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तीन विशेषज्ञों के भरोसे तीसरी लहर से निपटने की चुनौती

Thu, 01 Jul 2021 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jul 2021 12:48 AM IST
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The challenge of dealing with the third wave relying on three experts
तीन विशेषज्ञों के भरोसे तीसरी लहर से निपटने की चुनौती
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बिजनौर। विशेषज्ञों ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का असर सबसे अधिक बच्चों पर असर पड़ने की आशंका जताई है, लेकिन जिले में तीसरी लहर से लड़ना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। क्योंकि लगभग 12 लाख बच्चों पर केवल तीन बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जो महामारी से निपटने के लिए नाकाफी हो सकते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने पांच डॉक्टरों की डिमांड शासन को भेजी है। वहीं जरूरत पड़ने पर निजी अस्पतालों के डॉक्टरों से मदद लेने की बात कही जा रही है।
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर का असर सभी ने देखा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की बहुत सी कमियां उजागर हुईं। हालांकि अब संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो रहे हैं। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर आने की चेतावनी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई विशेषज्ञ दे चुके हैं। तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा संक्रमण का खतरा बताया गया है। जिले की अनुमानित कुल जनसंख्या करीब 45 लाख है। इसमें 17 साल तक के लगभग 12 लाख बच्चे हैं।
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जिले में केवल तीन बाल रोग विशेषज्ञ हैं। इसमें से दो चिकित्सक जिला महिला अस्पताल और एक जिला अस्पताल में सेवानिवृत्त होने के बाद सेवाएं दे रहे हैं। इसलिए तीन बाल रोग विशेषज्ञों के भरोसे तीसरी लहर से निपटना किसी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग तैयारी पूरी करने का दावा कर रहा है, लेकिन जिला प्रशासन के दावे और हकीकत में काफी अंतर है। इस लहर में बच्चे और किशोरों के अधिक संख्या में संक्रमित होने का खतरा है।
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दस बेड पर एक चिकित्सक की तैनाती
सीएमओ डॉ विजय कुमार गोयल ने बताया कि दस बेड के पीकू वार्ड (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में एक बाल चिकित्सक की तैनाती की जाती है, लेकिन डॉक्टरों से कैसे काम लिया जाएगा, यह उसी समय पर तय किया जाएगा।

पांच बाल रोग विशेषज्ञों की भेजी डिमांड
सीएमओ ने बताया कि जिले में मात्र तीन बाल रोग विशेषज्ञ हैं। पांच डॉक्टरों के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। कोरोना की तीसरी लहर आएगी यह साफ नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो जिले के अन्य निजी चिकित्सकों की मदद ली जाएगी।
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