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गंभीर चोट पहुंचाने पर दो भाइयों को सात-सात साल की कैद
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बदायूं। पांच साल पुराने गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश दशम शक्तिपुत्र तोमर ने दो सगे भाइयों को सात-सात साल की कड़ी कैद सहित 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बन्नी ढकपुरा का है। गांव के ही वादी राय सिंह ने रिपोर्ट लिखाई थी कि 24 मई 2014 को उसके घर पर कथा की दावत चल रही थी। तभी गांव के पप्पू, सानेश पुत्रगण आराम सिंह और आराम सिंह, कलेक्टर सिंह पुत्रगण अमर सिंह ने आकर उसके घर पर गाली गलौज शुरू कर दी और जेनरेटर बंद करने को कहा। राय सिंह ने थोड़ी देर में जेनरेटर बंद करने की बात कही तो इसी बात पर नाराज होकर चारों ने लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी और हाथ में लिए लाठी-डंडों से वादी और उसके पुत्र ओमवीर को मारा पीटा। ओमवीर के सिर में गंभीर चोटें आई। राय सिंह ने पप्पू, सानेश, आराम सिंह और कलेक्टर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आराम सिंह और कलेक्टर सिंह की नामजदगी झूठी पाई और पप्पू और सानेश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
अपर सत्र न्यायाधीश शक्तिपुत्र तोमर ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी बिलालउद्दीन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुनने के बाद पप्पू और सानेश को गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में मुजरिम करार देते हुए सात-सात साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई, साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला।
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यह मामला बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बन्नी ढकपुरा का है। गांव के ही वादी राय सिंह ने रिपोर्ट लिखाई थी कि 24 मई 2014 को उसके घर पर कथा की दावत चल रही थी। तभी गांव के पप्पू, सानेश पुत्रगण आराम सिंह और आराम सिंह, कलेक्टर सिंह पुत्रगण अमर सिंह ने आकर उसके घर पर गाली गलौज शुरू कर दी और जेनरेटर बंद करने को कहा। राय सिंह ने थोड़ी देर में जेनरेटर बंद करने की बात कही तो इसी बात पर नाराज होकर चारों ने लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी और हाथ में लिए लाठी-डंडों से वादी और उसके पुत्र ओमवीर को मारा पीटा। ओमवीर के सिर में गंभीर चोटें आई। राय सिंह ने पप्पू, सानेश, आराम सिंह और कलेक्टर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आराम सिंह और कलेक्टर सिंह की नामजदगी झूठी पाई और पप्पू और सानेश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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अपर सत्र न्यायाधीश शक्तिपुत्र तोमर ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी बिलालउद्दीन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुनने के बाद पप्पू और सानेश को गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में मुजरिम करार देते हुए सात-सात साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई, साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला।
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