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फसल बर्बाद होने पर एक और किसान ने जान दी

badaun Updated Mon, 06 Apr 2015 12:06 AM IST
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A crop failure  And the farmer has to know

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बेमौसम बारिश के कारण फसल बर्बाद होने से दुखी एक और किसान ने रविवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसने गांव के बाहर पाकड़ के पेड़ पर मफलर के सहारे गले में फंदा बनाकर जान दे दी । परिवार वालों का कहना है कि मुनेंद्र पर बैंक का भी एक लाख रुपया कर्ज था। एसडीएम दातागंज ओपी तिवारी, सीओ उझानी सतीश शर्मा ने गांव पहुंच कर मृतक के परिवार वालों से बात करके उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।
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उसहैत थाना क्षेत्र के गांव काकोरी निवासी मुनेंद्र गिरी (27) पुत्र सेवा गिरी आठ भाई-बहन हैं। मुनेंद्र के पिता के पास 20 बीघा जमीन है। खेते-बाड़ी का काम मुनेंद्र ही देखता था। मुनेंद्र ने करीब 30 बीघा जमीन पेशगी पर ले रखी थी। इसमें गेहूं की फसल थी। बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। परिवार वालों की मानें तो फसल बर्बाद होने से मुनेंद्र काफी दुखी था। शनिवार रात करीब 11 बजे वह खेत पर बनी पशुशाला की रखवाली करने की बात कहकर निकला था। रविवार सुबह गांव के लोग शौच को निकले, तो मुनेंद्र का शव पेड़ पर लटका दिखा।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीएम का कहना है कि मुनेंद्र का परिवार गरीब है। उसके दो भाई अपनी ही बहन की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। उसके परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।

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