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Bijnor News: गुलदार के लिए लगाया पिंजरा तोड़कर चोरी कर लिए मुर्गे
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धामपुर। जिले में गुलदार के खौफ के बावजूद लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ग्राम मुस्सेपुर पाली में दो वर्षीय रोहित को मारने वाले गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे को तोड़कर उसमें रखे दो मुर्गे चोरी कर लिए गए।
मुस्सेपुर पाली में बीते शनिवार को दो वर्षीय रोहित पुत्र राजवीर को गुलदार ने मार डाला था। गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगा रखा है। पिंजरे में दो मुर्गे बंद किए गए थे। ताकि मुर्गों के लालच में गुलदार पिंजरे में कैद हो जाए। असामाजिक तत्व पिंजरे को तोड़ उसके भीतर बंद दोनों मुर्गों को चोरी कर ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह मुर्गे पिंजरे के अंदर बंद रहते तो शायद उनके लालच में गुलदार कैद हो जाता। हालांकि वन विभाग ने तोड़े गए पिंजरे के स्थान पर दूसरा पिंजरा लगा दिया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर पिंजरे को तोड़ मुर्गे किसने चोरी किए हैं। डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह का कहना है कि यदि ग्रामीण सहयोग नहीं करेंगे तो वन विभाग गुलदारों द्वारा आए दिन हो रहे हमलों पर किस प्रकार से रोक लगा सकता है। ग्रामीणों के सहयोग से ही गुलदारों को पिंजरे में कैद करना संभव है। उधर, धामपुर क्षेत्र के गांव हैजरी, नसीरपुर बनवारी, मनकुआ आदि में भी गुलदार दिखने से लोगों में दहशत बनी हुई है। लोगों का कहना है कि गुलदार जंगलों में कुत्ते और बिल्लियों की तरह खुलेआम दौड़ते नजर आ रहे हैं। जैसे ही गन्ने के खेत में जरा सी भी आहट होती है तो लोगों का पसीना छूट जाता है।
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मुस्सेपुर पाली में बीते शनिवार को दो वर्षीय रोहित पुत्र राजवीर को गुलदार ने मार डाला था। गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगा रखा है। पिंजरे में दो मुर्गे बंद किए गए थे। ताकि मुर्गों के लालच में गुलदार पिंजरे में कैद हो जाए। असामाजिक तत्व पिंजरे को तोड़ उसके भीतर बंद दोनों मुर्गों को चोरी कर ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह मुर्गे पिंजरे के अंदर बंद रहते तो शायद उनके लालच में गुलदार कैद हो जाता। हालांकि वन विभाग ने तोड़े गए पिंजरे के स्थान पर दूसरा पिंजरा लगा दिया है।
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वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर पिंजरे को तोड़ मुर्गे किसने चोरी किए हैं। डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह का कहना है कि यदि ग्रामीण सहयोग नहीं करेंगे तो वन विभाग गुलदारों द्वारा आए दिन हो रहे हमलों पर किस प्रकार से रोक लगा सकता है। ग्रामीणों के सहयोग से ही गुलदारों को पिंजरे में कैद करना संभव है। उधर, धामपुर क्षेत्र के गांव हैजरी, नसीरपुर बनवारी, मनकुआ आदि में भी गुलदार दिखने से लोगों में दहशत बनी हुई है। लोगों का कहना है कि गुलदार जंगलों में कुत्ते और बिल्लियों की तरह खुलेआम दौड़ते नजर आ रहे हैं। जैसे ही गन्ने के खेत में जरा सी भी आहट होती है तो लोगों का पसीना छूट जाता है।
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