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बजट में आम आदमी पर नहीं दिया गया ध्यान
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बजट में आम आदमी पर नहीं दिया गया ध्यान
बिजनौर। बिजनौर सांसद मलूक नागर ने लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान आम आदमी के हित, गरीबों के, किसानों के एवं देशहित के हित संबंधी कई मुद्दों को उठाया।
सोमवार को लोकसभा में सांसद मलूक नागर ने कहा कि बहुत अच्छा लगता था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव के दौरान कहते थे कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। कहा कि बिजनौर लोकसभा क्षेत्र भी ऐसा ही है। जैसा कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी है। बिजनौर लोकसभा में भी गंगा का दायरा कई किलोमीटर है। इसके बावजूद यहां पर गंगा क्षेत्रों में पुलों की भारी कमी है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप लगाया कि बजट में कर में छूट देकर सिर्फ बड़े घरानों को राहत दी गई है। कहा कि कृषि क्षेत्र की बात करें तो कई साल से फसलों के मूल्य में वृद्धि नहीं की गई है। गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया जा रहा है। इससे पूर्व भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं। चार साल में 90 रुपये की महंगाई के हिसाब से देखा जाए तो घट गए। वर्तमान में किसान की हालत बेहद ही खस्ता है। देश की इकोनॉमी की ओर ध्यान दिया जाए तो पूरे राष्ट्र में खुशहाली की बयार बह सकती है। साथ ही विदेशों की तर्ज पर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का मामला देश में रफ्तार पकड़ सकता है।
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बिजनौर। बिजनौर सांसद मलूक नागर ने लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान आम आदमी के हित, गरीबों के, किसानों के एवं देशहित के हित संबंधी कई मुद्दों को उठाया।
सोमवार को लोकसभा में सांसद मलूक नागर ने कहा कि बहुत अच्छा लगता था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव के दौरान कहते थे कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। कहा कि बिजनौर लोकसभा क्षेत्र भी ऐसा ही है। जैसा कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी है। बिजनौर लोकसभा में भी गंगा का दायरा कई किलोमीटर है। इसके बावजूद यहां पर गंगा क्षेत्रों में पुलों की भारी कमी है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप लगाया कि बजट में कर में छूट देकर सिर्फ बड़े घरानों को राहत दी गई है। कहा कि कृषि क्षेत्र की बात करें तो कई साल से फसलों के मूल्य में वृद्धि नहीं की गई है। गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया जा रहा है। इससे पूर्व भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं। चार साल में 90 रुपये की महंगाई के हिसाब से देखा जाए तो घट गए। वर्तमान में किसान की हालत बेहद ही खस्ता है। देश की इकोनॉमी की ओर ध्यान दिया जाए तो पूरे राष्ट्र में खुशहाली की बयार बह सकती है। साथ ही विदेशों की तर्ज पर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का मामला देश में रफ्तार पकड़ सकता है।
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