Bijnor News: नहरों का पानी तर करेगा अमृत सरोवर के ‘कंठ’, दर्शनीय स्थल के रूप में होंगे विकसित
बिजनौर जिले में प्रथम चरण में तैयार अमृत सरोवर को नहर, रजवाहों के पानी से भरा जाएगा।
विस्तार
बिजनौर जिले में प्रथम चरण में तैयार अमृत सरोवर को नहर, रजवाहों के पानी से भरा जाएगा। इसके लिए विभाग ने अमृत सरोवरों को नहरों से जोड़ने की योजना बना ली है। जहां तक नहरों एवं रजवाहों का पानी नहीं पहुंचेगा, वहां नलकूपों के पानी से लबालब रखा जाएगा।
शासन ने जल संचयन के लिए पंचायतों में अमृत सरोवर बनाने की योजना चला रखी है। इसके लिए केंद्र तथा राज्य सरकार के अलग अलग लक्ष्य तय है। केंद्र सरकार ने हर लोकसभा क्षेत्र में दो-दो अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य रखा। राज्य सरकार ने हर पंचायत में अमृत सरोवर बनाने के निर्देश दिए।
शासन से अमृत सरोवर के निर्माण की लंबाई, चौड़ाई तथा गहराई तय है। कम आबादी की पंचायतों में निर्धारित माप की भूमि नहीं मिलने से माप में छूट दे दी गई। अमृत सरोवर के निर्माण का लक्ष्य चरणबद्ध पूरा होना है। पहले चरण का काम पूरा हो गया है, परंतु अमृत सरोवर में पानी नहीं छोड़ा गया है।
यह भी पढ़ें: Mental Breakdown: मर रही ममता, माता बनी कुमाता, गुस्से का शिकार बन रहे मासूम
दर्शनीय स्थल के रूप में होंगे विकसित
जिले में 1123 पंचायत हैं। हर पंचायत में अमृत सरोवर बनने हैं। पहले चरण का लक्ष्य पूरा बताया गया। अमृत सरोवर दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित होंगे। अमृत सरोवरों को पर्यटन स्थल की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।
हरियाली से भरपूर रहेंगे अमृत सरोवर
अमृत सरोवर के किनारे पथ बनाएं जाएंगे। सरोवर पर पौधरोपण किया जाएगा। वहां पर छायादार व औषधीय गुण वाले पौधे रोपे जाएंगे। इससे पर्यावरण प्रदूषण रोकने में मदद मिलेगी। यह लोगों को प्रकृति से जोड़ने का यह अनूठा प्रयास है। ग्रामीण सुबह-शाम भ्रमण का आनंद ले सकेंगे।
यह थे लक्ष्य
अमृत सरोवर का निर्माण शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। कहा गया कि जल संचयन होगा। भूगर्भ जल स्तर बढ़ेगा। पानी की बर्बादी रुकेगी। गांवों में जल भराव नहीं होगा। लोगों को प्रकृति से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
बोले अधिकारी
अमृत सरोवर को पानी के लिए नहरों, रजवाहों से जोड़ा जाएगा। इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सभी अमृत सरोवर पर पौधरोपण किया जाएगा। वहां पर छायादार एवं औषधीय गुण वाले पौधे रोपे जाएंगे। -पूर्ण बोरा, मुख्य विकास अधिकारी।