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शेखूपुर में शोभायात्रा को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आए, जमकर किया हंगामा
Updated Wed, 19 Sep 2018 11:26 PM IST
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बदायूं। शहर से सटे शेखूपुर गांव में गणेश की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के रास्ते को लेकर बुधवार को दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए, जिससे करीब सात घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। एक समुदाय के लोग शोभायात्रा को गांव में घुमाना चाहते थे, जबकि दूसरे समुदाय के लोग नए रास्ते से निकालने का विरोध कर रहे थे। इसका पता लगते ही प्रशासन और पुलिस की अधिकारी मौके पर जा पहुंचे। सिविल लाइंस समेत कई थानों की पुलिस और पीएसी बुला ली गई। इस बीच हिंदू संगठनों के लोग भी पहुंच गए। अफसरों ने बमुश्किल लोगों को समझाने के बाद पूर्व निर्धारित रास्ते से शोभायात्रा को निकलवाया। तनाव के मद्देनजर शेखूपुर में पुलिस-पीएसी तैनात है। इस बीच एक पक्ष के लोगों ने क्षेत्रीय विधायक धर्मेंद्र शाक्य के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
शेखूपुर में स्टेशन के पास स्थित मुन्ना लाल माहेश्वरी मंदिर से श्री गणेश प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाती है। परंपरा के अनुसार बुधवार सुबह करीब 10 बजे काफी संख्या में लोग मंदिर पर जमा हो गए। कुछ लोग शोभायात्रा को शेखूपुर गांव में घुमाकर ले जाना चाहते थे। इसकी जानकारी होने पर दूसरे समुदाय के दो-ढाई सौ लोग वहीं पड़ोस में स्थित दूसरे धार्मिक स्थल पर जा पहुंचे और शोभायात्रा को गांव में घुमाने का विरोध करने लगे। उनका साफ कहना था कि नए रास्ते से शोभायात्रा किसी हालत में नहीं निकलने दी जाएगी। मगर दूसरे समुदाय के लोग शोभायात्रा को शेखूपुर में घुमाने की जिद पर अड़े थे। पुलिस के रोकने पर भीड़ में शामिल लोग मंदिर से निकलकर सामने सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। चौकी प्रभारी ने स्थिति को तनावपूर्ण देखी तो तत्काल ही इसकी सूचना सिविल लाइन इंस्पेक्टर अनिल सिरोही को दी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ में शामिल लोग नहीं माने। इससे तनाव काफी बढ़ गया। उधर, दूसरे समुदाय के लोग अपनी तैयारी के साथ बैठे थे। धीरे-धीरे दोनों पक्षों के लोगों की संख्या बढ़ती जा रही थी। इस बीच एडीएम रामनिवास शर्मा, एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सदर पारस नाथ मौर्य, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह आदि मौके पर जा पहुंचे। पीएसी को भी बुला लिया गया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों से कई दौर में बात की। शोभायात्रा निकालने वालों से अधिकारियों ने कहा कि वह नए रास्ते से शोभायात्रा नहीं निकालने देंगे, जो रास्ते पहले से निर्धारित हैं उसी से शोभायात्रा निकाली जाएगी। अधिकारियों के समझाने के बाद अपराह्न करीब तीन बजे पुराने निर्धारित रास्ते से शोभायात्रा को निकाला गया। जो मंदिर से होते हुए कादरचौक रोड की ओर निकली। वहां से लौटने के बाद नौशेरा होते हुए कछला गई।
.... सात घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा
बदायूं। गणेश प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा को लेकर दो पक्षों के लोगों के आमने-सामने आ जाने के बाद करीब सात घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। भीड़ में शामिल महिलाएं, बच्चे, जवान सभी नारेबाजी कर रहे थे। वे शोभायात्रा केे गांव में घुमाने के अलावा कोई दूसरी बात मानने को तैयार नहीं थे। उधर, दूसरी ओर दूसरे समुदाय के लोग जमा थे, जो जुलूस को नए रास्ते पर किसी कीमत पर जाने देना नहीं चाहते थे। इसको लेकर पूरे दिन इलाके में तनाव की वजह से मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी किसी अनहोनी को लेकर चिंतित रहे। हालांकि अधिकारियों ने किसी भी तरह की बात के आगे नहीं बढ़ने को लेकर दोनों पक्षों के लोगों से नरमी से बात की।
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अधिकारी इस बात का लोगों को ध्यान भी दिला रहे थे कि यदि किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो उसके परिणाम भी अच्छे नहीं रहेंगे। लिहाजा, लोग प्रशासनिक अधिकारियों की बात को भी पूरी गंभीरता से ले रहे थे। भीड़ में शामिल कुछ शरारती लोग ऐसे थे यह चाहते थे किसी तरह मामला तूल पकड़ जाए। मगर अधिकारियों के गरम रुख के चलते उनकी एक नहीं चली। जब गणेश प्रतिमा वसर्जन शोभायात्रा निकल गई तब कहीं जाकर इस हाईवोल्टेज ड्रामे पर विराम लग सका।
विधायक के खिलाफ हुई जमकर नारेबाजी
शेखूपुर। शोभायात्रा निकाल रहे लोग जब सड़क पर बैठ गए और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें मनचाहे रास्तों से शोभायात्रा नहीं निकालने दी। तब लोगों नेे क्षेत्रीय भाजपा विधायक धर्मेंद्र शाक्य को फोन पर पूरी स्थिति से अवगत कराया। लोगों ने विधायक से मौके पर आने को कहा। कई बार कहने के बाद भी विधायक मौके पर नहीं पहुंचे। इस पर उनके लोगों ने उनके जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने विधायक समर्थकों को समझाने की कोशिश भी की। लेकिन उनका कहना था कि जब संकट की दौर में विधायक नहीं आएंगे तो उनका क्या काम।
