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अंक विभाजन को समझें, गणित में सौ फीसदी अंक प्राप्त कर सकते हैं विद्यार्थी
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अंक विभाजन को समझें, गणित में सौ फीसदी अंक प्राप्त कर सकते हैं विद्यार्थी
बिजनौर। गणित विषय को मेरिट का इंडिया गेट कहा जाता है। गणित स्कोरिंग विषय होने से मेरिट बनाने में सहायक है। इसलिए अच्छे नंबर लाने के लिए गणित विषय की अच्छी तैयारी जरूरी है। इसके लिए विद्यार्थियों को गणित पेपर का प्रारूप तथा अंक विभाजन का ज्ञान होना अनिवार्य है। गणित में समय की बर्बादी घातक हो सकती है।
हाईस्कूल में गणित का पेपर 70 नंबर का होता है। पेपर में बीजगणित, रेखा गणित, त्रिकोणमिति, सांख्यिकी, निर्देशांक ज्यामिति आते हैं। पेपर में सात सवाल होते हैं। हर सवाल में दो से लेकर छह तक खंड होते हैं। इस प्रकार सात सवाल के कुल 28 खंड होते हैं। हर सवाल का अंक विभाजन होता है। जीआईसी बिजनौर में गणित शिक्षक अमित कुमार शर्मा बताते हैं कि कोरोना के कारण 30 प्रतिशत कोर्स कम गया है। हर चैप्टर में कोर्स कम है। यदि विद्यार्थी एकाग्रता से नियमित गणित की पढ़ाई करें तो 70 में 70 अंक लाना कोई भारी बात नहीं है। विद्यार्थी उन चैप्टर की अधिक तैयारी करें जो अधिक अंक वाले हैं। रचना का स्वच्छ व स्पष्ट चित्र बनाएं। साथ ही बहुविकल्पीय प्रश्न को छोड़कर सभी सवालों के हल लिखें।
कहा लघु तथा अति लघु उत्तरीय सवालों में फास्ट स्कोरिंग होती है। जैसे एक एक बूंद से समुद्र बनता है वैसे ही एक एक नंबर से पेपर में नंबरों का ढेर लग जाता है। इसलिए विद्यार्थी छोटे सवालों पर फोकस करें। प्रमेय की प्रेक्टिस बार बार करें। प्रमेय रटने के बजाय विभिन्न स्टेप जैसे - दिया है, सिद्ध करना है, रचना तथा उपपत्ति को समझने का प्रयास करें। सभी स्टेप के अलग-अलग नंबर होते हैं।
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ये होगा प्रारूप व अंक विभाजन
हाईस्कूल गणित का पेपर 70 नंबर का होता है। पेपर में सात सवाल होते हैं। पहला प्रश्न बहुविकल्पीय छह नंबर का होता है। इसमें छह खंड प्रत्येक एक एक नंबर का होता है। दूसरा सवाल कुल चार नंबर का होता है। इसमें चार खंड एक-एक नंबर का होता है। तीसरा व चौथा सवाल आठ-आठ नंबर के होते हैं। दोनों सवालों में चार-चार खंड प्रत्येक दो-दो नंबर के होते हैं। पांचवां व छटा सवाल 16-16 नंबर के होते हैं। दोनों सवालों में चार-चार खंड प्रत्येक चार-चार नंबर के होते हैं। सातवां सवाल 12 नंबर का होता है। इस सवाल में छह-छह नंबर के दो खंड होते हैं।
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बिजनौर। गणित विषय को मेरिट का इंडिया गेट कहा जाता है। गणित स्कोरिंग विषय होने से मेरिट बनाने में सहायक है। इसलिए अच्छे नंबर लाने के लिए गणित विषय की अच्छी तैयारी जरूरी है। इसके लिए विद्यार्थियों को गणित पेपर का प्रारूप तथा अंक विभाजन का ज्ञान होना अनिवार्य है। गणित में समय की बर्बादी घातक हो सकती है।
हाईस्कूल में गणित का पेपर 70 नंबर का होता है। पेपर में बीजगणित, रेखा गणित, त्रिकोणमिति, सांख्यिकी, निर्देशांक ज्यामिति आते हैं। पेपर में सात सवाल होते हैं। हर सवाल में दो से लेकर छह तक खंड होते हैं। इस प्रकार सात सवाल के कुल 28 खंड होते हैं। हर सवाल का अंक विभाजन होता है। जीआईसी बिजनौर में गणित शिक्षक अमित कुमार शर्मा बताते हैं कि कोरोना के कारण 30 प्रतिशत कोर्स कम गया है। हर चैप्टर में कोर्स कम है। यदि विद्यार्थी एकाग्रता से नियमित गणित की पढ़ाई करें तो 70 में 70 अंक लाना कोई भारी बात नहीं है। विद्यार्थी उन चैप्टर की अधिक तैयारी करें जो अधिक अंक वाले हैं। रचना का स्वच्छ व स्पष्ट चित्र बनाएं। साथ ही बहुविकल्पीय प्रश्न को छोड़कर सभी सवालों के हल लिखें।
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कहा लघु तथा अति लघु उत्तरीय सवालों में फास्ट स्कोरिंग होती है। जैसे एक एक बूंद से समुद्र बनता है वैसे ही एक एक नंबर से पेपर में नंबरों का ढेर लग जाता है। इसलिए विद्यार्थी छोटे सवालों पर फोकस करें। प्रमेय की प्रेक्टिस बार बार करें। प्रमेय रटने के बजाय विभिन्न स्टेप जैसे - दिया है, सिद्ध करना है, रचना तथा उपपत्ति को समझने का प्रयास करें। सभी स्टेप के अलग-अलग नंबर होते हैं।
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ये होगा प्रारूप व अंक विभाजन
हाईस्कूल गणित का पेपर 70 नंबर का होता है। पेपर में सात सवाल होते हैं। पहला प्रश्न बहुविकल्पीय छह नंबर का होता है। इसमें छह खंड प्रत्येक एक एक नंबर का होता है। दूसरा सवाल कुल चार नंबर का होता है। इसमें चार खंड एक-एक नंबर का होता है। तीसरा व चौथा सवाल आठ-आठ नंबर के होते हैं। दोनों सवालों में चार-चार खंड प्रत्येक दो-दो नंबर के होते हैं। पांचवां व छटा सवाल 16-16 नंबर के होते हैं। दोनों सवालों में चार-चार खंड प्रत्येक चार-चार नंबर के होते हैं। सातवां सवाल 12 नंबर का होता है। इस सवाल में छह-छह नंबर के दो खंड होते हैं।