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स्वयं सहायता समूह के नाम पर 36 लोगों से ठगी
badaun
Updated Sun, 26 Apr 2015 07:45 PM IST
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स्वयं सहायता समूह का गठन कराकर एक-एक लाख रुपये ऋण दिलाने का झांसा देकर 36 लोगों से हजारों रुपये की ठगी कर ली गई। ठगी का शिकार लोगों को जब अहसास हुआ तो उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की। झांसा देने वालों ने खुद को नाबार्ड से जुड़ा हुआ बताया। ठगी का शिकार लोग अब मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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शहर के मोहल्ला पटियाली सराय में रूपक सक्सेना के घर पर इस्लामनगर थाने के गांव मईकलां के एक युवक का आना जाना था। इस युवक ने रूपक सक्सेना की पत्नी सरिता सक्सेना को स्वयं सहायता समूह के जरिए खुद का रोजगार शुरू करने का सुझाव दिया। युवक ने खुद को नाबार्ड से जुड़े खादी ग्रामोद्योग संस्थान में कार्यरत बताया और 36 लोगों का समूह बनाकर बैंक से कर्ज दिलाने का झांसा दिया। सरिता सक्सेना इसके बहकावे में आ गईं। उन्होंने मोहल्ले के 36 लोगों को एकत्र किया।
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बाद में फाइल बनाने के नाम पर इस युवक ने सभी लोगों से एक-एक हजार रुपये वसूल किए। सभी लोगों से उनके आईडी प्रूफ भी लिए। सरिता सक्सेना समेत बाकी लोगों ने बाद में जब इससे संपर्क किया तो यह गोलमोल बातें करने लगा। वह फाइलों के एडीएम और बैंक में फंसे होने की बात करने लगा। ज्यादा कहासुनी होने पर युवक ने सभी लोगों के आईडी प्रूफ वापस कर दिए, लेकिन किसी के रुपये वापस नहीं किए। इसके बाद लोगों को ठगी का अहसास हुआ। सरिता सक्सेना समेत सभी 36 लोगों ने ठगी करने वाले युवक की शिकायत एसएसपी से कर कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी ने संबंधित थाना प्रभारी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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