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एसटीएफ बरेली सहित छह टीमें खुलासे में लगीं

Sun, 02 Jul 2017 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Sun, 02 Jul 2017 12:16 AM IST
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Six teams, including STF Bareilly, were involved in the revelations
अर्थी को कंधा देते एडीजी और डीआईजी और अन्य सिपाई। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में मंडावर थाना क्षेत्र में दरोगा सहजोर सिंह मलिक के मर्डर व पिस्टल लूट में पुलिस को कोई क्लू नहीं मिला है। एसपी के मुताबिक एसटीएफ बरेली समेत पुलिस की छह टीम इस केस के खुलासे में लगाई गई है। शनिवार को एडीजी बरेली ब्रजराज मीणा, डीआईजी मुरादाबाद ओंकार सिंह समेत तमाम अफसरों ने मौके का मुआयना किया।  बालावाली चौकी के एक सिपाही की ओर से अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मंडावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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शामली जिले के गांव लिसाड़ निवासी दरोगा सहजोर मलिक पिछले एक साल से मंडावर थाने की बालावाली पुलिस चौकी पर तैनात थे। दरोगा अपनी पत्नी, एक बेटा व बेटी के साथ मेरठ के कंकरखेड़ा में रहते थे। सहजोर सिंह रोज मंडावर थाने से बालावाली पुलिस चौकी आते-जाते थे। शुक्रवार को भी वह बाइक से शाम करीब छह बजे मंडावर थाने से बालावाली पुलिस चौकी जा रहे थे। गांव गोपालपुर के निकट कांच की फैक्ट्री के पास दरोगा की धारदार हथियार से हत्या करके उनका पिस्टल लूट लिया गया। दरोगा के मर्डर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंचे तथा घटना की जानकारी ली। अब तक पुलिस को इस केस में कोई सुराग नहीं मिला है। अभी तक पुलिस जांच पड़ताल में कोई ऐसी बात भी सामने नहीं आई है जिससे कारण का पता चल सके। लूट के लिए भी दरोगा का मर्डर पुलिस अफसरों के गले नहीं उतर रही है। बदमाश अगर लूट करते तो अकेेला पिस्टल ही क्यों ले जाते।
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दरोगा के पास बाइक, पर्स व मोबाइल भी था। एसपी अतुल शर्मा ने इस केस के खुलासे में स्वाट, सर्विलांस टीम के अलावा एसपी सिटी रामधारी चौरसिया, सीओ सिटी असित श्रीवास्तव , सीओ नजीबाबाद रामानंद कुशवाहा व सीओ नगीना के नेतृत्व में छह टीम लगाई हैं। इसके अलावा एसटीएफ बरेली की टीम भी लगी है। एसटीएफ की टीम ने एएसपी आलोक प्रियदर्शी के नेतृत्व में शनिवार को मौके पर पहुंचकर छानबीन की। पुलिस ने पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में लिया है। 
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वहीं बालावाली पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही रजनेश की ओर से इस घटना की मंडावर थाने में रिपोर्ट दर्ज  कराई गई है। एडीजी बरेली ब्रजराज मीणा, डीआईजी मुरादाबाद ओंकार सिंह, डीएम जगतराज, एसपी अतुल शर्मा, एसपी सिटी रामधारी चौरसिया, एसपी देहात दिनेश सिंह के साथ घटना स्थल का निरीक्षक किया। एडीजी ने पुलिस को इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी अतुल शर्मा के मुताबिक इस केस में अभी कोई क्लू नहीं मिला है। पुलिस की कई टीम केस के खुलासे में लगाई गई है। जल्द ही केस का खुलासा होगा।  

रात में ही हुआ शव का पोस्टमार्टम 
दरोगा सहजोर सिंह मलिक का रात में ही पोस्टमार्टम कराया गया। दरोगा की पत्नी, भाई संजय, भतीजे रात में ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए थे। घरवालों का कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है।  
शोक में डूबा महकमा, अंतिम विदाई दी 
दरोगा मलिक के मर्डर से पुलिस महकमा शोक में डूबा रहा।  शुक्रवार सुबह पुलिस लाइन में दरोगा को अंतिम विदाई दी गई। एडीजी ब्रजराज मीणा, डीआईजी ओंकार सिंह, डीएम जगतराज, एसपी अतुल शर्मा, एसपी सिटी रामधारी चौरसिया, एसपी  देहात दिनेश सिंह, विधायक सुचि चौधरी समेत सभी पुलिस अफसरों ने दरोगा को  श्रद्धांजलि दी। 

राजेश ने बाइक से पहचाना दरोगा को 
दरोगा सहजोर सिंह को सबसे पहले गांव गोपालपुर निवासी राजेश ने मृत पड़ा देखा था। दरोगा की बाइक उन्होंने पहचान ली थी। इसके बाद उन्होंने चौकी पर तैनात सिपाही रजनेश को सूचना दी। राजेश की डेयरी घटनास्थल से कुछ दूरी पर है। चौकी पर आते-जाते वक्त दरोगा सहजोर सिंह उनके पास उठते-बैठते थे।
उसने बताया कि  शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह डेयरी बंद करके कार से घर जा रहा था। कार के आगे उनका भतीजा बाइक से जा रहा था। राजेश ने सड़क के पास दरोगा की बाइक व खेत में शव पड़ा देखा। बाइक से उन्होंने दरोगा को पहचान लिया और सिपाही को बताया। 

 
धारदार हथियार से किए 24 वार  
दरोगा सहजोर सिंह मलिक का कत्ल बड़ी बेेरहमी के साथ किया गया।  दरोगा के शरीर पर धारदार हथियारों के  24 निशान मिले हैं। उनका गला रेता हुआ मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दरोगा के सीने, गर्दन, हाथ और पीठ पर धारदार हथियार के 24 निशान मिले हैं। इनमें आठ से दस निशान काफी गहरे हैं।  कातिलों ने पैरों से ऊपर के हिस्से में ही बार किया है। पैरों से नीचे के हिस्से पर कोई भी चोट का निशान नहीं मिला है। शरीर पर चोटों के निशान से साफ है कि दरोगा को धारदार हथियार से बेरहमी के साथ मारा गया।    
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