सीओ साहब चौराहे पर खड़ी इन डग्गामार बसो को कब हटवाएंगे ?

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Sun, 25 Nov 2018 06:43 PM IST
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सीओ साहब! चौराहे पर खड़ी इन डग्गामार बसों को कब हटवाएंगे ?
रोडवेज के ठीक सामने रोड पर अवैध रूप से खड़ी होती हैं डग्गामार बसें
रोडवेज चौकी पुलिस बस संचालकों से वसूलती है दो सौ रुपये प्रति चक्कर
‘ट्रैफिक मिशन’ से लोगों को जाम से मुक्ति मिलने की बंधी आस अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। शासनादेश के मुताबिक रोडवेज से 100 मीटर की परिधि में डग्गामार वाहनों में सवारियां बैठाना गैरकानूनी है। मगर यहां तो रोडवेज बस स्टैंड के ठीक सामने सड़क पर डग्गामार बस संचालक खुलेआम सवारियां बैठाते हैं। इन बसों के खड़े होने के स्थान से रोडवेज पुलिस चौकी की दूरी करीब 20 मीटर है। आरोप है कि रोडवेज चौकी वाले सड़क पर खड़े होने के बदले बस संचालकों से प्रति चक्कर दो सौ रुपये लेते हैं। पुलिस यह अवैध वसूली रोडवेज चौराहे पर ठेला लगाकर पेठा बेचने वाले से कराती है। इन बसों को रोड पर खड़े होने से चौराहे पर अक्सर जाम लगता है। इसी को देखते हुए सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर ने ‘ट्रैफिक मिशन’ शुरू किया है। इससे लोगों को उम्मीद है कि रोड पर खड़ी होने वाली बसों और जाम से कुछ निजात मिलेगा।
रोजाना की तरह रविवार को सुबह से एक-एक कर डग्गामार बसें नंबर पर लगीं और सवारियां बैठाकर अपने गंतव्य को रवाना होती गईं। खास बात यह कि ये डग्गामार बसें सिर्फ बरेली को जाती-आती हैं। इनकी संख्या करीब 40 से 60 के बीच है। हर आधा घंटे के बाद एक बस बरेली के लिए रवाना होती है। जबकि सड़क के ठीक दूसरी तरफ रोडवेज बस स्टैंड है। इसके बावजूद यह प्राइवेट बसें आराम से धड़ल्ले से दौड़ रहीं हैं। इन डग्गामार बसों में चलने वाले कर्मचारी आवाज देकर रोडवेज बसों में जाने वाली सवारियों को अपनी गाड़ी में बैठा लेते हैं। इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि रोडवेज चौकी पुलिस की मेहरबानी और परिवहन निगम की मिलीभगत है।



एक ठेले वाला लगाता है बसों के नंबर
यह प्राइवेट बसें कोई ऐसे ही नहीं दौड़ रहीं हैं, इनका भी एक सिस्टम बना हुआ है। सभी बसों के चालकों में समझौता है। रोडवेज स्टैंड पर एक ठेले वाला बाकायदा इनके नंबर लगाता है। उसके पास सभी बसों के नंबर लिखे हैं। पहले जाने वाली बस, आखिरी नंबर की बस के बाद लाइन में लगेगी। इसके लिए ठेले वाले को भी मेहताना दिया जाता है।
चौराहे पर रहती पुलिस मौजूद पुलिस पर कोई ऐसे ही उंगली नहीं उठती, उसका भी बड़ा कारण होता है। रोडवेज स्टैंड का चौराहा या प्राइवेट बसें कोई छिपाने वाली वस्तु नहीं हैं। चौराहे पर हर समय पुलिस और चौकी इंचार्ज रहते हैं। जबकि सभी को अच्छी तरह पता है कि चौराहे पर या सड़क पर वाहन खड़े न करने के आदेश हैं। एक ओर पुलिस यातायात नियमों का प्रचार-प्रसार कर रही है तो वहीं दूसरी ओर खुद ही बसें न हटवाकर बढ़ावा दे रही है।


यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा, जो बसें चौराहे पर खड़ी होती हैं, उनको हटवाने के लिए चौकी इंचार्ज से कहा है। अगर वह नहीं हटवाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चौराहे पर कोई बस या प्राइवेट वाहन खड़ा नहीं होगा।
-राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ सिटी
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