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Bijnor News: बारिश ने आम को किया दागदार, निर्यात पर ब्रेक
Tue, 18 Jul 2023 12:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 18 Jul 2023 12:34 AM IST
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- पिछले सीजन में एक कंपनी ने किया था छह टन आम निर्यात
- 9500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कई प्रजातियों के आम के बाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पिछले कई साल से जनपद में उत्पादित आम खाड़ी देशों में जा रहा था, लेकिन इस बार बारिश से आम पर दाग आ गया। इस कारण निर्यातक आम विदेशों में नहीं भेज पाए हैं। पिछले सीजन में एक संस्था ने छह टन आम निर्यात किया था।
जनपद में करीब 9500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम के बाग हैं। यहां के दशहरी, चौसा, लंगड़ा, कलमी की प्रजातियां लोगों को बहुत पसंद आती है। पिछले तीन वर्ष से जिले से अन्य पदार्थों की तरह आम भी खाड़ी देशों में निर्यात हो रहा है। जिला प्रशासन, कृषि एवं उद्यान विभाग के संयुक्त प्रयास से निर्यात को बढ़ावा मिला है। पहले बेमौसम बारिश होने से आम के उत्पादन पर असर पड़ा और पकने के समय कई दिन के खराब मौसम ने आम की सूरत बदल दी। उद्यान विभाग के अनुसार लगातार बारिश होने से कई दिन तक किसान आम तोड़ नहीं पाए और बारिश से आम काला पड़ गया। निर्यातकों का कहना है कि मांग अच्छी थी, लेकिन आम मानक पर खरा नहीं उतर रहा था। इसलिए विदेशों में भेजने की कोशिश नहीं की।
इस सीजन में शून्य रहा आम का निर्यात
हिंदुस्तान एग्रो व फॉर्मर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी बिजनौर के निदेशक डाॅ. मोहम्मद शोएब ने बताया कि पिछले सीजन में छह टन आम का खाड़ी देशों में भेजा था। इस बार भी डिमांड थी, लेकिन आम मानक पूरा नहीं होने से भेजा नहीं गया है। उनके द्वारा हरी मिर्च भेजी जा रही है।
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-- -- -- -- -- कोट डीएम के निर्देशन में जिले से सब्जी, फल आदि उत्पादित पदार्थों का अन्य प्रदेश व देशों में निर्यात हो रहा है। निर्यात को अधिकतम बढ़ावा देने से किसानों को अधिकतम लाभ पहुंच रहा है। बारिश से आम का रंग काला व दाग आने से बाहर जाने योग्य नहीं रहा - जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
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- 9500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कई प्रजातियों के आम के बाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पिछले कई साल से जनपद में उत्पादित आम खाड़ी देशों में जा रहा था, लेकिन इस बार बारिश से आम पर दाग आ गया। इस कारण निर्यातक आम विदेशों में नहीं भेज पाए हैं। पिछले सीजन में एक संस्था ने छह टन आम निर्यात किया था।
जनपद में करीब 9500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम के बाग हैं। यहां के दशहरी, चौसा, लंगड़ा, कलमी की प्रजातियां लोगों को बहुत पसंद आती है। पिछले तीन वर्ष से जिले से अन्य पदार्थों की तरह आम भी खाड़ी देशों में निर्यात हो रहा है। जिला प्रशासन, कृषि एवं उद्यान विभाग के संयुक्त प्रयास से निर्यात को बढ़ावा मिला है। पहले बेमौसम बारिश होने से आम के उत्पादन पर असर पड़ा और पकने के समय कई दिन के खराब मौसम ने आम की सूरत बदल दी। उद्यान विभाग के अनुसार लगातार बारिश होने से कई दिन तक किसान आम तोड़ नहीं पाए और बारिश से आम काला पड़ गया। निर्यातकों का कहना है कि मांग अच्छी थी, लेकिन आम मानक पर खरा नहीं उतर रहा था। इसलिए विदेशों में भेजने की कोशिश नहीं की।
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इस सीजन में शून्य रहा आम का निर्यात
हिंदुस्तान एग्रो व फॉर्मर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी बिजनौर के निदेशक डाॅ. मोहम्मद शोएब ने बताया कि पिछले सीजन में छह टन आम का खाड़ी देशों में भेजा था। इस बार भी डिमांड थी, लेकिन आम मानक पूरा नहीं होने से भेजा नहीं गया है। उनके द्वारा हरी मिर्च भेजी जा रही है।
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