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ककोड़ा: 11 साल बाद फिर बदायूं की जमीन पर लग सकता है मेला
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कादरचौर/बदायूं। रुहेलखंड में मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध मेला ककोड़ा की हलचल तेज होने लगी है। जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी मेले के लिए की जमीन तलाशने में लगे हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस बार ककोड़ा मेला 500 से 700 मीटर दूसरी दिशा में हट जाएगा। ऐसे में इस बार मेला बदायूं की जमीन पर भी लग सकता है। विभाग ने मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला पंचायत कर्मचारियों ने ककोड़ा पहुंचकर जमीन की नापजोख की। अब प्रशासनिक टीम जाकर जगह तय करेगी।
पिछले दिनों डीएम ने सभी अधिकारियों की बैठक ली थी। इसमें उन्होंने सभी अधिकारियों को मेला ककोड़ा की तैयारियों में लगने के निर्देश देते हुए कहा कि इस बार मेला ककोड़ा की तैयारियों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। अगर किसी स्तर से कोई लापरवाही की गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत के एई कामता प्रसाद वर्मा, जेई लालता प्रसाद कश्यप जमीन की तलाश करने के लिए गंगातट पर पहुंचे। उन्होंने गंगा के बहाव को देखा, साथ ही गोताखोरों के माध्यम से पानी की गहराई का अंदाजा लगाया। विभाग के मुताबिक इस बार मेला पांच से सात सौ मीटर पश्चिम दिशा की ओर से हट जाएगा, क्योंकि इस बार गंगा का रुख बदायूं की ओर है। करीब आधा मेला बदायूं की जमीन पर लगने की उम्मीद जताई जा रही है। सुंदरायन गांव की जमीन पर इस बार मेला लग सकता है।
11 सालों से कासगंज की तरफ थी गंगा की धार
पिछले 11 वर्षों से यह मेला कासगंज की जमीन पर लगता आ रहा था। हालांकि इसकी पूरी व्यवस्था जिला पंचायत बदायूं की ओर से की जाती है। मेले की शुरुआत बदायूं से ही की गई थी, क्योंकि यह मेला पूरी तरह गंगा की धारा पर निर्भर है। जहां गंगा की धार होती है, वहीं मेला लगता है। पिछले 11 सालों से गंगा कासगंज इलाके में बह रही थी, लेकिन इस बार गंगा का रुख बदायूं सीमा की ओर है।
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कादरबाड़ी गांव से भी बनेगा रास्ता
मेले के लिए कादरबाड़ी से भी एक रास्ता मिल जाएगा। इससे ककोड़ा मेला जाने आने में जो जाम का सामना करना पड़ता था, उससे निजात मिल जाएगी। हालांकि पिछले साल दो अन्य बाईपास बनने से ककोड़ा मेले में लगने वाला जाम खत्म हो जाएगा।
जल्द तय हो सकती है जगह
ककोड़ा मेला के लिए दशहरा तक भूमि का चयन हो जाएगा। उसके बाद में फाइल को जिला स्तरीय अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा जहां से मेला स्थल के चयन की संस्तुति की जाएगी। उसके बाद में ककोड़ा मेले को लेकर तैयारियां की जाएंगी।
मेला हमेशा गंगा की धारा पर निर्भर करता है। हालांकि विभाग की टीम को सर्वे के लिए भेजा था। टीम ने बताया कि धार के मुताबिक मेला इस बार आधा बदायूं और आधा कासगंज के हिस्से पर लगेगा। डीएम के निर्देश पर प्रशासन की टीम ककोड़ा मेला जाएगी। उसके बाद में टीम जगह का निर्धारण करेगी।
-सीपी सिंह राघव, एएमए, जिला पंचायत बदायूं
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पिछले दिनों डीएम ने सभी अधिकारियों की बैठक ली थी। इसमें उन्होंने सभी अधिकारियों को मेला ककोड़ा की तैयारियों में लगने के निर्देश देते हुए कहा कि इस बार मेला ककोड़ा की तैयारियों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। अगर किसी स्तर से कोई लापरवाही की गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत के एई कामता प्रसाद वर्मा, जेई लालता प्रसाद कश्यप जमीन की तलाश करने के लिए गंगातट पर पहुंचे। उन्होंने गंगा के बहाव को देखा, साथ ही गोताखोरों के माध्यम से पानी की गहराई का अंदाजा लगाया। विभाग के मुताबिक इस बार मेला पांच से सात सौ मीटर पश्चिम दिशा की ओर से हट जाएगा, क्योंकि इस बार गंगा का रुख बदायूं की ओर है। करीब आधा मेला बदायूं की जमीन पर लगने की उम्मीद जताई जा रही है। सुंदरायन गांव की जमीन पर इस बार मेला लग सकता है।
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11 सालों से कासगंज की तरफ थी गंगा की धार
पिछले 11 वर्षों से यह मेला कासगंज की जमीन पर लगता आ रहा था। हालांकि इसकी पूरी व्यवस्था जिला पंचायत बदायूं की ओर से की जाती है। मेले की शुरुआत बदायूं से ही की गई थी, क्योंकि यह मेला पूरी तरह गंगा की धारा पर निर्भर है। जहां गंगा की धार होती है, वहीं मेला लगता है। पिछले 11 सालों से गंगा कासगंज इलाके में बह रही थी, लेकिन इस बार गंगा का रुख बदायूं सीमा की ओर है।
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कादरबाड़ी गांव से भी बनेगा रास्ता
मेले के लिए कादरबाड़ी से भी एक रास्ता मिल जाएगा। इससे ककोड़ा मेला जाने आने में जो जाम का सामना करना पड़ता था, उससे निजात मिल जाएगी। हालांकि पिछले साल दो अन्य बाईपास बनने से ककोड़ा मेले में लगने वाला जाम खत्म हो जाएगा।
जल्द तय हो सकती है जगह
ककोड़ा मेला के लिए दशहरा तक भूमि का चयन हो जाएगा। उसके बाद में फाइल को जिला स्तरीय अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा जहां से मेला स्थल के चयन की संस्तुति की जाएगी। उसके बाद में ककोड़ा मेले को लेकर तैयारियां की जाएंगी।
मेला हमेशा गंगा की धारा पर निर्भर करता है। हालांकि विभाग की टीम को सर्वे के लिए भेजा था। टीम ने बताया कि धार के मुताबिक मेला इस बार आधा बदायूं और आधा कासगंज के हिस्से पर लगेगा। डीएम के निर्देश पर प्रशासन की टीम ककोड़ा मेला जाएगी। उसके बाद में टीम जगह का निर्धारण करेगी।
-सीपी सिंह राघव, एएमए, जिला पंचायत बदायूं