लोगों को समझाकर शोभायात्रा को परंपरागत मार्ग से रवाना कर दिया गया। इलाके में पूरी तरह शांति है। एहतियातन पुलिस तैनात है। किसी के कोई नई परंपरा नहीं डालने दी जाएगी।
- जितेंद्र कुमार सक्सेना, एसपी सिटी
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शेखूपुर में स्टेशन के पास स्थित मुन्ना लाल माहेश्वरी मंदिर से श्री गणेश प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाती है। परंपरा के अनुसार बुधवार सुबह करीब 10 बजे काफी संख्या में लोग मंदिर पर जमा हो गए। कुछ लोग शोभायात्रा को शेखूपुर गांव में घुमाकर ले जाना चाहते थे। इसकी जानकारी होने पर दूसरे समुदाय के दो-ढाई सौ लोग वहीं पड़ोस में स्थित दूसरे धार्मिक स्थल पर जा पहुंचे और शोभायात्रा को गांव में घुमाने का विरोध करने लगे। उनका साफ कहना था कि नए रास्ते से शोभायात्रा किसी हालत में नहीं निकलने दी जाएगी। मगर दूसरे समुदाय के लोग शोभायात्रा को शेखूपुर में घुमाने की जिद पर अड़े थे। पुलिस के रोकने पर भीड़ में शामिल लोग मंदिर से निकलकर सामने सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। चौकी प्रभारी ने स्थिति को तनावपूर्ण देखी तो तत्काल ही इसकी सूचना सिविल लाइन इंस्पेक्टर अनिल सिरोही को दी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ में शामिल लोग नहीं माने। इससे तनाव काफी बढ़ गया। उधर, दूसरे समुदाय के लोग अपनी तैयारी के साथ बैठे थे। धीरे-धीरे दोनों पक्षों के लोगों की संख्या बढ़ती जा रही थी। इस बीच एडीएम रामनिवास शर्मा, एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सदर पारस नाथ मौर्य, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह आदि मौके पर जा पहुंचे। पीएसी को भी बुला लिया गया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों से कई दौर में बात की। शोभायात्रा निकालने वालों से अधिकारियों ने कहा कि वह नए रास्ते से शोभायात्रा नहीं निकालने देंगे, जो रास्ते पहले से निर्धारित हैं उसी से शोभायात्रा निकाली जाएगी। अधिकारियों के समझाने के बाद अपराह्न करीब तीन बजे पुराने निर्धारित रास्ते से शोभायात्रा को निकाला गया। जो मंदिर से होते हुए कादरचौक रोड की ओर निकली। वहां से लौटने के बाद नौशेरा होते हुए कछला गई।
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.... सात घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा
बदायूं। गणेश प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा को लेकर दो पक्षों के लोगों के आमने-सामने आ जाने के बाद करीब सात घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। भीड़ में शामिल महिलाएं, बच्चे, जवान सभी नारेबाजी कर रहे थे। वे शोभायात्रा केे गांव में घुमाने के अलावा कोई दूसरी बात मानने को तैयार नहीं थे। उधर, दूसरी ओर दूसरे समुदाय के लोग जमा थे, जो जुलूस को नए रास्ते पर किसी कीमत पर जाने देना नहीं चाहते थे। इसको लेकर पूरे दिन इलाके में तनाव की वजह से मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी किसी अनहोनी को लेकर चिंतित रहे। हालांकि अधिकारियों ने किसी भी तरह की बात के आगे नहीं बढ़ने को लेकर दोनों पक्षों के लोगों से नरमी से बात की।
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अधिकारी इस बात का लोगों को ध्यान भी दिला रहे थे कि यदि किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो उसके परिणाम भी अच्छे नहीं रहेंगे। लिहाजा, लोग प्रशासनिक अधिकारियों की बात को भी पूरी गंभीरता से ले रहे थे। भीड़ में शामिल कुछ शरारती लोग ऐसे थे यह चाहते थे किसी तरह मामला तूल पकड़ जाए। मगर अधिकारियों के गरम रुख के चलते उनकी एक नहीं चली। जब गणेश प्रतिमा वसर्जन शोभायात्रा निकल गई तब कहीं जाकर इस हाईवोल्टेज ड्रामे पर विराम लग सका।
विधायक के खिलाफ हुई जमकर नारेबाजी
शेखूपुर। शोभायात्रा निकाल रहे लोग जब सड़क पर बैठ गए और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें मनचाहे रास्तों से शोभायात्रा नहीं निकालने दी। तब लोगों नेे क्षेत्रीय भाजपा विधायक धर्मेंद्र शाक्य को फोन पर पूरी स्थिति से अवगत कराया। लोगों ने विधायक से मौके पर आने को कहा। कई बार कहने के बाद भी विधायक मौके पर नहीं पहुंचे। इस पर उनके लोगों ने उनके जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने विधायक समर्थकों को समझाने की कोशिश भी की। लेकिन उनका कहना था कि जब संकट की दौर में विधायक नहीं आएंगे तो उनका क्या काम।
लोगों को समझाकर शोभायात्रा को परंपरागत मार्ग से रवाना कर दिया गया। इलाके में पूरी तरह शांति है। एहतियातन पुलिस तैनात है। किसी के कोई नई परंपरा नहीं डालने दी जाएगी।
- जितेंद्र कुमार सक्सेना, एसपी सिटी