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यहां सामान ही नहीं फुटपाथ भी ‘बेचते’ हैं दुकानदार

Mon, 14 Jan 2019 06:33 PM IST
geetesh jolly geetesh jolly
Updated Mon, 14 Jan 2019 06:33 PM IST
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यहां सामान ही नहीं फुटपाथ भी ‘बेचते’ हैं दुकानदार
यहां सामान ही नहीं फुटपाथ भी ‘बेचते’ हैं दुकानदार
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बदायूं। इस शहर की तो बात ही निराली है। यहां के दुुकानदार अपनी दुकान का सामान ही नहीं बल्कि फुटपाथ भी ‘बेचते’ हैं। जी हां...चौंकिए नहीं। यह सोलह आना सच है। कहीं रोजाना, कहीं हफ्ते तो कहीं महीने के हिसाब से यहां फुटपाथ बेचे जाते हैं। बात केवल सेटिंग की है। दुकानों के सामने ठेले, खोमचे और फुटपाथ पर अपना सामान रखकर बेचने वाले अस्थायी दुकानदारों को इनकी कीमत अदा करनी पड़ती है तब कहीं जाकर वह यहां अपना सामान बेच पाते हैं, लेकिन इससे न तो नगर पालिका को कोई सरोकार है और न ही पुलिस या प्रशासन को।
शहर में अतिक्रमण की समस्या लगातार गहराती जा रही है। लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए फुटपाथ पर कब्जा कर लिया गया है। कई जगहों पर दुकानदारों ने अपनी दुकानें इतनी आगे बढ़ा ली है कि सारा सामान ही फुटपाथ पर रख लिया है। जितना सामान दुकान के अंदर होता है, उससे कहीं ज्यादा बाहर सजाकर रख दिया जाता है। यही वजह है कि रात मेें चौड़ी दिखाई देने वाली शहर की सड़के दिन में पतली गलियों की तरह दिखाई देने लगती हैं। इससे राहगीरों को पैदल निकलने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। पालिका की ओर से कई बार अभियान तो चलाया गया, लेकिन उसको प्रभावी रूप नहीं दिया जा सका, जिससे अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हो गए, यही वजह है कि इन अतिक्रमणकारियों ने शहर की सूरत को ही बदल कर रख दिया। दरअसल, फुटपाथ बनाये जाने का उद्देश्य था कि पैदल चलने वालों को परेशानी न हो। इनके बनने से दुकानों की भी सीमा रेखा खिंच गई, ताकि दुकानदारों को अपनी हद का पता रहे, लेकिन इस सबके बावजूद भी शहर में अतिक्रमण की समस्या बन गई। कई जगहों पर दुकानदारों ने फुटपाथ को अपनी अतिरिक्त आय का जरिया भी बना लिया। ठेले, खोमचे लगवाकर उनसे अपनी सुविधानुसार रकम बांध ली और फुटपाथ का किराया वसूलने लगे। शहर में पालिका की ओर से जब भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, तब सिर्फ गरीबों के खोखे, ठेला आदि पर ही उसका जोर चला।
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राहगीरों की जान जोखिम में फुटपाथ पर कब्जा होने की वजह से राहगीरों को सड़क पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। वाहनों की रेलमपेल में सड़क पर चलने वालों को वाहनों से हादसा होने का डर बना रहता है। कई बार लोगों के चोट भी आ चुकी है।
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जनता की परेशानी
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सड़क पर पूरी तरह कब्जा करने वालों का जाल बिछा हुआ है। फुटपाथ का कहीं अता पता नहीं है। सड़कें संकरी हो गई हैं पर नगर पालिका प्रशासन उदासीन है। -संजय शर्मा

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व्यापारी पूरी तरह से मनमानी पर उतारू हैं। इन पर पालिका अंकुश नहीं लगा पा रही। अगर पालिका ने सही से अभियान नहीं चलाया तो दिक्कत और बढ़ेंगी। - प्रमोद कुमार,
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फुटपाथ तो अब शहर में कहीं-कहीं पर ही दिखाई दे रहे हैं। अधिकतर जगहों पर केवल सड़क ही रह गई है। इस वजह अब लोग फुटपाथ के अभाव में सड़क पर चल रहे हैं।
- लोकमन
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अभी आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़ने का काम चल रहा है। इसके बाद दोबारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा और शहर को अतिक्रमण की जद से दूर किया जाएगा।
- संजय तिवारी, ईओ बदायूं
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