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मिले विशेष अवकाश : सीएम योगी से महिला शिक्षकों ने उठाई पीरियड लीव की मांग, विधायक को सौंपा ज्ञापन
Wed, 14 Jul 2021 09:38 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 14 Jul 2021 09:38 PM IST
सार
दोनों विधायकों ने मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिलाकर शीघ्र ही समस्या का निदान कराने आश्वासन दिया।
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विधायक को विज्ञापन सौंपती शिक्षिकाएं
- फोटो : Amar Ujala Meerut
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में महिला शिक्षक संघ ने सरकार से हर महीने तीन दिन की पीरियड लीव यानी विशेष अवकाश दिलाने की मांग की। संघ ने सदर विधायक सुचि चौधरी तथा चांदपुर विधायक कमलेश सैनी को ज्ञापन सौंपा।
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बुधवार को उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना मौर्य के निर्देश पर बिजनौर महिला शिक्षक संघ की पदाधिकारियों ने सदर विधायक सुची चौधरी तथा चांदपुर विधायक कमलेश सैनी से उनके कार्यालयों पर दोनों विधायकों को पौध सौंपकर शिष्टाचार भेंट की। ज्ञापन में जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने महिला शिक्षक संघ के गठन, विस्तार एवं कार्य योजनाओं से उन्हें अवगत कराया।
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इस दौरान मुख्यमंत्री से प्रदेश में सेवारत महिलाओं को पीरियड के दौरान असहनीय पीड़ा में राहत देने और उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए तीन दिन की पीरियड लीव यानी विशेष अवकाश के रूप में प्रदान करने की मांग की गई।
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दोनों विधायकों ने मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिलाकर शीघ्र ही समस्या का निदान कराने आश्वासन दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, जिला महामंत्री रुचिता सिंह, आकांक्षा, पूजा, नीलम चौधरी, वर्षा, कामिनी गोयल, शिवानी, मीनाक्षी चौधरी आदि मौजूद रहीं।
संविधान के अनुच्छेद 15 व 42 के अन्तर्गत राज्य महिलाओं व लड़कियों के कल्याण के लिए विशेष उपबन्ध कर सकती है। कहा कि संविधान के इस प्राविधान के अन्तर्गत बिहार सरकार 30 वर्ष पहले (सन 1992) से अपने राज्य की समस्त सेवारत महिला शिक्षक व कर्मियों को विशेष अवकाश के रूप में पीरियड लीव प्रदान कर रही है।
बता दें कि भारत में माहवारी के दिनों में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर आंकड़े चौंकाने वाले हैं। भारत में 10 में से तीन लड़कियों को अपनी पहली माहवारी के बारे में कोई जानकारी नहीं होती। इन मुश्किल दिनों में अधिक शिक्षित महिलाओं की भागीदारी भी कार्यस्थलों पर घटती देखी गई है।