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Bijnor News: संवेदनशील इलाकों की स्थिति बदहाल, डेंगू फिर करेगा प्रहार
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राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर विशेष
-गांवों में एंटी लार्व का छिड़काव और काम के दावे सिर्फ हवाई
-स्वास्थ्य विभाग और पंचायतराज विभाग नहीं दे रहा साफ-सफाई पर ध्यान
-संवेदनशील गांवों में नियमित रूप से नहीं हो रही साफ-सफाई
-159 डेंगू रोगी पिछले साल बिजनौर में मिले
-59 डेंगू के मरीज पिछले साल सबसे ज्यादा बिजनौर शहर में मिले थे
-112 गांव स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील घोषित किए थे
फोटो..
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही राष्ट्रीय डेंगू दिवस आज मनाया जा रहा है, मगर डेंगू से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार नहीं है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि संवेदनशील इलाकों की स्थिति बदहाल है। गांवों में गंदगी मिली। साथ ही सड़कों पर जलभराव नजर आया। इतना ही नहीं, गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं हुआ। ऐसे में इस वर्ष में डेंगू का प्रकोप बढ़ने का खतरा है।
जिलेभर में साल 2023 में डेंगू के 159 रोगी मिले थे, जो संख्या पिछले सात सालों में सर्वाधिक है। डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने 112 गांवों को बुखार, डेंगू, मलेरिया की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किया था। संवेदनशील होने के बावजूद विभाग इन गांवों की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। गांवों में गंदगी का अंबार है। नालियां अटी पड़ी हैं, जिसकी वजह से पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके अलावा जगह-जगह पानी एकत्र होने से डेंगू का मच्छर पनपने का खतरा ज्यादा है। गांवों में साफ-सफाई, एंटी लार्वा का छिड़काव करने की जिम्मेदारी पंचायतीराज की है। मगर पंचायतीराज विभाग ने अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभाई। डेंगू अगले दो महीने में दस्तक देने वाला है।
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मलेरिया विभाग में खाली चल रहे ये पद-
जानकारी के अनुसार मलेरिया विभाग में मलेरिया इंस्पेक्टर के चार पद हैं। इनमें एक पद खाली चल रहा है। दो एएमओ के पद में एक पद खाली है। इसके अलावा आईएफडब्ल्यू के दो पद हैं, जिनमें एक खाली है। एसएफडब्ल्यू का एक पद है, जो काफी सालों से खाली है।
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इन ब्लॉकों की पड़ताल में स्थिति मिली बदहाल-
बिजनौर शहर में भी आईआईटी के पास, डीडीपीएस के पास के नाले भी अटे पड़े हैं। इससे मच्छर के पनपने का खतरा है। कासमपुर गढ़ी ब्लॉक के संवेदनशील गांव आसफाबाद चमन, सुआवाला, नावका, हरेवली, भगौता, शहजादपुर में पड़ताल की। यहां गांवों में साफ-सफाई नहीं मिली। ग्रामीणों ने कहा कि सालों से एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं किया गया। कोतवाली ब्लॉक के गांव कोतवाली देहात, महेश्वरी जट, बुढ़वाला, झलरी, रायपुर सादात में पड़ताल की। इसके अलावा हल्दौर ब्लॉक के गांव सल्लाहपुर, बिलाई, नांगलजट, गंगोड़ा शेख, खारी, पावटी, झालू में पड़ताल की गई। साथ ही जलीलपुर, नजीबाबाद ब्लॉक के संवेदनशील ब्लॉकों की पड़ताल की। पड़ताल में सफाई, एंटी लार्वा के छिड़काव की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली।
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ऐसे फैलता है डेंगू-
डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने के कुछ दिनों बाद ही डेंगू लक्षण दिखाई देने लगते हैं। एडीज मच्छर ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड़ सकता है। साफ पानी में पनपता है। अंडे से मच्छर बनने में करीब एक सप्ताह तक का समय लगता है।
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पिछले साल ब्लॉकों में मिले डेंगू के मरीज और संवेदनशील गांव-
ब्लॉक- डेंगू के मरीज- संवेदनशील गांव
कासमपुर गढ़ी- 09- 09
कोतवाली- 07- 09
हल्दौर- 15- 09
जलीलपुर- 07- 10
नजीबाबाद- 00- 11
चंदक- 32- 09
किरतपुर- 05- 09
स्योहारा- 01- 08
धामपुर- 07- 09
नूरपुर- 14- 10
नहटौर- 03- 09
बिजनौर शहर- 59- 11
नोट: डेंगू और संवेदनशील गांवों के आंकड़े मलेरिया विभाग से लिए गए हैं।
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सात सालों के डेंगू के आंकड़े साल- मरीज
2017- 30
2018- 02
2019- 22
2020- 09
2021- 05
2022- 27
2023- 159
नोट: डेंगू के आंकड़े मलेरिया विभाग से लिए गए हैं।
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डेंगू के लक्षण-
-अचानक तेज बुखार
-तेज सिरदर्द होना
-जोड़ों और मांसपेशियों में गंभीर दर्द होना
-आंखों के पीछे दर्द होना
-जी मिचलाना, उल्टी होना
-खुजली और थकान महसूस होना
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डेंगू से ऐसे करें बचाव-
कीट प्रतिरोधी का उपयोग करें
-ढीली, लंबी बाजू वाली शर्ट और लंबी पैंट पहनें
-अपने घर के अंदर और बाहर मच्छरों को नियंत्रित करें।
-घर के आसपास पानी एकत्र नहीं होने दें
-लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से इलाज कराएं
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डेंगू का कोई संवेदनशील क्षेत्र नहीं होता है। इसका मच्छर साफ पानी में पनपता है। डेंगू के बचाव के लिए सीएचसी, पीएचसी पर किट उपलब्ध करा दी गई है। मरीज मिलने पर क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव करेंगे। रैली निकालकर डेंगू के बारे में जागरूक करेंगे। 11 विभागों के माध्यम से मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप रोकने का प्रयास किया जा रहा है।....मंजूषा गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी, बिजनौर
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-गांवों में एंटी लार्व का छिड़काव और काम के दावे सिर्फ हवाई
-स्वास्थ्य विभाग और पंचायतराज विभाग नहीं दे रहा साफ-सफाई पर ध्यान
-संवेदनशील गांवों में नियमित रूप से नहीं हो रही साफ-सफाई
-159 डेंगू रोगी पिछले साल बिजनौर में मिले
-59 डेंगू के मरीज पिछले साल सबसे ज्यादा बिजनौर शहर में मिले थे
-112 गांव स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील घोषित किए थे
फोटो..
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही राष्ट्रीय डेंगू दिवस आज मनाया जा रहा है, मगर डेंगू से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार नहीं है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि संवेदनशील इलाकों की स्थिति बदहाल है। गांवों में गंदगी मिली। साथ ही सड़कों पर जलभराव नजर आया। इतना ही नहीं, गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं हुआ। ऐसे में इस वर्ष में डेंगू का प्रकोप बढ़ने का खतरा है।
जिलेभर में साल 2023 में डेंगू के 159 रोगी मिले थे, जो संख्या पिछले सात सालों में सर्वाधिक है। डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने 112 गांवों को बुखार, डेंगू, मलेरिया की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किया था। संवेदनशील होने के बावजूद विभाग इन गांवों की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। गांवों में गंदगी का अंबार है। नालियां अटी पड़ी हैं, जिसकी वजह से पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके अलावा जगह-जगह पानी एकत्र होने से डेंगू का मच्छर पनपने का खतरा ज्यादा है। गांवों में साफ-सफाई, एंटी लार्वा का छिड़काव करने की जिम्मेदारी पंचायतीराज की है। मगर पंचायतीराज विभाग ने अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभाई। डेंगू अगले दो महीने में दस्तक देने वाला है।
