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जिला कारागार में पब्लिक एड्रेस सिस्टम से हुई भैया दूज
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बदायूं। जिला कारागार में 40 बहनों ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम से अपने बंदी भाइयों को दूज दी। जेल प्रशासन ने उनका सामान सैनिटाइज करवाकर सुरक्षित रख लिया है। इसको 24 घंटे बाद बंदियों को दे दिया जाएगा। जिन बहनों ने दीपावली के दिन अपना सामान जमा किया गया, वह सामान सोमवार को बंदियों को दे दिया गया। उन्होंने स्वयं टीका लगाकर दूज मनाई।
सोमवार को कोरोना संक्रमण के चलते जिला कारागार में मुलाकात पर पाबंदी लगी हुई है। इस समय जिला कारागार में बंदियों से मुलाकात नहीं हो रही है। बंदियों से जो भी मुलाकात करने आता है। उनका सामान सैनिटाइज करवाकर बंदियों तक पहुंचा दिया जाता है। शनिवार को जिला कारागार में 20 बहनें अपने बंदी भाइयों को दूज का सामान लेकर पहुंचीं। जेल प्रशासन ने उनका सामान सैनिटाइज करवाकर रख लिया था। उनका सामान बंदियों को तुरंत नहीं दिया गया। 24 घंटे बीतने के बाद सोमवार को उनका सामान बंदियों को दे दिया, जिससे बंदियों ने स्वयं तिलक लगाकर भइया दूज मनाई। इधर, सोमवार को भी करीब 40 बहनें दूज का सामान लेकर जिला कारागार पहुंचीं। उच्चाधिकारियों के आदेश पर उनकी मुलाकात पब्लिक एड्रेस सिस्टम से कराई गई। जिला कारागार के एक द्वार पर बहनें खड़ी रहीं, जबकि उनके बंदी भाइयों को दूसरे द्वार पर खड़ा किया गया। वहीं से लाउडस्पीकर के माध्यम से उन्होंने एक-दूसरे का हाल चाल पूछा और गोला-रोली बंदी रक्षकों की सुपुर्दगी में दे दिया। उनका सामान 24 घंटे बाद बंदियों को दे दिया जाएगा। जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से मुलाकात पर पाबंदी लगी ह़ुई है। इससे बहनों की मुलाकात पब्लिक एड्रेस सिस्टम से कराई गई। कोरोना नियमों का पूरा ख्याल रखा गया।
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सोमवार को कोरोना संक्रमण के चलते जिला कारागार में मुलाकात पर पाबंदी लगी हुई है। इस समय जिला कारागार में बंदियों से मुलाकात नहीं हो रही है। बंदियों से जो भी मुलाकात करने आता है। उनका सामान सैनिटाइज करवाकर बंदियों तक पहुंचा दिया जाता है। शनिवार को जिला कारागार में 20 बहनें अपने बंदी भाइयों को दूज का सामान लेकर पहुंचीं। जेल प्रशासन ने उनका सामान सैनिटाइज करवाकर रख लिया था। उनका सामान बंदियों को तुरंत नहीं दिया गया। 24 घंटे बीतने के बाद सोमवार को उनका सामान बंदियों को दे दिया, जिससे बंदियों ने स्वयं तिलक लगाकर भइया दूज मनाई। इधर, सोमवार को भी करीब 40 बहनें दूज का सामान लेकर जिला कारागार पहुंचीं। उच्चाधिकारियों के आदेश पर उनकी मुलाकात पब्लिक एड्रेस सिस्टम से कराई गई। जिला कारागार के एक द्वार पर बहनें खड़ी रहीं, जबकि उनके बंदी भाइयों को दूसरे द्वार पर खड़ा किया गया। वहीं से लाउडस्पीकर के माध्यम से उन्होंने एक-दूसरे का हाल चाल पूछा और गोला-रोली बंदी रक्षकों की सुपुर्दगी में दे दिया। उनका सामान 24 घंटे बाद बंदियों को दे दिया जाएगा। जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से मुलाकात पर पाबंदी लगी ह़ुई है। इससे बहनों की मुलाकात पब्लिक एड्रेस सिस्टम से कराई गई। कोरोना नियमों का पूरा ख्याल रखा गया।
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