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हरचंदपुर के बरातघर में उग रहीं झाड़ियां
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हरचंदपुर के बरातघर में उग रहीं झाड़ियां
नांगलसोती। गांव हरचंदपुर में ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाए गए बरातघर का ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा है। बरातघर पिछले एक दशक से क्षतिग्रस्त है। सफाई न होने से यहां घास और झाड़ियां भी उग गई हैं।
बसपा सरकार के शासन में वर्ष 1995 में गांव हरचंदपुर के ग्रामीणों की सुविधा के लिए शिव मंदिर के पास लाखों की लागत से एक बरातघर का निर्माण कराया गया था। बरातघर में पंखे, 20 कुर्सी और एक मेज उपलब्ध कराए गए थे, जिन्हें चोरी कर लिया गया। देखरेख के अभाव में बरातघर के बाथरूम व खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गए और लंबे समय से हैंडपंप भी खराब पड़ा है। ग्रामीण राजू, समर सिंह, सूरज, दयाराम सिंह, विवेक कुमार, विनीत कुमार, अमित, लाखन सिंह, विक्रम सिंह, राजीव कुमार का कहना है कि गांव का बरातघर क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरातघर बनने के बाद एक-दो समारोह हुए, लेकिन साफ-सफाई के अभाव में ग्रामीणों का बरातघर से रुझान खत्म हो गया। क्षतिग्रस्त होने के बाद से शादी विवाह व अन्य समारोह के लिए ग्रामीणों को इधर-उधर दौड़ लगानी पड़ी। ग्रामीण कई बार प्रशासन से बरातघर की मरम्मत कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उधर, ग्राम पंचायत सचिव रवि राणा ने कहा कि बरातघर की मरम्मत का कार्य पिछली पंचवर्षीय योजना में शामिल किया गया था, लेकिन बजट न मिलने से मरम्मत कार्य नहीं हो सका। बजट मिलते ही बरातघर की मरम्मत कराई जाएगी।
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नांगलसोती। गांव हरचंदपुर में ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाए गए बरातघर का ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा है। बरातघर पिछले एक दशक से क्षतिग्रस्त है। सफाई न होने से यहां घास और झाड़ियां भी उग गई हैं।
बसपा सरकार के शासन में वर्ष 1995 में गांव हरचंदपुर के ग्रामीणों की सुविधा के लिए शिव मंदिर के पास लाखों की लागत से एक बरातघर का निर्माण कराया गया था। बरातघर में पंखे, 20 कुर्सी और एक मेज उपलब्ध कराए गए थे, जिन्हें चोरी कर लिया गया। देखरेख के अभाव में बरातघर के बाथरूम व खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गए और लंबे समय से हैंडपंप भी खराब पड़ा है। ग्रामीण राजू, समर सिंह, सूरज, दयाराम सिंह, विवेक कुमार, विनीत कुमार, अमित, लाखन सिंह, विक्रम सिंह, राजीव कुमार का कहना है कि गांव का बरातघर क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरातघर बनने के बाद एक-दो समारोह हुए, लेकिन साफ-सफाई के अभाव में ग्रामीणों का बरातघर से रुझान खत्म हो गया। क्षतिग्रस्त होने के बाद से शादी विवाह व अन्य समारोह के लिए ग्रामीणों को इधर-उधर दौड़ लगानी पड़ी। ग्रामीण कई बार प्रशासन से बरातघर की मरम्मत कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उधर, ग्राम पंचायत सचिव रवि राणा ने कहा कि बरातघर की मरम्मत का कार्य पिछली पंचवर्षीय योजना में शामिल किया गया था, लेकिन बजट न मिलने से मरम्मत कार्य नहीं हो सका। बजट मिलते ही बरातघर की मरम्मत कराई जाएगी।
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