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Bijnor News: आलोपुर में खूनी गुलदार को खोज रहे वनकर्मी
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फॉलाेअप - महिला की मौत से ग्रामीणों में दहशत
-रेस्क्यू ट्रैक्टर, ड्रोन और कैमरे के सहारे खोज रहे गुलदार
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद/जलालाबाद। गांव आलोपुर में महिला को मारने वाले खूनी गुलदार को वन विभाग की टीम खोज रही है। गुलदार को पकड़ने के लिए आलोपुर और निकट के गांव में तीन पिंजरे लगाए गए हैं। उधर महिला की मौत से ग्रामीणों में दहशत है। भयभीत किसान खेतों पर नहीं जा रहे।
राजारामपुर फाजिल उर्फ आलोपुर में दिव्यांग बबीता देवी को गुलदार द्वारा मारने से ग्रामीणों में दहशत है। गांव में गुलदार की दहशत से किसान खेतों पर काम करने नहीं जा रहे। बबीता देवी का पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार की दोपहर बाद बैराज घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
सेवानिवृत्त अमीन दिवंगत ओम प्रकाश के परिवार की इकलौती बहन की गुलदार के हमले से हुई मौत पर परिजन अनीता देवी, रेखा देवी, जोगिंदर, नरवेंद्र, देव जिया आदि गमजदा हैं। परिवार में बबीता की मौत से सन्नाटा छाया है।
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घटना के बाद से वन विभाग की टीम रेंजर रामकुमार के नेतृत्व में आलोपुर में कैंप कर खूनी गुलदार की तलाश में जुटी है। वन विभाग ने शुक्रवार को भी क्षेत्र में ड्रोन उड़ाकर गुलदार की लोकेशन तलाशी। दूर-दराज के अलग-अलग स्थान पर गुलदार की लोकेशन होने के वन विभाग को संकेत मिले हैं। वन विभाग ने आलोपुर में दो, पास के गांव धनसीनी और ज्वाली क्षेत्र में एक-एक पिंजरा लगाया है।
वन रेंजर रामकुमार ने बताया कि गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने के लिए प्रबंध जुटाए जा रहे हैं। ट्रेंकुलाइज करने के लिए ट्रेंकुलाइज करने की गन सहित रेस्क्यू ट्रैक्टर आलोपुर में मंगाया गया है। जहां भी गुलदार की लोकेशन मिलेगी वहां ट्रैक्टर के माध्यम से उसे विशेषज्ञ ट्रेंकुलाइज करके पकड़ने का प्रयास करेंगे।
वन विभाग ने क्षेत्र में डेढ़ फीट ऊंचाई के करीब आठ कैमरे लगाने की भी योजना बनाई है। गुलदार तलाशने के लिए लगाए जाने वाले कैमरों की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों से वन विभाग सहयोग लेगा।
-- सीमित कर्मचारी और संसाधन बने चुनौती
सामाजिक वानिकी के पास गुलदारों से निपटने के लिए सीमित संसाधन हैं। एक रेंजर, एक डिप्टी रेंजर, चार वन दरोगा, एक फॉरेस्टर और चार दैनिक श्रमिकों के सहारे क्षेत्र में गुलदारों के हमले रोकना विभाग के लिए चुनौती बना है। गुलदारों और जंगली जानवरों से निपटने के लिए विभाग के पास दो राइफल और एक दो नाली बंदूक है।
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-रेस्क्यू ट्रैक्टर, ड्रोन और कैमरे के सहारे खोज रहे गुलदार
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद/जलालाबाद। गांव आलोपुर में महिला को मारने वाले खूनी गुलदार को वन विभाग की टीम खोज रही है। गुलदार को पकड़ने के लिए आलोपुर और निकट के गांव में तीन पिंजरे लगाए गए हैं। उधर महिला की मौत से ग्रामीणों में दहशत है। भयभीत किसान खेतों पर नहीं जा रहे।
राजारामपुर फाजिल उर्फ आलोपुर में दिव्यांग बबीता देवी को गुलदार द्वारा मारने से ग्रामीणों में दहशत है। गांव में गुलदार की दहशत से किसान खेतों पर काम करने नहीं जा रहे। बबीता देवी का पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार की दोपहर बाद बैराज घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
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सेवानिवृत्त अमीन दिवंगत ओम प्रकाश के परिवार की इकलौती बहन की गुलदार के हमले से हुई मौत पर परिजन अनीता देवी, रेखा देवी, जोगिंदर, नरवेंद्र, देव जिया आदि गमजदा हैं। परिवार में बबीता की मौत से सन्नाटा छाया है।
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घटना के बाद से वन विभाग की टीम रेंजर रामकुमार के नेतृत्व में आलोपुर में कैंप कर खूनी गुलदार की तलाश में जुटी है। वन विभाग ने शुक्रवार को भी क्षेत्र में ड्रोन उड़ाकर गुलदार की लोकेशन तलाशी। दूर-दराज के अलग-अलग स्थान पर गुलदार की लोकेशन होने के वन विभाग को संकेत मिले हैं। वन विभाग ने आलोपुर में दो, पास के गांव धनसीनी और ज्वाली क्षेत्र में एक-एक पिंजरा लगाया है।
वन रेंजर रामकुमार ने बताया कि गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने के लिए प्रबंध जुटाए जा रहे हैं। ट्रेंकुलाइज करने के लिए ट्रेंकुलाइज करने की गन सहित रेस्क्यू ट्रैक्टर आलोपुर में मंगाया गया है। जहां भी गुलदार की लोकेशन मिलेगी वहां ट्रैक्टर के माध्यम से उसे विशेषज्ञ ट्रेंकुलाइज करके पकड़ने का प्रयास करेंगे।
वन विभाग ने क्षेत्र में डेढ़ फीट ऊंचाई के करीब आठ कैमरे लगाने की भी योजना बनाई है। गुलदार तलाशने के लिए लगाए जाने वाले कैमरों की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों से वन विभाग सहयोग लेगा।
सामाजिक वानिकी के पास गुलदारों से निपटने के लिए सीमित संसाधन हैं। एक रेंजर, एक डिप्टी रेंजर, चार वन दरोगा, एक फॉरेस्टर और चार दैनिक श्रमिकों के सहारे क्षेत्र में गुलदारों के हमले रोकना विभाग के लिए चुनौती बना है। गुलदारों और जंगली जानवरों से निपटने के लिए विभाग के पास दो राइफल और एक दो नाली बंदूक है।