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सिंचाई विभाग को सता रहा सड़क टूटने का डर, गाड़ दिए गार्डर
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बिजनौर के ग्राम शादीपुर के विनीत मौर्य।
- फोटो : BIJNOR
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सड़क बचाने के लिए गाड़ दिए पिलर
बिजनौर। सिंचाई विभाग को नहर पटरी की सड़क टूटने का डर सता रहा है। ऐसे में भारी वाहनों की एंट्री बंद करने के लिए लोहे के गार्डर सड़क पर गाड़े गए हैं। कुम्हेड़ा से लेकर बरुकी होते हुए झालू तक जगह जगह लोहे के गार्डर खड़े हैं।
सिंचाई विभाग खंड बिजनौर की ओर से मार्च 2021 में नहटौर शाखा नहर पटरी पर सड़क का निर्माण कराया गया था। सालों से बदहाल पड़ी यह सड़क बनने से आस पास के लोगों को खुशी हुई। सिंचाई विभाग ने सड़क तो बना दी लेकिन आवाजाही पर शर्त भी लगा दी गई।
सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद करने के लिए सिंचाई विभाग ने तरीका खोज लिया और जगह जगह लोहे के गार्डर गाड़ दिए गए। सड़क के दोनों ओर निर्धारित चौड़ाई में करीब एक से डेढ़ फुट लंब गार्डर लगा गए हैं। जिससे बड़े वाहन ट्रक या ट्राली न निकल पाए। सूत्रों की मानें तो सिंचाई विभाग को डर था कि बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जल्दी टूट जाएगी। ऐसे में सड़क को ज्यादा दिनों तक टिकाए रखने के लिए यह तरीका खोज लिया गया।
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हादसों का कारण बन रहे गार्डर
करीब पंद्रह दिन पहले गनौरा के रहने वाले अखिलेश शर्मा सिखेड़ा गांव से रात में लौटते वक्त गार्डर से टकरा गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद सिखेड़ा गांव के पास नहर पर लगे गार्डर को लोगों ने उखाड़ फेंका। सोमवार की देर शाम भी इस सड़क पर पहली बार जोगीरम्पुरी के रहने वाले पंकज की बाइक गार्डर से टकरा गई थी। जिसे राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया। अन्य कई लोग भी इन गार्डर से टकराकर चुके हैं। दरअसल लोहे के गार्डर पर रिफ्लेक्टर भी नहीं लगे हुए हैं।
लोगों की जुबानी...
सिंचाई विभाग ने सड़क तो बनाई लेकिन गार्डर लगा दिए। शादीपुर के लोगों ने इन्हें हटाने के लिए शिकायत भी की। बाद में कुम्हेड़ा के पास लगे गार्डर हटवाए गए। अभी कई और जगहों पर लगे हैं।... विनित मौर्य
नहर पटरी सड़क पर गार्डर लगे होने की वजह से रात के वक्त काफी संभलकर ड्राइविंग करनी पड़ती है। भारी वाहनों का रोकने के लिए लगाए गए गार्डर मुसीबत भी बन रहे हैं। हादसों का डर बना रहता है। ....विपिन राणा
सड़क पर गार्डर लगे होने से रात में हादसे हो जाते हैं। सामने से कोई वाहन आने पर गार्डर दिखाई नहीं देते। सोमवार की रात भी दो बाइक सवार युवक टकरा गए थे। जिन्हें उन्होंने ही अस्पताल में भर्ती कराया। .....अनुज राठी
वर्जन
सड़क पर भारी वाहन चलते थे। नहर पटरी सड़क को बाईपास के रुप में इस्तेमाल किया जाने लगा। ऐसे में ओवर लोड वाहनों को कम करने के लिए गार्डर लगवाए थे। जिन पर रेडियम वाला पेंट कराया हुआ है। अब रिफ्लेक्टर भी लगाएंगे। गार्डर के बीच से ट्रैक्टर ट्राली निकल सकती है।
- सुशील कुमार सहायक अभियंता
