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हत्या और हमले में एक ही परिवार के आठ लोगों को उम्र कैद
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 30 Jan 2017 11:23 PM IST
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कोर्ट ने 1.64 लाख जुर्माना भी ठोंका, दोषियों में चार सगे भाई
बदायूं के सोवरनपुर में साढ़े चार साल पहले हुई थी वारदात
हत्या और कातिलाना हमले के मुकदमे में चार सगे भाइयों समेत आठ लोगों को एडीजे प्रथम नलिन कुमार श्रीवास्तव ने उम्र कैद की सजा सुनाई। सभी दोषियों पर 1.64 लाख रुपया जुर्माना भी ठोंका है। हत्या और कातिलाना हमले की यह वारदात करीब साढ़े चार साल पहले जरीफनगर थाने के गांव सोवरनपुर में हुई थी। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया।
जरीफनगर थाने के गांव सोवरनपुर के सुखवीर पुत्र रामेश्वर अपने भतीजे राधेश्याम के साथ में 29 जुलाई 2012 को खेत से घास लेकर लौट रहे थे। रास्ते में गांव के एक परिवार के ही कुछ लोगों ने घेर लिया और जमीन न जोतने की चेतावनी दी। इस जमीन को लेकर पहले से रंजिश चल रही थी। सुखवीर और राधेश्याम ने विरोध किया तो दूसरे पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से सुखवीर और राधेश्याम जख्मी हो गए। बाद में राधेश्याम की मौत हो गई। मामले में सुखवीर के भाई कप्तान सिंह की ओर से नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने बाद में उन सभी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी।
सुनवाई के दौरान एडीजे ने नेकराम के चार पुत्रों जगदीश, जंडैल सिंह, श्योराज व धर्मवीर के अलावा उनके परिवार के ही चोब सिंह पुत्र चिरौंजी, सत्यवीर पुत्र जंडैल, अनिल पुत्र जगदीश और ऋषिपाल पुत्र चिरौंजी को राधेश्याम की हत्या और सुखवीर पर कातिलाना हमले का दोषी पाया। सोमवार को सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी प्रेमबाबू ने की।
बदायूं के सोवरनपुर में साढ़े चार साल पहले हुई थी वारदात
हत्या और कातिलाना हमले के मुकदमे में चार सगे भाइयों समेत आठ लोगों को एडीजे प्रथम नलिन कुमार श्रीवास्तव ने उम्र कैद की सजा सुनाई। सभी दोषियों पर 1.64 लाख रुपया जुर्माना भी ठोंका है। हत्या और कातिलाना हमले की यह वारदात करीब साढ़े चार साल पहले जरीफनगर थाने के गांव सोवरनपुर में हुई थी। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया।
जरीफनगर थाने के गांव सोवरनपुर के सुखवीर पुत्र रामेश्वर अपने भतीजे राधेश्याम के साथ में 29 जुलाई 2012 को खेत से घास लेकर लौट रहे थे। रास्ते में गांव के एक परिवार के ही कुछ लोगों ने घेर लिया और जमीन न जोतने की चेतावनी दी। इस जमीन को लेकर पहले से रंजिश चल रही थी। सुखवीर और राधेश्याम ने विरोध किया तो दूसरे पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से सुखवीर और राधेश्याम जख्मी हो गए। बाद में राधेश्याम की मौत हो गई। मामले में सुखवीर के भाई कप्तान सिंह की ओर से नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने बाद में उन सभी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी।
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सुनवाई के दौरान एडीजे ने नेकराम के चार पुत्रों जगदीश, जंडैल सिंह, श्योराज व धर्मवीर के अलावा उनके परिवार के ही चोब सिंह पुत्र चिरौंजी, सत्यवीर पुत्र जंडैल, अनिल पुत्र जगदीश और ऋषिपाल पुत्र चिरौंजी को राधेश्याम की हत्या और सुखवीर पर कातिलाना हमले का दोषी पाया। सोमवार को सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी प्रेमबाबू ने की।
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