बदायूं। बिना कारण तीन दिन तक अनुपस्थित रहने पर छात्र को अब बुलावा टोली उनके घर जाकर कारण जानेगी। अनुचित कारण मिलने पर टीम विद्यार्थी को घर से स्कूल अपने साथ लेकर आएगी। इसके बाद उसकी काउंसलिंग की जाएगी। वहीं महीने भर से अधिक अनुपस्थित रहने पर छात्र ड्रॉपआउट माना जाएगा। इसके लिए बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है।
बीएसए वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद के सभी 2155 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति 75 फीसदी करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। बताया कि जो बच्चा तीन दिन तक बिना कारण विद्यालय नहीं आएगा, उसके घर बुलावा टोली कारण जानने जाएगी। यदि कोई बच्चा छह या उससे ज्यादा दिन तक अनुपस्थित रहता है तो प्रधानाध्यापक उसके घर जाकर संपर्क करेंगे। यही नहीं, अब जिले में सर्वाधिक व न्यूनतम उपस्थिति वाले 10-10 परिषदीय स्कूलों की सूची भी तैयार कर की जाएगी। इसके लिए बीईओ को निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। 30 दिन से अधिक दिन तक अनुपस्थित रहने व नेट मूल्यांकन में 35 से कम अंक मिलने पर बच्चों के माता-पिता की भी काउंसलिंग की जाएगी। ऐसे बच्चों को ड्रॉपआउट मानते हुए उनकी उपचारात्मक कक्षाएं चलाई जाएंगी। बीएसए ने बताया कि शासन के आदेश से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ ही प्रधानाध्यापकों को भी अवगत करा दिया गया है। बताया कि स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सख्ती की जाएगी।