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परिजन ही निकले रूपा के हत्यारे
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परिजन ही निकले रूपा के हत्यारे
अफजलगढ़। पुलिस ने रूपा हत्याकांड का खुलासा कर पिता व भाई सहित तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि तीनों ने ही मिलकर रूपा की हत्या कर दी थी। काफी तलाश करने के चार दिन बाद रूपा का शव पास में ही एक बोरिंग के गड्ढे से मिला था। जान बचाने के लिए परिजनों ने नाट्कीय ढंग से अज्ञात के खिलाफ बेटी के अपहरण व उसकी हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद से ही आरोपी परिजन रूपा हत्याकांड में पुलिस को गुमराह कर रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार कर तीनों को जेल भेज दिया।
गौरतलब है कि गांव अनवरपुर चंडिका में नौ सितंबर की रात रूपा पुत्री दौलत सिंह उस समय लापता हो गई थी, जब घर से कुछ दूरी पर बने शौचालय में शौच के लिए गई थी। काफी देर तक जब रूपा वापस नहीं आई तो मां उसे देखने गई, तो शौचालय का दरवाजा खुला था। पास के ही नाले के पास बेटी का दुपट्टा पड़ा था। अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने डायल 100 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देर रात तक युवती की खोजबीन। किंतु युवती का कही पता नहीं चला। अगले दिन युवती के पिता दौलत सिंह ने बेटी अपहरण की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। चार दिन बाद घर से लापता रूपा 21 वर्ष पुत्री दौलत सिंह का शव गांव के बाहर चरन सिंह के खेत में बोरिंग के गड्ढे में पानी में औंधे मुंह पड़ा मिला था। शव करीब 3-4 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि समरपाल पुत्र दौलत सिंह का अपनी बहन रूपा से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। गुस्से में आकर समरपाल ने यह कहते हुए अपनी बहन का मुंह और नाक दबा दिया। दम घुटने से रूपा की मौत हो गई। बेटी की हत्या के राज छुपाने के लिए दौलतराम, भाई राकेश व पुत्र समरपाल ने शव को कट्टे में भरकर खेत में बने बोरिंग के गड्ढे में डाल दिया। हत्या के आरोप से बचने के लिए तीनों ने नाटकीय ढंग से बेटी के अपहरण का षड्यंत्र रचा। इसके बाद पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जब तीनों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की तो आरोपी ने हत्या का राज उगल दिया। पुलिस ने दौलतराम, भाई राकेश व समरपाल को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया। उधर, कोतवाल आशुतोष कुमार का कहना है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ बेटी की हत्या व हत्या का षड्यंत्र रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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अफजलगढ़। पुलिस ने रूपा हत्याकांड का खुलासा कर पिता व भाई सहित तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि तीनों ने ही मिलकर रूपा की हत्या कर दी थी। काफी तलाश करने के चार दिन बाद रूपा का शव पास में ही एक बोरिंग के गड्ढे से मिला था। जान बचाने के लिए परिजनों ने नाट्कीय ढंग से अज्ञात के खिलाफ बेटी के अपहरण व उसकी हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद से ही आरोपी परिजन रूपा हत्याकांड में पुलिस को गुमराह कर रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार कर तीनों को जेल भेज दिया।
गौरतलब है कि गांव अनवरपुर चंडिका में नौ सितंबर की रात रूपा पुत्री दौलत सिंह उस समय लापता हो गई थी, जब घर से कुछ दूरी पर बने शौचालय में शौच के लिए गई थी। काफी देर तक जब रूपा वापस नहीं आई तो मां उसे देखने गई, तो शौचालय का दरवाजा खुला था। पास के ही नाले के पास बेटी का दुपट्टा पड़ा था। अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने डायल 100 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देर रात तक युवती की खोजबीन। किंतु युवती का कही पता नहीं चला। अगले दिन युवती के पिता दौलत सिंह ने बेटी अपहरण की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। चार दिन बाद घर से लापता रूपा 21 वर्ष पुत्री दौलत सिंह का शव गांव के बाहर चरन सिंह के खेत में बोरिंग के गड्ढे में पानी में औंधे मुंह पड़ा मिला था। शव करीब 3-4 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि समरपाल पुत्र दौलत सिंह का अपनी बहन रूपा से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। गुस्से में आकर समरपाल ने यह कहते हुए अपनी बहन का मुंह और नाक दबा दिया। दम घुटने से रूपा की मौत हो गई। बेटी की हत्या के राज छुपाने के लिए दौलतराम, भाई राकेश व पुत्र समरपाल ने शव को कट्टे में भरकर खेत में बने बोरिंग के गड्ढे में डाल दिया। हत्या के आरोप से बचने के लिए तीनों ने नाटकीय ढंग से बेटी के अपहरण का षड्यंत्र रचा। इसके बाद पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जब तीनों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की तो आरोपी ने हत्या का राज उगल दिया। पुलिस ने दौलतराम, भाई राकेश व समरपाल को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया। उधर, कोतवाल आशुतोष कुमार का कहना है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ बेटी की हत्या व हत्या का षड्यंत्र रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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