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बिजनौर। सिंचाई विभाग को नहर पटरी की सड़क टूटने का डर सता रहा है। ऐसे में भारी वाहनों की एंट्री बंद करने के लिए लोहे के गार्डर सड़क पर गाड़े गए हैं। कुम्हेड़ा से लेकर बरुकी होते हुए झालू तक जगह जगह लोहे के गार्डर खड़े हैं।
सिंचाई विभाग खंड बिजनौर की ओर से मार्च 2021 में नहटौर शाखा नहर पटरी पर सड़क का निर्माण कराया गया था। सालों से बदहाल पड़ी यह सड़क बनने से आस पास के लोगों को खुशी हुई। सिंचाई विभाग ने सड़क तो बना दी लेकिन आवाजाही पर शर्त भी लगा दी गई।
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सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद करने के लिए सिंचाई विभाग ने तरीका खोज लिया और जगह जगह लोहे के गार्डर गाड़ दिए गए। सड़क के दोनों ओर निर्धारित चौड़ाई में करीब एक से डेढ़ फुट लंब गार्डर लगा गए हैं। जिससे बड़े वाहन ट्रक या ट्राली न निकल पाए। सूत्रों की मानें तो सिंचाई विभाग को डर था कि बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जल्दी टूट जाएगी। ऐसे में सड़क को ज्यादा दिनों तक टिकाए रखने के लिए यह तरीका खोज लिया गया।
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हादसों का कारण बन रहे गार्डर
करीब पंद्रह दिन पहले गनौरा के रहने वाले अखिलेश शर्मा सिखेड़ा गांव से रात में लौटते वक्त गार्डर से टकरा गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद सिखेड़ा गांव के पास नहर पर लगे गार्डर को लोगों ने उखाड़ फेंका। सोमवार की देर शाम भी इस सड़क पर पहली बार जोगीरम्पुरी के रहने वाले पंकज की बाइक गार्डर से टकरा गई थी। जिसे राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया। अन्य कई लोग भी इन गार्डर से टकराकर चुके हैं। दरअसल लोहे के गार्डर पर रिफ्लेक्टर भी नहीं लगे हुए हैं।
लोगों की जुबानी...
सिंचाई विभाग ने सड़क तो बनाई लेकिन गार्डर लगा दिए। शादीपुर के लोगों ने इन्हें हटाने के लिए शिकायत भी की। बाद में कुम्हेड़ा के पास लगे गार्डर हटवाए गए। अभी कई और जगहों पर लगे हैं।... विनित मौर्य
नहर पटरी सड़क पर गार्डर लगे होने की वजह से रात के वक्त काफी संभलकर ड्राइविंग करनी पड़ती है। भारी वाहनों का रोकने के लिए लगाए गए गार्डर मुसीबत भी बन रहे हैं। हादसों का डर बना रहता है। ....विपिन राणा
सड़क पर गार्डर लगे होने से रात में हादसे हो जाते हैं। सामने से कोई वाहन आने पर गार्डर दिखाई नहीं देते। सोमवार की रात भी दो बाइक सवार युवक टकरा गए थे। जिन्हें उन्होंने ही अस्पताल में भर्ती कराया। .....अनुज राठी
वर्जन
सड़क पर भारी वाहन चलते थे। नहर पटरी सड़क को बाईपास के रुप में इस्तेमाल किया जाने लगा। ऐसे में ओवर लोड वाहनों को कम करने के लिए गार्डर लगवाए थे। जिन पर रेडियम वाला पेंट कराया हुआ है। अब रिफ्लेक्टर भी लगाएंगे। गार्डर के बीच से ट्रैक्टर ट्राली निकल सकती है।
- सुशील कुमार सहायक अभियंता

बिजनौर के ग्राम शादीपुर के विपिन राणा।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के ग्राम बरूकी के अनुज राठी।- फोटो : BIJNOR

नहटौर शाखा नहर पटरी पर बिजनौर के कस्बा झालू में सड़क किनारे लगे लोहे के गार्डर।- फोटो : BIJNOR