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जिला कारागार में ही मरीज देखेंगे डॉक्टर महेंद्र
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बिजनौर। जेल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. महेंद्र सिंह को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक को आदेश दिए हैं कि जिला कारागार में लेवल-4 के किसी चिकित्साधिकारी की नियुक्ति होने तक डॉ. महेंद्र सिंह ही जेल में बंदी मरीजों का उपचार करेंगे।
जिला कारागार में बंदियों की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए डीएम के निर्देश और जेल अधीक्षक की मांग पर सीएमओ विजय कुमार यादव ने उप मुख्य चिकित्साधिकारी प्रशासन महेंद्र सिंह का जिला कारागार में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद के लिए स्थानांतरण करने के साथ ही नवीन तैनाती स्थल से ही वेतन आहरित करने के निर्देश दिए थे। डॉ. महेंद्र सिंह इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए थे।
सीएमओ के अनुसार जेल में एक चिकित्सक तैनात है, जो कभी कभी पोस्टमार्टम डयूटी अथवा उच्च न्यायालय आदि के काम से जाना पड़ता है। उनके पास पुलिस लाइन का भी चार्ज है। इससे जिला कारागार में बंदियों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए पिछले कई वर्षों से रिक्त चल रहे वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर डॉ. महेंद्र सिंह को स्थानांतरित किया गया था। सीएमओ ने बताया कि डॉक्टर महेंद्र ने रिट में आरोप लगाया था कि जिला कारागार में रिक्त वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर केवल लेवल-4 का ही अधिकारी रह सकता है, जबकि वे लेवल-3 के हैं। शासन ने उन्हें प्रोन्नत कर लेवल-4 में शामिल कर लिया है। अब कोर्ट ने भी उनकी सारी क्वेरी क्लियर कर दी हैं।
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जिला कारागार में बंदियों की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए डीएम के निर्देश और जेल अधीक्षक की मांग पर सीएमओ विजय कुमार यादव ने उप मुख्य चिकित्साधिकारी प्रशासन महेंद्र सिंह का जिला कारागार में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद के लिए स्थानांतरण करने के साथ ही नवीन तैनाती स्थल से ही वेतन आहरित करने के निर्देश दिए थे। डॉ. महेंद्र सिंह इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए थे।
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सीएमओ के अनुसार जेल में एक चिकित्सक तैनात है, जो कभी कभी पोस्टमार्टम डयूटी अथवा उच्च न्यायालय आदि के काम से जाना पड़ता है। उनके पास पुलिस लाइन का भी चार्ज है। इससे जिला कारागार में बंदियों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए पिछले कई वर्षों से रिक्त चल रहे वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर डॉ. महेंद्र सिंह को स्थानांतरित किया गया था। सीएमओ ने बताया कि डॉक्टर महेंद्र ने रिट में आरोप लगाया था कि जिला कारागार में रिक्त वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर केवल लेवल-4 का ही अधिकारी रह सकता है, जबकि वे लेवल-3 के हैं। शासन ने उन्हें प्रोन्नत कर लेवल-4 में शामिल कर लिया है। अब कोर्ट ने भी उनकी सारी क्वेरी क्लियर कर दी हैं।
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