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मलेरिया विभाग में खाली चल रहे ये पद-
जानकारी के अनुसार मलेरिया विभाग में मलेरिया इंस्पेक्टर के चार पद हैं। इनमें एक पद खाली चल रहा है। दो एएमओ के पद में एक पद खाली है। इसके अलावा आईएफडब्ल्यू के दो पद हैं, जिनमें एक खाली है। एसएफडब्ल्यू का एक पद है, जो काफी सालों से खाली है।
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इन ब्लॉकों की पड़ताल में स्थिति मिली बदहाल-
बिजनौर शहर में भी आईआईटी के पास, डीडीपीएस के पास के नाले भी अटे पड़े हैं। इससे मच्छर के पनपने का खतरा है। कासमपुर गढ़ी ब्लॉक के संवेदनशील गांव आसफाबाद चमन, सुआवाला, नावका, हरेवली, भगौता, शहजादपुर में पड़ताल की। यहां गांवों में साफ-सफाई नहीं मिली। ग्रामीणों ने कहा कि सालों से एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं किया गया। कोतवाली ब्लॉक के गांव कोतवाली देहात, महेश्वरी जट, बुढ़वाला, झलरी, रायपुर सादात में पड़ताल की। इसके अलावा हल्दौर ब्लॉक के गांव सल्लाहपुर, बिलाई, नांगलजट, गंगोड़ा शेख, खारी, पावटी, झालू में पड़ताल की गई। साथ ही जलीलपुर, नजीबाबाद ब्लॉक के संवेदनशील ब्लॉकों की पड़ताल की। पड़ताल में सफाई, एंटी लार्वा के छिड़काव की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली।
ऐसे फैलता है डेंगू-
डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने के कुछ दिनों बाद ही डेंगू लक्षण दिखाई देने लगते हैं। एडीज मच्छर ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड़ सकता है। साफ पानी में पनपता है। अंडे से मच्छर बनने में करीब एक सप्ताह तक का समय लगता है।
पिछले साल ब्लॉकों में मिले डेंगू के मरीज और संवेदनशील गांव-
ब्लॉक- डेंगू के मरीज- संवेदनशील गांव
कासमपुर गढ़ी- 09- 09
कोतवाली- 07- 09
हल्दौर- 15- 09
जलीलपुर- 07- 10
नजीबाबाद- 00- 11
चंदक- 32- 09
किरतपुर- 05- 09
स्योहारा- 01- 08
धामपुर- 07- 09
नूरपुर- 14- 10
नहटौर- 03- 09
बिजनौर शहर- 59- 11
नोट: डेंगू और संवेदनशील गांवों के आंकड़े मलेरिया विभाग से लिए गए हैं।
सात सालों के डेंगू के आंकड़े साल- मरीज
2017- 30
2018- 02
2019- 22
2020- 09
2021- 05
2022- 27
2023- 159
नोट: डेंगू के आंकड़े मलेरिया विभाग से लिए गए हैं।
डेंगू के लक्षण-
-अचानक तेज बुखार
-तेज सिरदर्द होना
-जोड़ों और मांसपेशियों में गंभीर दर्द होना
-आंखों के पीछे दर्द होना
-जी मिचलाना, उल्टी होना
-खुजली और थकान महसूस होना
डेंगू से ऐसे करें बचाव-
कीट प्रतिरोधी का उपयोग करें
-ढीली, लंबी बाजू वाली शर्ट और लंबी पैंट पहनें
-अपने घर के अंदर और बाहर मच्छरों को नियंत्रित करें।
-घर के आसपास पानी एकत्र नहीं होने दें
-लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से इलाज कराएं
डेंगू का कोई संवेदनशील क्षेत्र नहीं होता है। इसका मच्छर साफ पानी में पनपता है। डेंगू के बचाव के लिए सीएचसी, पीएचसी पर किट उपलब्ध करा दी गई है। मरीज मिलने पर क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव करेंगे। रैली निकालकर डेंगू के बारे में जागरूक करेंगे। 11 विभागों के माध्यम से मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप रोकने का प्रयास किया जा रहा है।....मंजूषा गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी, बिजनौर