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यूपी बोर्ड के रिजल्ट में वित्तविहीन स्कूल रहे आगे

Mon, 20 Jun 2022 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jun 2022 12:09 AM IST
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Unfinished schools remain ahead in UP board results
यूपी बोर्ड के रिजल्ट में वित्तविहीन स्कूल रहे आगे
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बिजनौर। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर का परीक्षाफल इस बार कई मायनों में लीक से हटकर रहा। वित्तविहीन तथा सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालयों ने रिजल्ट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। टॉप टेन की इंटर की मेरिट में करीब 80 प्रतिशत तथा हाईस्कूल की मेरिट में करीब 90 प्रतिशत छात्र-छात्राएं इन्हीं विद्यालयों के हैं। पढ़ाई लिखाई की सुविधाओं से लैस राजकीय तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के छात्र मेरिट का केवल पाला ही छू सके हैं। हालांकि राजकीय बालिका इंटर कॉलेज झालू की छात्रा जिले की टॉपर रही है।
हाईस्कूल व इंटर की मेरिट में जहां बेटियों ने नंबर वन होने का परचम लहराया है। वहीं, वित्त विहीन विद्यालयों के छात्रों ने टाप टेन मेरिट सूची में 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत स्थान हासिल करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। परीक्षाफल के बाद लोगों में वित्त विद्यालयों में पढ़ाई को लेकर नजरिया बदलता दिख रहा है। हाईस्कूल की टॉप टेन सूची में 21 छात्र-छात्राएं हैं। इनमें 19 वित्तविहीन व सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालयों के छात्र हैं। जबकि राजकीय इंटर कॉलेज व अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का मात्र एक-एक छात्र है। इंटर की मेरिट सूची में 14 छात्र-छात्राएं हैं। जिनमें 11 वित्तविहीन व सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालयों के छात्र हैं। राजकीय इंटर कॉलेज का एक तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के दो छात्र हैं। सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालयों का संचालन विद्या भारती की ओर किया जाता है। इन विद्यालयों का शैक्षिक प्रबंधन प्रशंसनीय है। जबकि वित्त विहीन विद्यालय जरूरी शैक्षिक सुविधाओं को तरस रहे हैं।
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वित्तविहीन शिक्षकों को नहीं मिलता गुजारे लायक वेतन
जिले में 387 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 32 राजकीय, 73 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय तथा बाकी वित्त विहीन विद्यालय है। वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों के अनुसार वे समर्पित भाव से शिक्षा धर्म निभा रहे हैं। परंतु वेतन परिवार के गुजारे लायक भी नहीं मिलता है। कॉलेजों में पढ़ाई लिखाई की सुविधाएं भी बस काम चलाऊ है। शासन को वित्त विहीन विद्यालयों की सुध लेनी चाहिए।
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मार्कशीट मिलने की तारीख की घोषणा नहीं
डीआईओएस कार्यालय के अनुसार बोर्ड से अभी हाईस्कूल व इंटर की मार्कशीट को लेकर कोई सूचना नहीं है। छात्रों को मार्कशीट लेने की जल्दी है। छात्रों का तर्क है कि मार्कशीट जल्दी मिलने पर वह अच्छे कॉलेजों में हायर एजुकेशन के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। हर्षिता और रूपल के अनुसार दिल्ली के स्कूलों में दाखिले के पंजीकरण के लिए मूल मार्कशीट मांगते हैं।
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