बिजनौर: पिंजरों में कैद हुए दो गुलदार, धनसीनी में पांच माह में चौथा पकड़ा गया; जालपुर नर्सरी भेजे
बिजनौर के धनसीनी और समीपुर गांव में वन विभाग के लगाए दो अलग-अलग पिंजरों में गुलदार कैद हुए। धनसीनी में पांच माह के भीतर चौथा गुलदार पकड़ा गया, जबकि समीपुर में सीसीटीवी में लगातार दिखाई देने के बाद पिंजरा लगाया गया था।
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बिजनौर के धनसीनी और समीपुर गांव में वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरों में दो गुलदार कैद हुए। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और दोनों गुलदारों को अपने कब्जे में लेकर जालपुर नर्सरी भेजने की कार्रवाई शुरू की।
धनसीनी में खेत में लगे पिंजरे में कैद हुआ मादा गुलदार
नगर पंचायत जलालाबाद के पास धनसीनी गांव में भाकियू नेता भूपेश चौधरी के खेत में सामाजिक वानिकी की ओर से तीन दिन पहले पिंजरा लगाया गया था। बृहस्पतिवार सुबह किसान ने पिंजरे में गुलदार को कैद देखा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब ढाई वर्ष उम्र की मादा गुलदार को कब्जे में लिया। इसके बाद उसे जालपुर नर्सरी ले जाया गया।
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पांच माह में चौथा गुलदार पकड़ा गया
धनसीनी गांव में गुलदारों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों में लगातार चिंता बनी हुई है। यहां पांच महीने के भीतर यह चौथा गुलदार पकड़ा गया है। इससे क्षेत्र में गुलदार की मौजूदगी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
समीपुर में सीएचसी के पास भी पिंजरे में फंसा गुलदार
उधर समीपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में भी गुलदार कैद हो गया। स्वास्थ्य केंद्र के सामने आकाशवाणी का टावर है। ग्रामीणों के मुताबिक टावर पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कई वर्षों से गुलदार की गतिविधियां दिखाई देती रही हैं। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने हाल ही में यहां पिंजरा लगाया था। इसी पिंजरे में अब गुलदार कैद हुआ है।
दोनों गुलदार जालपुर नर्सरी भेजे जाएंगे
सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह ने बताया कि पकड़े गए दोनों गुलदारों को जालपुर नर्सरी भेजा जा रहा है। वहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद वन विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर चिह्नित स्थानों पर दोनों गुलदारों को भेजा जाएगा।