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किसानों को उर्वरक खरीद की रसीद अवश्य दें: डीएम
Updated Tue, 09 Jan 2018 06:29 PM IST
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‘चीनी मिल ने विलंब से किया भुगतान तो देना होगा ब्याज’
जिलाधिकारी ने बैठक कर दिए कई निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में किसानों के साथ गन्ना भुगतान के संबंध में बैठक की। इसमें अधिकारियों को जल्द किसानों को भुुगतान कराने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने कहा कि जो चीनी मिल भुगतान नहीं करें उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीएम ने कहा कि जिले में काफी समय से गन्ना किसानों का भुगतान पूरी तरह से क्लीयर नहीं हो पाया है। इस वजह से गन्ना किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने चीनी मिल अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के गन्ने का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए। विलंब से भुगतान करने वाले चीनी मिलों को ब्याज सहित भुगतान करना पड़ेगा। चीनी मिल किसानों को अच्छी प्रजाति का गन्ना बुवाई कराने में सहयोग करें। इससे रिजेक्ट गन्ने का क्षेत्र जल्द से जल्द समाप्त कराने के लिए कहा गया। जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी को निर्देश दिए हैं कि विलंब से भुगतान करने वाली चीनी मिलों पर कारवाई की जाए।
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किसानों को उर्वरक खरीद की रसीद अवश्य दें
बदायूं। जिले के किसानों को उर्वरक पीओएस मशीन के माध्यम से दिया जाए। किसान उर्वरक खरीद के लिए पहचान पत्र साथ में लाएं। भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाए।
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जिले में कुल 815 की जगह 618 एमएफएमएस में पंजीकृत हैं। मंगलवार को कलक्ट्रेट में डीएम दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में उर्वरक डीबीटी के संबंध में बैठक की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि पीओएस मशीन के माध्यम से किसानों को उर्वरक दिया जाए। इस दौरान किसान पहचान पत्र, आधार कार्ड, किसान कार्ड तथा मतदाता पहचान पत्र साथ लाएं। वहीं कहा कि राजस्व अभिलेखों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड से जोड़ा जाए और भुगतान की सुविधा चरणबद्ध तरीके से लागू की जाए। जिले में टाटा कैमिकल्स लिमिटेड, चंबल फर्टिलाइजर्स और इफ्को की ही कंपनियां बिक्री करें। विक्रेता अपने फिंगर प्रिंट से किसान को पंजीकृत करें। उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरक खरीद की रसीद अवश्य दें। विक्रेता बिना पीओएस मशीन के उर्वरक नहीं बेचे। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार और एनआईसी अधिकारी राजेश शर्मा सहित उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने बैठक कर दिए कई निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में किसानों के साथ गन्ना भुगतान के संबंध में बैठक की। इसमें अधिकारियों को जल्द किसानों को भुुगतान कराने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने कहा कि जो चीनी मिल भुगतान नहीं करें उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीएम ने कहा कि जिले में काफी समय से गन्ना किसानों का भुगतान पूरी तरह से क्लीयर नहीं हो पाया है। इस वजह से गन्ना किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने चीनी मिल अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के गन्ने का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए। विलंब से भुगतान करने वाले चीनी मिलों को ब्याज सहित भुगतान करना पड़ेगा। चीनी मिल किसानों को अच्छी प्रजाति का गन्ना बुवाई कराने में सहयोग करें। इससे रिजेक्ट गन्ने का क्षेत्र जल्द से जल्द समाप्त कराने के लिए कहा गया। जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी को निर्देश दिए हैं कि विलंब से भुगतान करने वाली चीनी मिलों पर कारवाई की जाए।
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किसानों को उर्वरक खरीद की रसीद अवश्य दें
बदायूं। जिले के किसानों को उर्वरक पीओएस मशीन के माध्यम से दिया जाए। किसान उर्वरक खरीद के लिए पहचान पत्र साथ में लाएं। भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाए।
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जिले में कुल 815 की जगह 618 एमएफएमएस में पंजीकृत हैं। मंगलवार को कलक्ट्रेट में डीएम दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में उर्वरक डीबीटी के संबंध में बैठक की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि पीओएस मशीन के माध्यम से किसानों को उर्वरक दिया जाए। इस दौरान किसान पहचान पत्र, आधार कार्ड, किसान कार्ड तथा मतदाता पहचान पत्र साथ लाएं। वहीं कहा कि राजस्व अभिलेखों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड से जोड़ा जाए और भुगतान की सुविधा चरणबद्ध तरीके से लागू की जाए। जिले में टाटा कैमिकल्स लिमिटेड, चंबल फर्टिलाइजर्स और इफ्को की ही कंपनियां बिक्री करें। विक्रेता अपने फिंगर प्रिंट से किसान को पंजीकृत करें। उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरक खरीद की रसीद अवश्य दें। विक्रेता बिना पीओएस मशीन के उर्वरक नहीं बेचे। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार और एनआईसी अधिकारी राजेश शर्मा सहित उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे।