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बिजनौर : नाव से पहुंचे शिक्षक, तैरकर आए छात्र
Thu, 17 Aug 2023 12:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 17 Aug 2023 12:53 AM IST
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बिजनौर के नवलपुर के प्राइमरी स्कूल में बाढ़ का पानी भरने से नाव में बैठकर जाता स्कूल स्टाफ। स्त
- नवलपुर, वीरूवाला, रामसहायवाला, रावली स्कूल भरा पानी
- जनपद के 102 परिषदीय स्कूल सुरक्षित स्थानों पर किए शिफ्ट
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गुलदार और अब बाढ़ ने छात्र-छात्राओं की शिक्षा को बुरी तरह प्रभावित किया है। गंगा और अन्य की नदियों के किनारे स्थित स्कूलों में बाढ़ का पानी भरा है। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ाई बाधित है। सदर ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के अंग्रेजी माध्यम से संचालित प्राथमिक विद्यालय नवलपुर बैराज में कई फीट गंगा का पानी भर गया। सोमवार को स्कूल व उसके कक्षों में गंगा का पानी भरा होने से गुरु-शिष्य सड़क पर ही रहे। शिक्षक-शिक्षिकाएं नाव में बैठकर स्कूल पहुंचे। वहीं कुछ छात्र तैरकर स्कूल पहुंचे। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
ऐसी ही स्थिति वीरूवाला, रामसहायवाला, रावली परिषदीय स्कूल की भी है। हालांकि शिक्षा विभाग ने 102 परिषदीय स्कूलों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का दावा किया है, लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव है। कहीं छात्र नहीं आ रहे, तो कहीं पर पर्याप्त जगह तक नहीं है। शिक्षकों ने इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दी। जनपद के अन्य ब्लाॅक क्षेत्र में कई स्कूलों में ऐसी स्थिति है। क्योंकि पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्र में बारिश होने से जिले की सभी नदियां उफान पर हैं। गुलदार का आतंक बना हुआ है। इन दोनों से सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन व बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले ही जनपद के 102 परिषदीय स्कूलों को आबादी वाले क्षेत्र में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करा दिया है। साथ ही अन्य स्कूलों के शिक्षकों को निर्देशित किया कि छात्रों के आने व जाने की सुरक्षा रखी जाए।
सुरक्षित और पर्याप्त स्थान की तलाश
गंगा का पानी नवलपुर बैराज स्कूल में भर गया है। इस कारण वहां शिक्षण कार्य नहीं हो सकता है। ऐसी स्थिति गांव की भी है। इसलिए अभी स्कूल शिफ्ट करने को सुरक्षित स्थान की तलाश की जा रही है - डॉ. प्रभात कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी
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सुरक्षित स्थानों पर कराया शिक्षण कार्य
गुलदार व बाढ़ को देखते हुए 102 स्कूलों को सुरक्षा दृष्टि के कारण ग्राम पंचायत, सरकारी भवन व अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। गंगा का पानी नवलपुर समेत चार स्कूलों में भर गया है। उन्हें भी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा - जयकरन यादव, बीएसए
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- जनपद के 102 परिषदीय स्कूल सुरक्षित स्थानों पर किए शिफ्ट
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गुलदार और अब बाढ़ ने छात्र-छात्राओं की शिक्षा को बुरी तरह प्रभावित किया है। गंगा और अन्य की नदियों के किनारे स्थित स्कूलों में बाढ़ का पानी भरा है। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ाई बाधित है। सदर ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के अंग्रेजी माध्यम से संचालित प्राथमिक विद्यालय नवलपुर बैराज में कई फीट गंगा का पानी भर गया। सोमवार को स्कूल व उसके कक्षों में गंगा का पानी भरा होने से गुरु-शिष्य सड़क पर ही रहे। शिक्षक-शिक्षिकाएं नाव में बैठकर स्कूल पहुंचे। वहीं कुछ छात्र तैरकर स्कूल पहुंचे। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
ऐसी ही स्थिति वीरूवाला, रामसहायवाला, रावली परिषदीय स्कूल की भी है। हालांकि शिक्षा विभाग ने 102 परिषदीय स्कूलों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का दावा किया है, लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव है। कहीं छात्र नहीं आ रहे, तो कहीं पर पर्याप्त जगह तक नहीं है। शिक्षकों ने इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दी। जनपद के अन्य ब्लाॅक क्षेत्र में कई स्कूलों में ऐसी स्थिति है। क्योंकि पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्र में बारिश होने से जिले की सभी नदियां उफान पर हैं। गुलदार का आतंक बना हुआ है। इन दोनों से सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन व बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले ही जनपद के 102 परिषदीय स्कूलों को आबादी वाले क्षेत्र में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करा दिया है। साथ ही अन्य स्कूलों के शिक्षकों को निर्देशित किया कि छात्रों के आने व जाने की सुरक्षा रखी जाए।
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सुरक्षित और पर्याप्त स्थान की तलाश
गंगा का पानी नवलपुर बैराज स्कूल में भर गया है। इस कारण वहां शिक्षण कार्य नहीं हो सकता है। ऐसी स्थिति गांव की भी है। इसलिए अभी स्कूल शिफ्ट करने को सुरक्षित स्थान की तलाश की जा रही है - डॉ. प्रभात कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी
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सुरक्षित स्थानों पर कराया शिक्षण कार्य
गुलदार व बाढ़ को देखते हुए 102 स्कूलों को सुरक्षा दृष्टि के कारण ग्राम पंचायत, सरकारी भवन व अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। गंगा का पानी नवलपुर समेत चार स्कूलों में भर गया है। उन्हें भी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा - जयकरन यादव, बीएसए