{"_id":"5d7f91dd8ebc3e01542f73c3","slug":"crime-badaun-news-bly3763747139","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमरौली के युवकों से लूट समेत वृद्घ की हत्या में चार बदमाश गिरफ्तार, नकदी भी बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमरौली के युवकों से लूट समेत वृद्घ की हत्या में चार बदमाश गिरफ्तार, नकदी भी बरामद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी/ बदायूं। पांच दिन पहले जमरौली निवासी बाइक सवारों से लूट का विरोध करने पर वृद्ध की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने संजरपुर रोड पर चार बदमाशों को दबोच लिया। पुलिस को उनसे तमंचे और कारतूस भी मिले। लूटी गई रकम से बदमाशों के पास करीब 41 सौ रुपये बरामद किए गए हैं। घटना को छह बदमाशों ने अंजाम दिया था। इनमें दो अभी फरार हैं। सोमवार को एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने इसका खुलासा कर फरार दो बदमाशों की तलाश भी शुरू करा दी है।
लूट और हत्याकांड में कोतवाली पुलिस को सफलता रविवार रात मिली। बदमाशों की धरपकड़ को जुटी इंस्पेक्टर विनोद कुमार चाहर की अगुवाई वाली पुलिस टीम को संजरपुर रोड पर मिनी औद्योगिक आस्थान केंद्र के पास चहलकदमी नजर आई। इस पर पुलिस ने घेराबंदी की और चार बदमाशों को दबोच लिया। उनसे चार तमंचे और कारतूस भी निकले। बदमाशों के दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए। सोमवार तड़के तक पूछताछ के बाद बदमाशों ने बताया कि उन्होंने 11 सितंबर को मानकपुर रोड पर गांव जमरौली निवासी बाइक सवार कुंवरपाल और कृपाल से नकदी लूट ली थी। लूट का विरोध करने पर कुंवरपाल के पिता आनंद पाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों के पास से 41 सौ 70 रुपये भी बरामद हो गए।
एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि घटना में पकड़े गए बदमाशों में मुक्तदीर पुत्र सरफराज और फिरोज उर्फ रूसी उर्फ राजेश वाल्मीकि मानकपुर तो नन्हे उर्फ बादशाह कोतवाली क्षेत्र के ही गांव अल्लापुर चमारी और वेदप्रकाश उझानी के मोहल्ला बाजारकलां का निवासी है। घटना में छह बदमाश शामिल थे। मानकपुर निवासी बदमाश फारूख और राकेश भागे हुए हैं। बाइक सवारों से लूटे गए दोनों बैग भी उन्हीं के पास हैं। पकड़े गए बदमाश चोरी और लूट की छोटी घटनाओं में भी लिप्त रहे हैं। फिरोज और वेदप्रकाश पर गैंगस्टर का केस भी चल रहा है। एसएसपी ने बदमाशों को दबोच कर केस का वर्कआउट करने वाली पुलिस टीम में शामिल इंसपेक्टर के अलावा दरोगा अशोक कुमार और जितेंद्र सक्सेना के साथ सभी पुलिस कर्मियों की हौसलाफजाई की है।
विज्ञापन
चेहरे पर बंधा गमछा खुलते ही आनंद पाल ने पहचान लिया था मुक्तदीर
उझानी। लूट के दौरान बदमाशों से भिड़े आनंद पाल को यूं ही गोली नहीं मारी बल्कि पहचान हो जाने की वजह से उन्हें पकड़े जाने का डर सताने लग गया था। पकड़े गए बदमाश मुक्तदीर ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान उनके चेहरे पर गमछे बंधे थे। उसी दौरान आनंद पाल ने उसे दबोच लिया। छीनाझपटी में उसका गमछा खुलते ही आनंद पाल ने पहचान लिया था। इसके बाद ही मुक्तदीर ने तमंचे से उसके ऊपर फायर झोंक दिया। मुक्तदीर की गोली लगने से ही आनंद पाल की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
लूट और हत्याकांड में कोतवाली पुलिस को सफलता रविवार रात मिली। बदमाशों की धरपकड़ को जुटी इंस्पेक्टर विनोद कुमार चाहर की अगुवाई वाली पुलिस टीम को संजरपुर रोड पर मिनी औद्योगिक आस्थान केंद्र के पास चहलकदमी नजर आई। इस पर पुलिस ने घेराबंदी की और चार बदमाशों को दबोच लिया। उनसे चार तमंचे और कारतूस भी निकले। बदमाशों के दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए। सोमवार तड़के तक पूछताछ के बाद बदमाशों ने बताया कि उन्होंने 11 सितंबर को मानकपुर रोड पर गांव जमरौली निवासी बाइक सवार कुंवरपाल और कृपाल से नकदी लूट ली थी। लूट का विरोध करने पर कुंवरपाल के पिता आनंद पाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों के पास से 41 सौ 70 रुपये भी बरामद हो गए।
विज्ञापन
एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि घटना में पकड़े गए बदमाशों में मुक्तदीर पुत्र सरफराज और फिरोज उर्फ रूसी उर्फ राजेश वाल्मीकि मानकपुर तो नन्हे उर्फ बादशाह कोतवाली क्षेत्र के ही गांव अल्लापुर चमारी और वेदप्रकाश उझानी के मोहल्ला बाजारकलां का निवासी है। घटना में छह बदमाश शामिल थे। मानकपुर निवासी बदमाश फारूख और राकेश भागे हुए हैं। बाइक सवारों से लूटे गए दोनों बैग भी उन्हीं के पास हैं। पकड़े गए बदमाश चोरी और लूट की छोटी घटनाओं में भी लिप्त रहे हैं। फिरोज और वेदप्रकाश पर गैंगस्टर का केस भी चल रहा है। एसएसपी ने बदमाशों को दबोच कर केस का वर्कआउट करने वाली पुलिस टीम में शामिल इंसपेक्टर के अलावा दरोगा अशोक कुमार और जितेंद्र सक्सेना के साथ सभी पुलिस कर्मियों की हौसलाफजाई की है।
विज्ञापन
चेहरे पर बंधा गमछा खुलते ही आनंद पाल ने पहचान लिया था मुक्तदीर
उझानी। लूट के दौरान बदमाशों से भिड़े आनंद पाल को यूं ही गोली नहीं मारी बल्कि पहचान हो जाने की वजह से उन्हें पकड़े जाने का डर सताने लग गया था। पकड़े गए बदमाश मुक्तदीर ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान उनके चेहरे पर गमछे बंधे थे। उसी दौरान आनंद पाल ने उसे दबोच लिया। छीनाझपटी में उसका गमछा खुलते ही आनंद पाल ने पहचान लिया था। इसके बाद ही मुक्तदीर ने तमंचे से उसके ऊपर फायर झोंक दिया। मुक्तदीर की गोली लगने से ही आनंद पाल की मौत हो गई थी।