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न वन्य जंतुओं की चिंता और न जल जीवों का ख्याल

Thu, 04 Jun 2015 11:22 PM IST
विनोद भारद्वाज/बदायूं।
विनोद भारद्वाज/बदायूं। Updated Thu, 04 Jun 2015 11:22 PM IST
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Do not worry about wild animals and care of water organisms
जिले में पर्यावरण सुरक्षा के नाम पर न कोई सार्थक योजना है और न वन्य जलजीव और परिंदों से जुड़ा सुरक्षा का खाका। यहां तक कि इनकी गणना की प्रामाणिकता तक नहीं है। जिले में दुर्लभ प्रजाति के ब्लैक बक के लिए आज तक कोई संरक्षा प्रोजेक्ट तक नहीं बना। दुर्लभ वन्य जीवों को शिकार हो रहा हैं। उनके लिए वन क्षेत्र तक सुरक्षित नहीं हैं। जागरूकता के कार्यक्रमों का भी अभाव है।
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पौधरोपण को 401 हेक्टेयर का लक्ष्य
इस वर्ष पौधरोपण को 401 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। अगर, वन अधिकारियों की मानें, तो जिले को पौधरोपण को क्षेत्रफल का लक्ष्य तो मिल गया है, लेकिन इसके लिए धन मिलने की विभाग उम्मीद लगाए बैठा है।
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धड़ल्ले से कटान कर रहीं 103 आरा मशीन
जिले में वैध रूप से तो 103 लाइसेंसी आरा मशीन हैं। इसकी आड़ में चोरी-छिपे सैकड़ों छोटी-बड़ी आरामशीनें चल रही हैं। पहले पकड़ी भी जा चुकी हैं। वन विभाग पर आरोप लगते रहे हैं कि इन आरा मशीन स्वामियों की मिलीभगत से बड़ी संख्या में हर रोज हरे-भरे पेड़ कटते रहे हैं और कट रहे हैं।  
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सुरक्षा के अभाव में वन क्षेत्र हो रहे हैं नष्ट
देखने को तो जिले में कागजों पर वन क्षेत्र का एरिया 6902.51 हेक्टयर है, लेकिन वास्तविकता में ये कम होता जा रहा है। पेड़ कटते जा रहे हैं और वन क्षेत्र घटता जा रहा है। जिले में सुरक्षा और संरक्षा के अभाव में वन क्षेत्र खुर्द-बुर्द हो रहे हैं। खैर की कीमती लकड़ी भी इन जंगलात से चोरी छिपे काटी जाती रही है। आसपास के लोगों की मानें तो काफी जमीन पर कब्जे हो चुके हैं। वन विभाग इनको हटाने की जहमत तक नहीं उठा पाया है। जंगलात लगातार कम होते जा रहे हैं। कादरचौक का पलाश वन क्षेत्र तो बहुत खराब स्थिति में है। लोगों ने यहां खेती कर ली हैं।

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वन्य पशु गणना, वर्ष-2011
1. ब्लैक बक
नर        मादा       बच्चे        कुल
349     443      200       992
2. वनरोज (नील गाय)
नर        मादा       बच्चे        योग
3780   4820    3953     12553
3. जंगली सुअर
नर        मादा       बच्चे        कुल
414     317      79        810
4. बंदर
नर        मादा       बच्चे        कुल
9135   9608    5136    23879
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वन्य पशु गणना, वर्ष-2013
1. ब्लैक बक
नर        मादा       बच्चे        कुल
328     555       214      1097
2. वनरोज
नर        मादा       बच्चे        कुल
2361    4128    1538     8027
3. जंगली सुअर
नर        मादा       बच्चे        कुल
217     128       126       471
4.बंदर
नर        मादा       बच्चे        कुल
9334  10958   4332   24624
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बाकी वन्यजीव
1. लंगूर-01
2. भेडिय़ा-05
3. लोमड़ी-215
4. सियार-454
5. वन गाय-1684
6. जंगली बिल्ली-34
7.सेही-03
8. मोर-2203
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जिले के प्रमुख वन क्षेत्र
मालपुर, सुंदरायन, भूड़ा-भदरौल, ककोड़ा पलाश वन, चिंजरी, मुड़सेना, कुड़ा जयकरन, किशनी मेहरा, मूसेपुर वन क्षेत्र प्रमुख हैं।
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इनका वन विभाग पर कोई रिकार्ड नहीं
नाग
सल्लू सांप
अन्य प्रकार के सर्प
उल्लू
नीलकंठ
कछुआ
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शासन से जो दिशा-निर्देश मिलते हैं। उनका पालन किया जाता है। जन जागरूकता के कार्यक्रम भी होते हैं। डीएफओ के साथ शासन की नीतियों पर चर्चा होगी और पर्यावरण के लिए इस वर्ष को भी नई रणनीति बनाई जाएगी।
-ईश्वर दयाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी
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