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अब सहकारी समितियां जारी करेंगी गन्ने की पर्चियां
Updated Mon, 20 Aug 2018 12:12 AM IST
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बदायूं। गन्ना माफिया पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने गन्ने की पर्चियां जारी करने का अधिकार चीनी मिल प्रबंधन से छीन लिया है। अब गन्ने की पर्चियां सहकारी समितियां जारी करेंगी। इस संबंध में गन्ना/ चीनी आयुक्त की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। अब किसानों को सर्वे, सट्टे की पर्ची की प्रिंटिंग के बारे में एसएमएस के जरिये सूचना दी जाएगी।
चीनी मिल की ओर से जारी होने वाली पर्चियों को लेकर हमेशा शिकायतें जिलास्तर से लेकर शासन तक पहुंचती रहती थीं। इसमें कई बार किसान इसमें घोटाले की आशंका तक व्यक्त की थी। इसको ध्यान में रखते हुए शासन स्तर से इस बार चीनी मिल की जगह सहकारी समितियों को पर्ची बांटने का काम दिया गया है। इसके लिए 16 अगस्त से गन्ना विकास विभाग और चीनी मिल के कर्मी गांव-गांव जाकर सट्टा सूचियों का प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों की शिकायतों, आपत्तियों का मौके पर ही जांच कर निराकरण किया जा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी रामकिशन ने बताया कि कार्यदायी संस्था जिले में एक पर्ची निर्गमन केंद्र की स्थापना करेंगी। इस पर विभाग का पूरा नियंत्रण होगा। गन्ना समितियों के सचिव और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक इन केंद्रों का नियमित निरीक्षण एवं जांच करेंगे। उनके अलावा उप गन्ना आयुक्त एवं नामित नोडल अधिकारी भी समय-समय पर इसकी आकस्मिक जांच करेंगे। कोई भी कमी मिलने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से कहा है कि वह लगातार समितियों के संपर्क में रहें। जरूरी दस्तावेजों को जमा करें।
जिले में गन्ने का रकवा
-जिले में गन्ने का रकवा 28569 हैक्टेयर है। इसमें यदु शुगर मिल 8726 हेक्टेयर, साधन सहकारी चीनी मिल शेखूपुर 2941 हेक्टेयर, न्यौली शुगर मिल 2795 हेक्टेयर, करीमगंज रामपुर 1744, फरीदपुर बरेली 875 हेेक्टयेर और रजपुरा चीनी का 1788 हेक्टेयर गन्ने का रकवा है।
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पहले चीनी मिल की ओर से गन्ने की पर्चियां जारी की जाती थीं। इसमें काफी शिकायतें शासन की मिल रहीं थीं। वहीं से इस बार सहकारी समितियों को पर्ची बांटने के निर्देश दिए गए हैं।
रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी
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चीनी मिल की ओर से जारी होने वाली पर्चियों को लेकर हमेशा शिकायतें जिलास्तर से लेकर शासन तक पहुंचती रहती थीं। इसमें कई बार किसान इसमें घोटाले की आशंका तक व्यक्त की थी। इसको ध्यान में रखते हुए शासन स्तर से इस बार चीनी मिल की जगह सहकारी समितियों को पर्ची बांटने का काम दिया गया है। इसके लिए 16 अगस्त से गन्ना विकास विभाग और चीनी मिल के कर्मी गांव-गांव जाकर सट्टा सूचियों का प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों की शिकायतों, आपत्तियों का मौके पर ही जांच कर निराकरण किया जा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी रामकिशन ने बताया कि कार्यदायी संस्था जिले में एक पर्ची निर्गमन केंद्र की स्थापना करेंगी। इस पर विभाग का पूरा नियंत्रण होगा। गन्ना समितियों के सचिव और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक इन केंद्रों का नियमित निरीक्षण एवं जांच करेंगे। उनके अलावा उप गन्ना आयुक्त एवं नामित नोडल अधिकारी भी समय-समय पर इसकी आकस्मिक जांच करेंगे। कोई भी कमी मिलने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से कहा है कि वह लगातार समितियों के संपर्क में रहें। जरूरी दस्तावेजों को जमा करें।
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जिले में गन्ने का रकवा
-जिले में गन्ने का रकवा 28569 हैक्टेयर है। इसमें यदु शुगर मिल 8726 हेक्टेयर, साधन सहकारी चीनी मिल शेखूपुर 2941 हेक्टेयर, न्यौली शुगर मिल 2795 हेक्टेयर, करीमगंज रामपुर 1744, फरीदपुर बरेली 875 हेेक्टयेर और रजपुरा चीनी का 1788 हेक्टेयर गन्ने का रकवा है।
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पहले चीनी मिल की ओर से गन्ने की पर्चियां जारी की जाती थीं। इसमें काफी शिकायतें शासन की मिल रहीं थीं। वहीं से इस बार सहकारी समितियों को पर्ची बांटने के निर्देश दिए गए हैं।
रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी