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बर्खास्त हुए सिपाही थे प्रमोशन की लाइन में
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:00 AM IST
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सजायाफ्ता को मौज कराने का मिला खामियाजा
सजायाफ्ता को 16 दिन तक मौज कराने के मामले में बर्खास्त किए गए सिपाही दुर्गा सिंह और राम प्रसाद को जल्द प्रमोशन मिलने वाला था। दोनों सिपाही की प्रमोशन फाइल पिछले दिनों ही आईजी को भेजी गई थी। जिले में कुल 100 सिपाहियों को हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति दी जानी है।
दर्जा राज्यमंत्री बनवारी सिंह यादव का समधी मोरपाल यादव जिला जेल में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। मोरपाल ने खुद को जेल से 14 मार्च को इलाज के बहाने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर करा लिया था। उसकी अभिरक्षा में सिपाही दुर्गा सिंह और राम प्रसाद को भेजा गया था। मोरपाल वहां भर्ती नहीं हुआ। दोनों सिपाही उसे 16 दिन तक मौज कराते रहे। यह प्रकरण अखबारों की सुर्खियां बना तो मोरपाल 31 मार्च को जेल पहुंचा। जेल प्रशासन ने बिना डिस्चार्ज स्लिप के उसे जेल में दाखिल कर लिया।
एसएसपी सौमित्र यादव ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर इनके खिलाफ जांच सीओ लाइन श्योराज सिंह को दी। जांच में दोनों सिपाही दोषी पाए गए। इसके बाद एसएसपी ने दोनों को बर्खास्त कर दिया। दर्जा राज्यमंत्री के समधी को मौज कराने में दोनों सिपाहियों के प्रमोशन के साथ नौकरी भी चली गई।
सजायाफ्ता को 16 दिन तक मौज कराने के मामले में बर्खास्त किए गए सिपाही दुर्गा सिंह और राम प्रसाद को जल्द प्रमोशन मिलने वाला था। दोनों सिपाही की प्रमोशन फाइल पिछले दिनों ही आईजी को भेजी गई थी। जिले में कुल 100 सिपाहियों को हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति दी जानी है।
दर्जा राज्यमंत्री बनवारी सिंह यादव का समधी मोरपाल यादव जिला जेल में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। मोरपाल ने खुद को जेल से 14 मार्च को इलाज के बहाने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर करा लिया था। उसकी अभिरक्षा में सिपाही दुर्गा सिंह और राम प्रसाद को भेजा गया था। मोरपाल वहां भर्ती नहीं हुआ। दोनों सिपाही उसे 16 दिन तक मौज कराते रहे। यह प्रकरण अखबारों की सुर्खियां बना तो मोरपाल 31 मार्च को जेल पहुंचा। जेल प्रशासन ने बिना डिस्चार्ज स्लिप के उसे जेल में दाखिल कर लिया।
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एसएसपी सौमित्र यादव ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर इनके खिलाफ जांच सीओ लाइन श्योराज सिंह को दी। जांच में दोनों सिपाही दोषी पाए गए। इसके बाद एसएसपी ने दोनों को बर्खास्त कर दिया। दर्जा राज्यमंत्री के समधी को मौज कराने में दोनों सिपाहियों के प्रमोशन के साथ नौकरी भी चली गई।
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