एक लाख रुपये का इनामी रहा बिजनौर का कुख्यात बदमाश आदित्य राणा पेशी से लौटते समय शाहजहांपुर में हरदोई बाईपास स्थित रेड चिली ढाबे से फरार हो गया। उसके बिजनौर आने की आशंका के चलते पुलिस की छह टीमों को बॉर्डर पर तैनात कर दिया गया है।
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बिजनौर में बढ़ाई चौकसी, पुलिस हुई सतर्क
आदित्य के फरार होने के बाद बिजनौर पुलिस भी सतर्क हो गई है। जिले के बॉर्डर पर निगाह रखने के साथ-साथ छह टीमों को उसकी तलाश में लगाया गया है।
आदित्य के फरार होने की सूचना मिलते ही बुधवार सवेरे से ही बिजनौर में अलर्ट कर दिया गया। एसपी दिनेश सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं। डायल 112 की गाड़ियों को भी जेड मिशन पर रखा गया है। आदित्य के गांव राणा नंगला के आसपास भी पुलिस की गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं। आदित्य स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव राणा नंगला का रहने वाला है। आदित्य राणा पर गांव के ही दो भाइयों की हत्या समेत अन्य हत्याओं के तीन केस दर्ज हैं।
एक लाख रुपये इनामी रहा है आदित्य
साल 2017 में बिजनौर के थाना शिवाला कलां में जानलेवा हमला और मारपीट का केस आदित्य के खिलाफ दर्ज हुआ था। मंगलवार को बिजनौर कोर्ट में इसकी पेशी थी। उसे लखनऊ जेल से पेशी पर लाया गया था। एक लाख के रुपये के इनामी रहे आदित्य ने पुलिस की टीमों को चकमा देकर 10 जनवरी 2018 को बिजनौर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। करीब एक साल तक बिजनौर जेल में रखने के बाद उसे फरवरी 2019 में मेरठ जेल में शिफ्ट किया गया था। मेरठ के बाद वह सीतापुर और शाहजहांपुर की जेल में भी रहा। अब फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद था।
कस्टडी से पहले भी हो चुका था फरार
कुख्यात आदित्य पुलिस की कस्टडी से पहले भी फरार हो चुका है। अगस्त 2017 में मुरादाबाद पुलिस की कस्टडी से भी पेशी के दौरान फरार हुआ था। फरार होने के बाद गांव के ही मुकेश की 14 अक्तूबर को मुखबिरी के शक में हत्या कर दी थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो आदित्य पुलिस की घेराबंदी से चार बार फायरिंग कर फरार हो चुका था।