्रकैद: बदायूं में हत्या के मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा, दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया
बदायूं के दातागंज थाना क्षेत्र में 16 दिसंबर 2017 को एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने पांचों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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बदायूं में हत्या के आठ साल पुराने मामले में दो परिवारों के पांच सगे भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना व तीन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
बरेली के भमोरा थानाक्षेत्र के गांव रुद्रपुर की दिनेशवती ने 17 दिसंबर 2017 को थाना दातागंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 16 दिसंबर को उसके पति महिपाल व देवर हजरतपुर कस्बे में दसवां संस्कार में गए थे। दसवां संस्कार से पति व देवर वापस आ रहे थे। गांव कौर निवासी कुंवरपाल ने उन सभी का पीछा करना शुरू कर दिया।
कुंवरपाल के पिता की हत्या का मुकद्दमा उसके पति के ऊपर चल चुका था, जिसमें समझौता हो गया था। कुंवरपाल व उसके परिवार के लोग रंजिश मानते थे। शाम करीब चार बजे बाइक पर सवार होकर कुंवरपाल उसका भाई अमर पाल इसके अलावा चचेरे भाई नरेश पाल, शिवराम, हरिओम पुत्र रामसिंह ने नाजायज असलहों से फायर कर दिए।
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इसमें दिनेशवती के पति महिपाल को गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। देवर जान बचाकर भाग गया था। मामले में पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर एडीजीसी ओमपाल कश्यप तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दहेज हत्या में पति को सात साल की सजा, जुर्माना
सात साल पुराने दहेज के मामले में पति को दोषी करार देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश सौरभ सक्सेना ने सात साल की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार वजीरगंज थाना क्षेत्र के कस्बा वजीरगंज के मोहल्ला बनिया निवासी लल्लन ने एक रिपोर्ट 24 मई 2018 को दर्ज कराई थी।
बताया था कि उसकी ममेरी बहन शहनाज की शादी तीन साल पहले मोहल्ला बनिया निवासी बच्चू खां के साथ हुई थी। दिए दहेज से पति, सास रहीसा बेगम तथा ससुर अमन शेर खुश नहीं थे। 23 मई के दिन इन लोगों ने दहेज न मिलने की वजह से बहन को मार दिया। तब पुलिस ने केस पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर साक्ष्य संकलित करके पति, सास, ससुर सभी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर एडीजीसी मुनेंद्र प्रताप सिंह तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद दोषी पति बच्चू खां को सात साल की सजा सुनाई है। वहीं सास रहीसा बेगम तथा ससुर अमन शेर खां को दोष मुक्त कर दिया गया।