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कैसे दूर होगी बेरोजगारी....बैंक नहीं निभा रहे जिम्मेदारी
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बदायूं। स्वरोजगार योजनाओं के तहत युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है, जिनमें शासन स्तर से एक जिला-एक उत्पाद, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजनाएं संचालित है। ये जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से चलाई जा रही है। इसके पीछे शासन का उद्देश्य है कि जो बेरोजगार हैं वे बैंक से ऋण लेकर आसानी से अपना रोजगार शुरू कर सकें, लेकिन बैंकों की मनमानी के चलते शासन की ये योजनाएं अभी तक जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है, क्योंकि इसमें बैंक ने बीच में अड़ंगा डाल दिया है। हालत ये हैं कि उद्योग केंद्र द्वारा 552 फाइलें ऋण देने को विभिन्न बैंकों में भेजीं जिसमेें 322 अभी तक लंबित पड़ी हैं जबकि 85 फाइलों को स्वीकृत करने के बाद भी लाभार्थियों को ऋण नहीं दिया गया।
शासन के द्वारा स्वदेशी चीजों को बढ़ावा देने के लिए एक जनपद- एक उत्पाद योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जिले में जरी जरदोरी उत्पाद को शामिल किया गया। योजना का लाभ लेने के लिए काफी लोगों ने आवेदन किया था। इसमें उद्योग केंद्र के द्वारा 162 लोगों का चयन किया गया था, साथ ही ऋण देने के लिए फाइल को संबंधित बैंकों में आवेदन भेज दिए। इसमें 102 आवेदन बैंक अभी लंबित है, जबकि 34 लाभार्थियों की पत्रावलियों को स्वीकृत मिलने के बाद भी लोन नहीं दिया। यहीं हाल मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का है। इस योजना के तमाम लोगों ने आवेदन किया। लेकिन उद्योग केंद्र द्वारा 272 पात्रों लोगों को पात्र माना। इनकी फाइल ऋण देने के लिए बैंक भेजी गई। वहां पर अभी तक 156 पत्रावली लंबित चल रही हैं, जबकि 51 को स्वीकृति मिली है, लेकिन इन्हें ऋण नहीं मिला है। यही हाल प्रधानमंत्री सृजन रोजगार योजना का है। इस योजना में जिले में 118 लोगों ने आवेदन किया गया था। इन्हें उद्योग केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद में संबंधित बैंको को भेज दिया। लेकिन यहां पर भी बैकों की लापरवाही सामने आयी। यहां पर 64 आवेदन लंबित पड़े हुए हैं।
इन बैंकों में हैं सबसे ज्यादा फाइलें लंबित
मुख्य बैंक आवेदन लंबित
पंजाब नेशनल बैंक 93 49
भारतीय स्टेट बैंक 61 40
बैंक ऑफ बड़ौदा 40 28
सर्व यूपी प्रथमा बैंक 44 27
- बुधवार को कलक्ट्रेट में हुई बैठक में डीएम कुमार प्रशांत ने ऋण पत्रावलियों को अटकाने वाले बैंक मैनेजरों को साफ चेतावनी दी कि यदि ऐसा किया गया तो मैनेजर कार्रवाई को तैयार रहें। उन्होंने ऐसा करने वाले मैनेजरों के वेतन से कटौती करने तथा उन पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
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उद्योग केंद्र के माध्यम से शासन की तीन प्रमुख योजनाएं संचालित हैं। योजनाओं का लाभ पाने के लिए काफी लोगों ने आवेदन किए थे। उन पत्रावली की जांच करने के उपरांत फाइल बैंकों को भेजी गईं, लेकिन बैंकों में अधिकांश पत्रावलियों को स्वीकृत नहीं किया गया है। जिस वजह से लाभार्थियों को ऋण नहीं मिल पा रहा है।
- धर्मेंद्र दास भास्कर, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र
डीएम की तरफ से निर्देश मिले हैं, उनके बारे में सभी बैंक प्रबंधकों को जानकारी दे दी गई है कि जिन बैंक शाखाओं में लोन के लिए फाइल लंबित हैं, उस पर लोन स्वीकृत करें। अगर फाइल में कमी है, तो उसे आपत्ति लगाते हुए तुरंत वापस कर दें।
- श्याम पासवान, एलडीएम
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शासन के द्वारा स्वदेशी चीजों को बढ़ावा देने के लिए एक जनपद- एक उत्पाद योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जिले में जरी जरदोरी उत्पाद को शामिल किया गया। योजना का लाभ लेने के लिए काफी लोगों ने आवेदन किया था। इसमें उद्योग केंद्र के द्वारा 162 लोगों का चयन किया गया था, साथ ही ऋण देने के लिए फाइल को संबंधित बैंकों में आवेदन भेज दिए। इसमें 102 आवेदन बैंक अभी लंबित है, जबकि 34 लाभार्थियों की पत्रावलियों को स्वीकृत मिलने के बाद भी लोन नहीं दिया। यहीं हाल मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का है। इस योजना के तमाम लोगों ने आवेदन किया। लेकिन उद्योग केंद्र द्वारा 272 पात्रों लोगों को पात्र माना। इनकी फाइल ऋण देने के लिए बैंक भेजी गई। वहां पर अभी तक 156 पत्रावली लंबित चल रही हैं, जबकि 51 को स्वीकृति मिली है, लेकिन इन्हें ऋण नहीं मिला है। यही हाल प्रधानमंत्री सृजन रोजगार योजना का है। इस योजना में जिले में 118 लोगों ने आवेदन किया गया था। इन्हें उद्योग केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद में संबंधित बैंको को भेज दिया। लेकिन यहां पर भी बैकों की लापरवाही सामने आयी। यहां पर 64 आवेदन लंबित पड़े हुए हैं।
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इन बैंकों में हैं सबसे ज्यादा फाइलें लंबित
मुख्य बैंक आवेदन लंबित
पंजाब नेशनल बैंक 93 49
भारतीय स्टेट बैंक 61 40
बैंक ऑफ बड़ौदा 40 28
सर्व यूपी प्रथमा बैंक 44 27
- बुधवार को कलक्ट्रेट में हुई बैठक में डीएम कुमार प्रशांत ने ऋण पत्रावलियों को अटकाने वाले बैंक मैनेजरों को साफ चेतावनी दी कि यदि ऐसा किया गया तो मैनेजर कार्रवाई को तैयार रहें। उन्होंने ऐसा करने वाले मैनेजरों के वेतन से कटौती करने तथा उन पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
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उद्योग केंद्र के माध्यम से शासन की तीन प्रमुख योजनाएं संचालित हैं। योजनाओं का लाभ पाने के लिए काफी लोगों ने आवेदन किए थे। उन पत्रावली की जांच करने के उपरांत फाइल बैंकों को भेजी गईं, लेकिन बैंकों में अधिकांश पत्रावलियों को स्वीकृत नहीं किया गया है। जिस वजह से लाभार्थियों को ऋण नहीं मिल पा रहा है।
- धर्मेंद्र दास भास्कर, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र
डीएम की तरफ से निर्देश मिले हैं, उनके बारे में सभी बैंक प्रबंधकों को जानकारी दे दी गई है कि जिन बैंक शाखाओं में लोन के लिए फाइल लंबित हैं, उस पर लोन स्वीकृत करें। अगर फाइल में कमी है, तो उसे आपत्ति लगाते हुए तुरंत वापस कर दें।
- श्याम पासवान, एलडीएम