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प्रधान पद के प्रत्याशी की बेटी का अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Thu, 31 Dec 2015 11:05 PM IST
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अपहरणकर्ताओं को पकड़ा तो बोले- वह तो डूबकर मर गई
पिता का आरोप- जिंदा है बेटी, चुनावी रंजिश में किया गायब
प्रधान पद का चुनाव लड़ने वाले एक प्रत्याशी की बेटी 19 दिसंबर को लापता हो गई थी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला तो परिवार वालों ने 21 दिसंबर को थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उन्हें कई दिन तक टरकाती रही। गुरुवार को लड़की पक्ष के तमाम लोगों ने थाने पहुंचकर दोबारा गांव के ही अजीत सिंह, अमन और शानू के खिलाफ तहरीर दी और पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज करने का दबाव बनाया तो पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर अजीत के भाई वीरेश और अमन व शानू को हिरासत में ले लिया।
पुलिस का कहना है कि गांव में क्लीनिक चलाने वाले अजीत के भाई वीरेश से लड़की का प्रेम संबंध था। 20 दिसंबर को लड़की ने क्लीनिक पर आकर वीरेश पर शादी करने का दबाव डाला। वीरेश का कहना है कि उसके इनकार करने पर लड़की ने हजरतपुर पुल से रामगंगा में छलांग लगा दी। घबराहट की वजह से उसने यह बात किसी को नहीं बताई। उधर, लड़की के पिता का कहना है कि पुलिस गुमराह कर रही है। गांव के नवनिर्वाचित प्रधान ने रंजिशन उनकी बेटी को अगवा कराया है। शानू नवनिर्वाचित प्रधान का नाती है। पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। अगर उनकी बेटी ने खुदकुशी कर ली है तो उसकी लाश क्यों नहीं मिली।
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पिता का आरोप- जिंदा है बेटी, चुनावी रंजिश में किया गायब
प्रधान पद का चुनाव लड़ने वाले एक प्रत्याशी की बेटी 19 दिसंबर को लापता हो गई थी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला तो परिवार वालों ने 21 दिसंबर को थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उन्हें कई दिन तक टरकाती रही। गुरुवार को लड़की पक्ष के तमाम लोगों ने थाने पहुंचकर दोबारा गांव के ही अजीत सिंह, अमन और शानू के खिलाफ तहरीर दी और पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज करने का दबाव बनाया तो पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर अजीत के भाई वीरेश और अमन व शानू को हिरासत में ले लिया।
पुलिस का कहना है कि गांव में क्लीनिक चलाने वाले अजीत के भाई वीरेश से लड़की का प्रेम संबंध था। 20 दिसंबर को लड़की ने क्लीनिक पर आकर वीरेश पर शादी करने का दबाव डाला। वीरेश का कहना है कि उसके इनकार करने पर लड़की ने हजरतपुर पुल से रामगंगा में छलांग लगा दी। घबराहट की वजह से उसने यह बात किसी को नहीं बताई। उधर, लड़की के पिता का कहना है कि पुलिस गुमराह कर रही है। गांव के नवनिर्वाचित प्रधान ने रंजिशन उनकी बेटी को अगवा कराया है। शानू नवनिर्वाचित प्रधान का नाती है। पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। अगर उनकी बेटी ने खुदकुशी कर ली है तो उसकी लाश क्यों नहीं मिली।
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