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पुलिस के डर से पेंपल गांव छोड़कर भागे नामजद आरोपी
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बदायूं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से पुलिस टीम पर हमला करने वाले ग्रामीणों को अब गिरफ्तारी का डर सता रहा है। इससे अधिकतर नामजद ग्रामीण पेंपल गांव छोड़कर भाग गए हैं। जो लोग शेष बचे हैं, वे पुलिस के डर से इधर-उधर बचते फिर रहे हैं।
विगत छह अगस्त को पेंपल गांव से लापता सुखवीर का बाग में क्षतविक्षत शव पड़ा मिला था। सुखवीर 24 जुलाई को खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। तब से परिवार वाले उसे तलाश कर रहे थे। जब उसका कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने थाने जाकर युवक की गुमशुदगी दर्ज करा दी। बाद में पुलिस ने यह मामला अपहरण में तरमीम कर लिया। परिवार वाले थाना पुलिस से इस बात से नाराज थे कि उन्हें लगातार यह बताया जा रहा था कि युवक जीवित है और सकुशल है। उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली है। उसे लाने को जल्द ही टीम रवाना की जाएगी।
जब छह अगस्त को उसका शव पड़ा तो परिवार वाले और ग्रामीण गुस्से में आ गए। उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। कुछ पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट की। इसमें एसओ प्रकाश सिंह और सिपाही पुष्पेंद्र घायल हुए थे। रविवार देर रात पुलिस ने पुलिस पर हमला करने वाले लोगों को चिह्नित कर 16 नामजद और सौ अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कर ली। अभी इसमें किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है लेकिन ग्रामीण मामला दर्ज होने के बाद से डर गए हैं। उनमें अधिकतर आरोपी गांव छोड़कर चले गए हैं जबकि कुछ आरोपी रात को अपने घरों पर नहीं सो रहे हैं। वे पुलिस से बचते फिर रहे हैं।
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दो हत्यारोपी भी नहीं पकड़े गए
थाना पुलिस ने सुखवीर की हत्या में नामजद दो आरोपियों को भी नहीं पकड़ा है। आरोपी कल्लू और सुधा भी अपना घर छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस इसमें नामजद दो और प्रकाश में आए दो आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है।
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विगत छह अगस्त को पेंपल गांव से लापता सुखवीर का बाग में क्षतविक्षत शव पड़ा मिला था। सुखवीर 24 जुलाई को खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। तब से परिवार वाले उसे तलाश कर रहे थे। जब उसका कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने थाने जाकर युवक की गुमशुदगी दर्ज करा दी। बाद में पुलिस ने यह मामला अपहरण में तरमीम कर लिया। परिवार वाले थाना पुलिस से इस बात से नाराज थे कि उन्हें लगातार यह बताया जा रहा था कि युवक जीवित है और सकुशल है। उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली है। उसे लाने को जल्द ही टीम रवाना की जाएगी।
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जब छह अगस्त को उसका शव पड़ा तो परिवार वाले और ग्रामीण गुस्से में आ गए। उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। कुछ पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट की। इसमें एसओ प्रकाश सिंह और सिपाही पुष्पेंद्र घायल हुए थे। रविवार देर रात पुलिस ने पुलिस पर हमला करने वाले लोगों को चिह्नित कर 16 नामजद और सौ अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कर ली। अभी इसमें किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है लेकिन ग्रामीण मामला दर्ज होने के बाद से डर गए हैं। उनमें अधिकतर आरोपी गांव छोड़कर चले गए हैं जबकि कुछ आरोपी रात को अपने घरों पर नहीं सो रहे हैं। वे पुलिस से बचते फिर रहे हैं।
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दो हत्यारोपी भी नहीं पकड़े गए
थाना पुलिस ने सुखवीर की हत्या में नामजद दो आरोपियों को भी नहीं पकड़ा है। आरोपी कल्लू और सुधा भी अपना घर छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस इसमें नामजद दो और प्रकाश में आए दो आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है।