{"_id":"62a8d46ff48eb4315c1c29b6","slug":"searching-for-land-for-amrit-sarovar-bijnor-news-mrt592889714","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमृत सरोवर के लिए जमीन की तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमृत सरोवर के लिए जमीन की तलाश
विज्ञापन
अमृत सरोवर के लिए जमीन की तलाश
बिजनौर। जनपद की 1123 ग्राम पंचायतों में 2246 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे, लेकिन इन अमृत सरोवरों के निर्माण को जमीन नहीं मिल रही है। वजह, पंचायत क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर पहले ही पट्टे आदि होने से सरोवर के लिए जमीन मिलना कठिन हो रहा है। प्रशासन व पंचायत सरोवर के निर्माण को जमीन की तलाश कर रहा है।
शासन की 100 दिन की कार्य योजना में अमृत सरोवर का निर्माण शामिल हैं। अमृत सरोवर निर्माण के लोकसभा तथा पंचायतों वार अलग लक्ष्य निर्धारित है। प्रशासन लक्ष्य प्राप्त करने में जुटा है। लक्ष्यों को समय से पूरा करना प्राथमिकता है। जिले में बिजनौर, नगीना तथा मुरादाबाद आंशिक लोकसभा क्षेत्र है। तीनों लोकसभा क्षेत्र में 120 अमृत सरोवर बनने हैं। इनके निर्माण के लिए ऑफलाइन बजट बनाए जा रहे हैं, ताकि अन्य विभाग भी इनके निर्माण में कुछ सहयोग करना चाहते है, तो वह अपना बजट जोड़कर कार्य करा सकते हैं।
स्थान चयन में करनी पड़ रही मशक्कत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर पंचायत में दो अमृत सरोवर बनाने के निर्देश दिए हैं। जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। पंचायतों में अमृत सरोवर के निर्माण को स्थान चयन प्रमुख हैं। अमृत सरोवर गांव से बाहर बनने हैं। पंचायतों से मिल रही जानकारी के अनुसार प्रशासन को अमृत सरोवरों के निर्माण के लिए गांव से बाहर सरकारी जमीन नहीं मिल रही है। गांवों से बाहर की सरकारी जमीनों के पहले से ही पट्टे हो गए हैं।
विज्ञापन
लोकसभा क्षेत्रों के 90 अमृत सरोवर का चल रहा निर्माण
शासन की ओर से जनपद की बिजनौर, नगीना लोकसभा तथा मुरादाबाद लोकसभा की बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में 120 अमृत सरोवर का निर्माण होना है, इनमें से करीब 90 अमृत सरोवर पर कार्य चल रहा है। इनके निर्माण में ऑफलाइन बजट बनाया जा रहा है। इनका पानी पीने योग्य रखने की कवायद है। इसी कारण इन्हें आबादी से दूर बनाया जा रहा है। सरोवर के सुंदरीकरण, विकास आदि के लिए अन्य विभाग भी सहयोग कर सकते हैं। इसकी इसमें व्यवस्था है। लक्ष्यों को समय से पूरा कराना प्राथमिकता हैं। ग्राम पंचायतों में स्थान ढूंढने में मशक्कत करनी पड़ रही है। आला अधिकारी नियमित समीक्षा कर रहे हैं।
वर्जन...
सीडीओ केपी सिंह ने बताया कि 90 अमृत सरोवर पर काम शुरू हो गया है। शेष पर जल्द निर्माण शुरू करने के प्रयास है। अमृत सरोवर का निर्माण पंचायतों को वित्त आयोग से मिले पैसे से होगा। शासन से निर्माण के मानक तय है। पंचायतों को निर्देश का पालन करने की सख्त हिदायत है। पंचायतों में अमृत सरोवर के निर्माण के लिए जमीन तलाशने के प्रयास चल रहे हैं।
विज्ञापन
बिजनौर। जनपद की 1123 ग्राम पंचायतों में 2246 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे, लेकिन इन अमृत सरोवरों के निर्माण को जमीन नहीं मिल रही है। वजह, पंचायत क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर पहले ही पट्टे आदि होने से सरोवर के लिए जमीन मिलना कठिन हो रहा है। प्रशासन व पंचायत सरोवर के निर्माण को जमीन की तलाश कर रहा है।
शासन की 100 दिन की कार्य योजना में अमृत सरोवर का निर्माण शामिल हैं। अमृत सरोवर निर्माण के लोकसभा तथा पंचायतों वार अलग लक्ष्य निर्धारित है। प्रशासन लक्ष्य प्राप्त करने में जुटा है। लक्ष्यों को समय से पूरा करना प्राथमिकता है। जिले में बिजनौर, नगीना तथा मुरादाबाद आंशिक लोकसभा क्षेत्र है। तीनों लोकसभा क्षेत्र में 120 अमृत सरोवर बनने हैं। इनके निर्माण के लिए ऑफलाइन बजट बनाए जा रहे हैं, ताकि अन्य विभाग भी इनके निर्माण में कुछ सहयोग करना चाहते है, तो वह अपना बजट जोड़कर कार्य करा सकते हैं।
विज्ञापन
स्थान चयन में करनी पड़ रही मशक्कत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर पंचायत में दो अमृत सरोवर बनाने के निर्देश दिए हैं। जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। पंचायतों में अमृत सरोवर के निर्माण को स्थान चयन प्रमुख हैं। अमृत सरोवर गांव से बाहर बनने हैं। पंचायतों से मिल रही जानकारी के अनुसार प्रशासन को अमृत सरोवरों के निर्माण के लिए गांव से बाहर सरकारी जमीन नहीं मिल रही है। गांवों से बाहर की सरकारी जमीनों के पहले से ही पट्टे हो गए हैं।
विज्ञापन
लोकसभा क्षेत्रों के 90 अमृत सरोवर का चल रहा निर्माण
शासन की ओर से जनपद की बिजनौर, नगीना लोकसभा तथा मुरादाबाद लोकसभा की बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में 120 अमृत सरोवर का निर्माण होना है, इनमें से करीब 90 अमृत सरोवर पर कार्य चल रहा है। इनके निर्माण में ऑफलाइन बजट बनाया जा रहा है। इनका पानी पीने योग्य रखने की कवायद है। इसी कारण इन्हें आबादी से दूर बनाया जा रहा है। सरोवर के सुंदरीकरण, विकास आदि के लिए अन्य विभाग भी सहयोग कर सकते हैं। इसकी इसमें व्यवस्था है। लक्ष्यों को समय से पूरा कराना प्राथमिकता हैं। ग्राम पंचायतों में स्थान ढूंढने में मशक्कत करनी पड़ रही है। आला अधिकारी नियमित समीक्षा कर रहे हैं।
वर्जन...
सीडीओ केपी सिंह ने बताया कि 90 अमृत सरोवर पर काम शुरू हो गया है। शेष पर जल्द निर्माण शुरू करने के प्रयास है। अमृत सरोवर का निर्माण पंचायतों को वित्त आयोग से मिले पैसे से होगा। शासन से निर्माण के मानक तय है। पंचायतों को निर्देश का पालन करने की सख्त हिदायत है। पंचायतों में अमृत सरोवर के निर्माण के लिए जमीन तलाशने के प्रयास चल रहे हैं।