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गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी लगेगा टीका
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गर्भवती व धात्री महिलाओं का भी होगा वैक्सीनेशन
बिजनौर। वैश्विक महामारी कोरोना से माताओं की कोख सुरक्षित रखने के लिए अब गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली माताओं का भी कोरोनारोधी टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए शासन से गाइडलाइन आ चुकी है। अफसरों के अनुसार गर्भ में पल रहे शिशुओं और छोटे बच्चों की कोरोना संक्रमण से सुरक्षा को लेकर नए सिरे से मसौदा तैयार किया जा रहा है, जिससे उनकी जिंदगी बचाई जा सके। स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए जिले भर के प्रभारी चिकित्साधिकारियों तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को बिना किसी पूर्व पंजीकरण के अनुमोदित केंद्रों पर कोविड-19 से बचाव के लिए टीका लगाने की अनुमति दे दी गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अशोक कुमार ने बताया कि ये टीकाकरण सोमवार से शनिवार तक किया जाएगा। इसके लिए जिले भर के प्रभारी चिकित्साधिकारियों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। टीकाकरण कराने से पूर्व पंजीकरण की कोई आवश्यकता नहीं है, हालांकि उन्हें टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचने पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।
पौने दस लाख को लग चुके टीके
डा. अशोक कुमार ने बताया कि बताया कि जनपद में स्तनपान कराने वाली लगभग एक लाख दस हजार माताओं और करीब एक लाख 24 हजार गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित किया जाएगा। बुधवार की रात तक जिले भर में कुल नौ लाख 78 हजार 675 लोगों को प्रतिरक्षित किया जा चुका है। इनमें प्रथम खुराक लेने वालों में आठ लाख 34 हजार 82 और दूसरी डोज से एक लाख 44 हजार 593 लोगों को आच्छादित किया गया है।
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गर्भवती महिलाओं के लिए खास निर्देश
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के लिए जाते समय अपने चिकित्सा विवरण के साथ डिलीवरी की तारीख और स्थान के बारे में आवश्यक दस्तावेज ले जाने होंगे। गर्भवती महिलाओं को एक स्व-सहमति पत्र के साथ स्त्री रोग विशेषज्ञों के लेटर हेड पर लिखा हुआ एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिनसे वे उपचार ले रही हैं।
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बिजनौर। वैश्विक महामारी कोरोना से माताओं की कोख सुरक्षित रखने के लिए अब गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली माताओं का भी कोरोनारोधी टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए शासन से गाइडलाइन आ चुकी है। अफसरों के अनुसार गर्भ में पल रहे शिशुओं और छोटे बच्चों की कोरोना संक्रमण से सुरक्षा को लेकर नए सिरे से मसौदा तैयार किया जा रहा है, जिससे उनकी जिंदगी बचाई जा सके। स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए जिले भर के प्रभारी चिकित्साधिकारियों तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को बिना किसी पूर्व पंजीकरण के अनुमोदित केंद्रों पर कोविड-19 से बचाव के लिए टीका लगाने की अनुमति दे दी गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अशोक कुमार ने बताया कि ये टीकाकरण सोमवार से शनिवार तक किया जाएगा। इसके लिए जिले भर के प्रभारी चिकित्साधिकारियों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। टीकाकरण कराने से पूर्व पंजीकरण की कोई आवश्यकता नहीं है, हालांकि उन्हें टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचने पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।
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पौने दस लाख को लग चुके टीके
डा. अशोक कुमार ने बताया कि बताया कि जनपद में स्तनपान कराने वाली लगभग एक लाख दस हजार माताओं और करीब एक लाख 24 हजार गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित किया जाएगा। बुधवार की रात तक जिले भर में कुल नौ लाख 78 हजार 675 लोगों को प्रतिरक्षित किया जा चुका है। इनमें प्रथम खुराक लेने वालों में आठ लाख 34 हजार 82 और दूसरी डोज से एक लाख 44 हजार 593 लोगों को आच्छादित किया गया है।
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गर्भवती महिलाओं के लिए खास निर्देश
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के लिए जाते समय अपने चिकित्सा विवरण के साथ डिलीवरी की तारीख और स्थान के बारे में आवश्यक दस्तावेज ले जाने होंगे। गर्भवती महिलाओं को एक स्व-सहमति पत्र के साथ स्त्री रोग विशेषज्ञों के लेटर हेड पर लिखा हुआ एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिनसे वे उपचार ले रही हैं।