{"_id":"8bc6ecb262d221f63a14dd05f06d1ae2","slug":"the-investigation-paused-wait-for-cbi-to-take-action-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"थम गई पुलिस की तफ्तीश अब सीबीआई का इंतजार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
थम गई पुलिस की तफ्तीश अब सीबीआई का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Tue, 15 Dec 2015 08:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर का चर्चित इंजीनियर दंपति हत्याकांड
शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर में रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता के साथ आठ अप्रैल को उनके घर की रसोई में मिले थे। दोनों की नृसंश हत्या की गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस पर भी सवाल उठे थे। दरअसल 2007 में विजेंद्र गुप्ता के पुत्र मुकुल गुप्ता की पुलिस ने बरेली में एक फर्जी मुठभेड़ में हत्या कर दी थी। इसमें ट्रेनी आईपीएस जे रविंद्र गौड समेत 10 पुलिसकर्मी आरोपी थे। रविंद्र गौड पर मुकदमा चलाने के लिए विजेंद्र गुप्ता न्यायायिक लड़ाई लड़ रहे थे। ऐसे में विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी की हत्या से शासन तक हरकत में आ गया था।
घटना का वर्कआउट करने के लिए पुलिस की चार टीमों के साथ एसओजी और एसटीएफ को लगाया गया था। विजेंद्र गुप्ता के छोटे पुत्र का पुलिस ने पॉलीग्राफी और नार्को टेस्ट भी कराया। आठ महीने के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की केंद्र से सिफारिश की थी। इसके बाद से पुलिस पड़ताल थम सी गई है। पुलिस को अब इंतजार है कि सीबीआई कब केस को टेकओवर करती है। एसपी सिटी, अनिल यादव ने कहा कि
प्रदेश सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई मामले से जुड़े जो भी साक्ष्य और अभिलेख मांगती है वह मुहैया करा दिए जाएंगे। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से भी पड़ताल कर रही है। सीबीआई के स्तर पर क्या चल रहा है अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जांच एजेंसी ने फिलहाल स्थानीय पुलिस से कोई संपर्क नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर में रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता के साथ आठ अप्रैल को उनके घर की रसोई में मिले थे। दोनों की नृसंश हत्या की गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस पर भी सवाल उठे थे। दरअसल 2007 में विजेंद्र गुप्ता के पुत्र मुकुल गुप्ता की पुलिस ने बरेली में एक फर्जी मुठभेड़ में हत्या कर दी थी। इसमें ट्रेनी आईपीएस जे रविंद्र गौड समेत 10 पुलिसकर्मी आरोपी थे। रविंद्र गौड पर मुकदमा चलाने के लिए विजेंद्र गुप्ता न्यायायिक लड़ाई लड़ रहे थे। ऐसे में विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी की हत्या से शासन तक हरकत में आ गया था।
घटना का वर्कआउट करने के लिए पुलिस की चार टीमों के साथ एसओजी और एसटीएफ को लगाया गया था। विजेंद्र गुप्ता के छोटे पुत्र का पुलिस ने पॉलीग्राफी और नार्को टेस्ट भी कराया। आठ महीने के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की केंद्र से सिफारिश की थी। इसके बाद से पुलिस पड़ताल थम सी गई है। पुलिस को अब इंतजार है कि सीबीआई कब केस को टेकओवर करती है। एसपी सिटी, अनिल यादव ने कहा कि
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई मामले से जुड़े जो भी साक्ष्य और अभिलेख मांगती है वह मुहैया करा दिए जाएंगे। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से भी पड़ताल कर रही है। सीबीआई के स्तर पर क्या चल रहा है अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जांच एजेंसी ने फिलहाल स्थानीय पुलिस से कोई संपर्क नहीं किया है।
विज्ञापन