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महंगे तेल से रिफाइनिंग कंपनियों की चांदी: विपणन कंपनियां पस्त; इन दो कंपनियों को कैसे मिल रहा फायदा?

Sat, 05 Sep 2026 05:12 AM IST
निर्मल कांत बोनस डेस्क, नई दिल्ली।
बोनस डेस्क, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 05 Sep 2026 05:12 AM IST
सार

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चा तेल फिर 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। आम तौर पर इससे तेल विपणन कंपनियों पर दबाव बढ़ता है, लेकिन डीजल की तंग आपूर्ति से रिफाइनिंग कंपनियों की कमाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। आखिर किन दो कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है? पढ़िए रिपोर्ट

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crude oil price refining companies benefit diesel margins record high
कच्चा तेल महंगा, फिर भी रिफाइनिंग कंपनियों की बल्ले-बल्ले - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा भड़के तनाव ने कच्चे तेल के वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के चलते ब्रेंट कच्चा तेल फिर से 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। आम तौर पर महंगा क्रूड भारतीय अर्थव्यवस्था और सरकारी तेल विपणन कंपनियों, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के मार्जिन के लिए नकारात्मक माना जाता है लेकिन इस बार सिक्के का दूसरा पहलू बेहद चमकदार है।
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डीजल और हवाई ईंधन की तंग आपूर्ति के चलते रिफाइनिंग मार्जिन में ऐतिहासिक उछाल आया है। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज और डीजल क्रैक मार्जिन 6.6 डॉलर प्रति बैरल की छलांग लगाकर 84.4 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 2011 के बाद से यह अब तक का सर्वोच्च स्तर है। चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की ताजा रिसर्च रिपोर्ट ‘क्रूड कंपास’ के मुताबिक, डीजल की कीमतों में यह तेजी कच्चे तेल की कीमतों के मुकाबले कहीं अधिक तेज है, जिससे शुद्ध रूप से रिफाइनिंग करने वाली कंपनियों का सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) आसमान छूने की स्थिति में आ गया है।
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एमआरपीएल की रेटिंग अच्छी
मंगलूर रिफाइनरी (एमआरपीएल) और चेन्नै पेट्रोलियम (सीपीसीएल) निवेश के लिहाज से आकर्षक हैं। एमआरपीएल को 175.40 रुपये के शुक्रवार के बंद भाव से 215 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘खरीदें’ रेटिंग दी गई है, यानी करीब 22.6% संभावित बढ़त। इसका मुख्य कारण डीजल एक्सपोजर और क्रूड की तुलना में डीजल प्रीमियम में तेजी है। वहीं सीपीसीए के लिए 1,540 रुपये का लक्ष्य है, जो 6.1% संभावित बढ़त दर्शाता है। मजबूत रिफाइनिंग क्षमता और बेहतर जीआरएम इसकी प्रमुख वजह हैं।
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इन कंपनियों पर रखें नजर 
चॉइस ब्रोकिंग की रिपोर्ट के अनुसार, जहां तेल विपणन कंपनियों के लिए महंगा क्रूड एक सिरदर्द है, वहीं ज्यादा डीजल उत्पादन करने वाली रिफाइनिंग कंपनियों मंगलूर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) और चेन्नै पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) को इसका सीधा और बड़ा फायदा मिल रहा है। चॉइस ब्रोकिंग ने इन दोनों शेयरों को खरीदने की सलाह दी है।
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