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Bijnor News: जांच के जाल में उलझी फर्जी डॉक्टर की गुत्थी

Wed, 07 Jan 2026 11:34 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:34 PM IST
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The mystery of the fake doctor is entangled in the web of investigation.
बिजनौर। जिला अस्पताल में फर्जी डॉक्टर प्रकरण की गुत्थी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है। बुधवार को तीन सदस्य कमेटी के सामने चिकित्सक के बयान हुए। कमेटी के सामने डॉ. तुषार ने फर्जी डॉक्टर को पहचानने से ही इन्कार कर दिया जबकि, वायरल वीडियो में फोन पर वह फर्जी डॉक्टर दिनेश को अपना असिस्टेंट बता रहे हैं।
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प्राचार्या डॉ. उर्मिला कार्या ने फर्जी डॉक्टर प्रकरण की जांच के लिए सीएमएस डॉ. बीआर त्यागी, डॉ. रजनीश शर्मा, डॉ. विजयंत की तीन सदस्य कमेटी गठित की थी। बुधवार को कमेटी ने डॉ. राजीव रस्तोगी, फार्मासिस्ट राजेश रवि, आनंद, डॉ. तुषार सिंह, डॉ. अभिषेक के बयान दर्ज किए। डॉ. तुषार सिंह ने फर्जी चिकित्सक के पास उनकी मुहर कैसे पहुंची, उस दिन कहां थे, कब से अस्पताल में तैनात हैं सहित अन्य सवाल पूछे गए। जांच में डॉ. तुषार सिंह ने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहे फर्जी डॉक्टर को नहीं जानते। उनका पुराना असिस्टेंट दिनेश था। इसलिए, उसका नाम लिया। अभी फिलहाल, फर्जी डॉक्टर प्रकरण की जांच पूरी नहीं हुई है। कुछ लोगों के बयान होने बाकी हैं।
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पकड़े जाने पर क्यों दर्ज नहीं कराई गई प्राथमिकी
इस मामले में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिरकार जिस दिन फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया, उस दिन अस्पताल प्रशासन ने थाने में प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कराई? अस्पताल के लोग फर्जी डॉक्टर के फरार होने और जानकारी नहीं होने का हवाला दे रहे हैं। अगर, जानकारी नहीं थी तो वायरल वीडियो के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए थी।
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मरीजों की जान से हो रहा था खिलवाड़
अस्पताल में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा था। जब, उसे दवाइयों का ज्ञान नहीं था तो उसने किस आधार पर मरीजों को कंटीन्यू सेम ट्रीटमेंट लिखा। ऐसे में मरीजों को जान भी खतरा था। इसलिए, मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से पहले दिन ही अस्पताल प्रशासन को थाने में वायरल वीडियो के आधार प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए थी। ऐसे में फर्जी डॉक्टर प्रकरण में जांच के नाम पर खानापूर्ति होती दिखाई दे रही है।

फर्जी डॉक्टर प्रकरण में डॉ. तुषार सिंह सहित चार लोगों के बयान दर्ज कराए गए हैं। डॉ. तुषार ने वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति को पहचानने से इन्कार किया है। अभी कुछ और लोगों के बयान दर्ज होने है। फर्जी डॉक्टर की जानकारी नहीं होने पर प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी। जांच पूरी होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
....डॉ. बीआर त्यागी, सीएमएस, जिला अस्पताल, बिजनौर
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