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नदियों के उफान सेे लोगों की नींद उड़ी

Wed, 27 Jul 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Wed, 27 Jul 2016 11:53 PM IST
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Streams of people , especially with the boom of sleep Uri
जिंदगी की जद्दोजहद: पहाड़ों पर बारिश से नदियां उफनी हैं, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई नदियों का जलस्तर देखने तक सीमित है। जिनके खेत और फसल गंगा में डूब गए, उनका दर्द कोई नहीं जानता। पानी में डूबी फसलों को समय से पहले ना काटी तो गंगा इन्हें बहा ले जाएगी। बिजनौर के ग्राम कुंदनपुर के पास गंगा में डूबे खेतों से फसल काटकर ले जातीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
नगीना  में पहाड़ों पर बारिश के कारण नगीना व बढ़ापुर क्षेत्र में बहने वाली खो नदी व ऊनी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बारिश के कारण किसानों पर आफत टूट पड़ी है। पानी के तेज बहाव से कृषि भूमि के हो रहे कटान के कारण हजारों बीघा फसलें और भूमि बर्बाद हो गई है। उधर, गांव भोगपुर और वीरभानवाला में नगीना के  पशु चिकित्साधिकारी अशोक कुमार की टीम ने 500 पशुओं       का टीकाकरण किया।
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नगीना तहसील क्षेत्र के गांव नंगला लद्धा व सारंगवाला के ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसान पवन कुमार, दिनेश कुमार, राजेश कुमार, डालचंद आदि एसडीएम से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। किसानों ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में गांव के पूरब दिशा में ऊनी नदी से हो रहे भूमि के कटान से बचाव के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई। किसानों ने बताया कि किसी भी समय नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ने पर काफी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।
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तहसीलदार परमानंद झा ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व लेखपालों की टीम को भेज कर क्षेत्र की बराबर निगरानी कराई जा रही है। इधर, गांव चमरावाला में खो नदी का जल स्तर बढ़ा हुआ है और खो नदी बराबर कृषि भूमि का कटान कर रही है। गांव जग्गूवाला भी बाढ़ की चपेट में है।
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पशुओं के खिला रहे गन्ना
मंडावर में गंगा का जलस्तर कम होने से तटीय गांव वालों की मुश्किलें कुछ कम  हुई है। हालांकि अभी भी क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबी हुई है। जिन किसानों के खेतों में पानी भर गया है वे गन्ने की फसल काटकर पशुओं के लिए ले जा रहे हैं। मंगलवार रात गांव राजारामपुर व डैबलगढ़ के रास्तों में भरा गंगा का पानी कम हो गया। रावली के पास बने मालन नदी के रपटे पर भी पानी काफी कम हो गया है। हालांकि गंगा अभी भी कटान कर रही है। बुधवार को गंगा की धारा का रुख गांव कुंदनपुर की ओर मुड़ने से गंगा ने यहां पर कटान शुरू कर दिया। मिर्जापुर और सीमली के बीच भी गंगा ने कटान किया। किसान पानी और कटान के भय से खेतों में खड़ी गन्ने की फसल पशुओं को खिलाने के लिए काटकर ले जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि उत्तराखंड द्वारा तटबंध बनाने के कारण सारा पानी अब उनकी ओर को जोर मार रहा है।  मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन एसएस गिरि के मुताबिक इस समय गंगा में 86 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। बुधवार शाम को गंगा में भीमगोडा हरिद्वार से एक लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है, जो कि रात को मैदानी क्षेत्र में आ जाएगा।  
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