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मान्यता के लगा दिए फर्जी अभिलेख, शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो आसफपुर।
Updated Sun, 14 May 2017 11:39 PM IST
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- कॉलेज निर्माण के नाम पर ग्राम सभा और चकरोड पर अवैध कब्जा
कॉलेज की मान्यता लेने के लिए धोखाधड़ी से फर्जी भू-अभिलेख तैयार कर डीआईओएस कार्यालय में जमा कराने का मामला प्रकाश में आया है। कॉलेज निर्माण के नाम पर ग्राम सभा और चकरोड पर भी अवैध कब्जे का आरोप है।
भूड़बिसौली निवासी छिद्दन खां पुत्र प्यारे खां ने डीआईओएस को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि एनओसी के लिए कॉलेज की प्रबंधक की ओर से जमा किए गए अभिलेखों में भारी हेराफेरी की है, असली और मूल भू-अभिलेखों में हेराफेरी करके यह फर्जी रूप से तैयार कराए हुए दस्तावेज स्कूल की मान्यता के आवेदन में प्रस्तुत किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पत्र में कहा है कि मान्यता को प्रस्तुत दस्तावेजों में जो भूमि दर्शाई गई है उसमें कुछ भूमि तो कॉलेज से बहुत दूर है। जिसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मेढ़ पर दर्शाया गया है, वहीं ग्राम सभा की जमीन के चकरोड तथा कब्रिस्तान की भूमि पर भी कब्जा करके कॉलेज की भूमि में शामिल कर लिया गया है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से मान्यता की प्रतिपूर्ति को दाखिल किए गए दस्तावेजों की स्थलीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द कराने और कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
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कॉलेज की मान्यता लेने के लिए धोखाधड़ी से फर्जी भू-अभिलेख तैयार कर डीआईओएस कार्यालय में जमा कराने का मामला प्रकाश में आया है। कॉलेज निर्माण के नाम पर ग्राम सभा और चकरोड पर भी अवैध कब्जे का आरोप है।
भूड़बिसौली निवासी छिद्दन खां पुत्र प्यारे खां ने डीआईओएस को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि एनओसी के लिए कॉलेज की प्रबंधक की ओर से जमा किए गए अभिलेखों में भारी हेराफेरी की है, असली और मूल भू-अभिलेखों में हेराफेरी करके यह फर्जी रूप से तैयार कराए हुए दस्तावेज स्कूल की मान्यता के आवेदन में प्रस्तुत किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पत्र में कहा है कि मान्यता को प्रस्तुत दस्तावेजों में जो भूमि दर्शाई गई है उसमें कुछ भूमि तो कॉलेज से बहुत दूर है। जिसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मेढ़ पर दर्शाया गया है, वहीं ग्राम सभा की जमीन के चकरोड तथा कब्रिस्तान की भूमि पर भी कब्जा करके कॉलेज की भूमि में शामिल कर लिया गया है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से मान्यता की प्रतिपूर्ति को दाखिल किए गए दस्तावेजों की स्थलीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द कराने और कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
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