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दाम हुए आधे पर बाजार में नहीं है डीएपी का एक भी दाना

Fri, 21 May 2021 12:07 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 May 2021 12:07 AM IST
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Not a single grain of DAP fertilizer is available in the market at half the price
दाम हुए आधे पर बाजार में नहीं है डीएपी खाद का एक भी दाना
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बिजनौर। सरकार ने डीएपी खाद किसान हित में भले ही कम कर दिए हैं, लेकिन जिले में एक बोरी भी नहीं है। कोरोना व अन्य कारणों की वजह से पिछले दो तीन महीने से जिले में डीएपी खाद की खेप नहीं आ रही है। किसान खेतों में अधिकतर यूरिया ही डालते हैं।
कुछ दिन पहले डीएपी की 50 किलो की एक बोरी के दाम 1200 रुपये प्रति क्विंटल थे, जिसे सरकार ने एकदम से दोगुना करके 2400 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया था। किसान डीएपी का सबसे ज्यादा प्रयोग गन्ने की बुवाई के समय करते हैं। गन्ने की बुवाई करीब 15 दिन पहले हो चुकी है। सरकार ने डीएपी के दाम आधे तो कर दिए गए हैं, लेकिन जिले में खाद की किसी भी दुकान पर लंबे समय से डीएपी का एक दाना भी नहीं है। नाम न छापने की शर्त पर एक दुकानदार ने बताया कि करीब दो महीने से डीएपी नहीं मिला है। सुनने में आया है कि अब जो बोरी आएंगी उन पर भाव करीब 1900 रुपये तक पड़े होंगे। ऐसे में किसान को किस भाव पर दुकान बेचेंगे उन्हें भी नहीं पता है।
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बहुत रहती है डीएपी की मांग
किसान काफी संख्या में फसलों में डीएपी डालते हैं। रबी की फसलों में किसानों ने 13 हजार 579 मीट्रिक टन डीएपी खाद खेतों में डाली थी। अब अगले महीने की शुरूआत से ही धान की नर्सरी और उसके बाद धान की बुवाई शुरू हो जाएगी। उसमें भी पहले खाद के तौर पर डीएपी ही डाली जाती है।
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बाजार से खाद गायब करके दाम घटाए
भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि जब किसान को जरूरत थी तब डीएपी के दाम दोगुने कर दिए गए। अब बाजार से डीएपी को गायब करके दाम आधे कर दिए गए। ये सब राजनीति की किसानों पर कुठाराघात करने वाली चालें हैं। किसान इस सबको देख और समझ रहा है।
केवल पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है सरकार
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार के अनुसार सरकार ने कंपनियों के कहने पर जरूरत के वक्त डीएपी के रेट बढ़ा दिए। सरकार केवल पूंजीपतियों के लिए ही काम कर रही है। किसानों से कोई लेना देना नहीं है।

जल्दी मिलेगी डीएपी: जिला कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार कंपनियों की तरफ से डीएपी की खेप रोक दी गई थी। अब किसानों को जल्दी ही डीएपी मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले डीएपी पर 500 रुपये की सब्सिडी मिलती थी और अब ये सब्सिडी 1200 रुपये कर दी गई है।
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