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Budaun News: सज्जन को छेड़ो मत, दुष्टों को छोड़ो मत यही कृष्ण नीति
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बिल्सी के गुधनी आर्य समाज मंदिर पर यज्ञ करते लोग। संवाद
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित आर्य समाज मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हर्षोल्लास से मनाई गई। यज्ञ में लोगों ने आहुतियां दी।
आचार्य संजीव रूप ने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण आज भी प्रासंगिक हैं। उनके गीता में दिए गए विचार, उनका कृतित्व और व्यक्तित्व समूचे विश्व के लिए कल्याणकारी है। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा था कि सज्जन को छेड़ो मत और दुष्ट को छोड़ो मत। समाज मर्यादाओं से चलता है। वही राष्ट्र सुखी होता है जो धर्म नीति से मर्यादित रहता है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति को सुख व शांति तभी प्राप्त होती है जब समाज और राष्ट्र, स्वस्थ और बलवान होता है। राष्ट्र तब स्वस्थ व बलवान होता है जब व्यक्ति स्वस्थ व बलवान होता है, चरित्रवान होता है। राष्ट्र और व्यक्ति एक दूसरे के पूरक हैं। वर्तमान में हमारा देश पाखंड और भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है।
उन्होंने कहा कि पाप करके गंगा में स्नान करके उससे मुक्त नहीं हुआ जा सकता। भ्रष्टाचार अनाचार में लिप्त हैं और सोचते हैं कि व्रत उपवास या दान करके वह मुक्त हो जाएंगे। यही कारण है कि भ्रष्टाचार व अनाचार समाज में बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में भगवान श्रीकृष्ण की नीतियां निश्चित ही हमारे राष्ट्र का कल्याण कर सकती हैं। इस मौके पर साहब सिंह, तृप्ति शास्त्री, कौशिकी रानी, तानिया रानी, सुखवीर सिंह, अशोक पाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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आचार्य संजीव रूप ने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण आज भी प्रासंगिक हैं। उनके गीता में दिए गए विचार, उनका कृतित्व और व्यक्तित्व समूचे विश्व के लिए कल्याणकारी है। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा था कि सज्जन को छेड़ो मत और दुष्ट को छोड़ो मत। समाज मर्यादाओं से चलता है। वही राष्ट्र सुखी होता है जो धर्म नीति से मर्यादित रहता है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति को सुख व शांति तभी प्राप्त होती है जब समाज और राष्ट्र, स्वस्थ और बलवान होता है। राष्ट्र तब स्वस्थ व बलवान होता है जब व्यक्ति स्वस्थ व बलवान होता है, चरित्रवान होता है। राष्ट्र और व्यक्ति एक दूसरे के पूरक हैं। वर्तमान में हमारा देश पाखंड और भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है।
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उन्होंने कहा कि पाप करके गंगा में स्नान करके उससे मुक्त नहीं हुआ जा सकता। भ्रष्टाचार अनाचार में लिप्त हैं और सोचते हैं कि व्रत उपवास या दान करके वह मुक्त हो जाएंगे। यही कारण है कि भ्रष्टाचार व अनाचार समाज में बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में भगवान श्रीकृष्ण की नीतियां निश्चित ही हमारे राष्ट्र का कल्याण कर सकती हैं। इस मौके पर साहब सिंह, तृप्ति शास्त्री, कौशिकी रानी, तानिया रानी, सुखवीर सिंह, अशोक पाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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