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अमरूद के बाग में चल रही थी शस्त्र फैक्ट्री, दो गिरफ्तार
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:21 PM IST
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अवैध हथियार
- फोटो : डेमो
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अलापुर/ ककराला। निकाय चुनाव से पहले धरपकड़ को जुटी पुलिस ने अमरूद के बाग में असलहा बनाते दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से काफी हथियार बरामद किए हैं। इन्होंने स्वीकार किया कि चुनाव के दिनों में हथियारों की मांग काफी बढ़ गई थी, आसपास के कई जिलों में वह दस गुने मुनाफे पर हथियार बेच रहे थे।
अलापुर थाना प्रभारी आरपी शर्मा ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी कि नवादा गांव के जंगल में एक अमरूद के बाग में अवैध असलहे बनाए जा रहे हैं। सूचना पर दरोगा अश्वनी कुमार, ब्रह्मप्रकाश, सिपाही दुर्विजय और कर्णपाल को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने असलहे बनाते फुंदन पुत्र दूल्हे निवासी वार्ड तीन ककराला और चरण सिंह पुत्र माखनलाल निवासी गौरामई को दबोच लिया। इनके पास से तीन तमंचे, तीन अधबने तमंचे, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए। एसओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जेल में बंद अपराधी रवि उर्फ रविया गैंग के सदस्य हैं। बदमाशों ने बताया कि एक तमंचे की लागत करीब 300 रुपये आती है। बाद में यह 2500 से 3000 रुपये में बिक जाता है। चरण सिंह ने बताया कि उसे 1000 रुपये हिस्सा मिलता है, बाकी रुपया फुंदन के पास रहता है। बताया कि चुनाव होने के कारण काफी तमंचे बिक रहे थे। बदायूं जिले के अलावा कासगंज, शाहजहांपुर, संभल आदि स्थानों पर भी उन्होंने कई तमंचे बेचे हैं। अब पुलिस उन लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है जिन्हें इन्होंने तमंचे बेचे थे।
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अलापुर थाना प्रभारी आरपी शर्मा ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी कि नवादा गांव के जंगल में एक अमरूद के बाग में अवैध असलहे बनाए जा रहे हैं। सूचना पर दरोगा अश्वनी कुमार, ब्रह्मप्रकाश, सिपाही दुर्विजय और कर्णपाल को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने असलहे बनाते फुंदन पुत्र दूल्हे निवासी वार्ड तीन ककराला और चरण सिंह पुत्र माखनलाल निवासी गौरामई को दबोच लिया। इनके पास से तीन तमंचे, तीन अधबने तमंचे, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए। एसओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जेल में बंद अपराधी रवि उर्फ रविया गैंग के सदस्य हैं। बदमाशों ने बताया कि एक तमंचे की लागत करीब 300 रुपये आती है। बाद में यह 2500 से 3000 रुपये में बिक जाता है। चरण सिंह ने बताया कि उसे 1000 रुपये हिस्सा मिलता है, बाकी रुपया फुंदन के पास रहता है। बताया कि चुनाव होने के कारण काफी तमंचे बिक रहे थे। बदायूं जिले के अलावा कासगंज, शाहजहांपुर, संभल आदि स्थानों पर भी उन्होंने कई तमंचे बेचे हैं। अब पुलिस उन लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है जिन्हें इन्होंने तमंचे बेचे थे।
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