बिजनौर। विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 26 वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी की प्रक्रिया से बाहर रखना उनके साथ अन्याय है। मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर में निर्णायक आंदोलन किया जाएगा। शुक्रवार को नगरपालिका परिसर में संघ की बैठक हुई। प्रभारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश सुचित मलिक ने कहा कि विशेष टीईटी में शिक्षकों के साथ ही शिक्षामित्रों को शामिल किया जाना चाहिए। जिलाध्यक्ष अजय पाल सिंह ने कहा कि तीन अगस्त को बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन के दौरान मूल विद्यालय वापसी और महिला शिक्षामित्रों को ससुराल के निकट विद्यालय में स्थानांतरण का आश्वासन मिला था। एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी सूची जारी नहीं हुई। अगर, 10 सितंबर तक सूची जारी नहीं हुई तो 11 सितंबर से बीएसए कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश सचिव महिला मोर्चा संजू राणा ने की। उन्होंने महिला शिक्षामित्रों से संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस मौके पर मनोज कुमार, चंद्रेश, जसवंत, अनिल, पूनम, रीता, सुरभी, रीना, आशा रानी, नीना तोमर, पूनम रानी, राधा चौधरी, पंकज राजपूत, अरविंद नरवाल, दीपा चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।