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नवजात शिशु की मौत, चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप
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नवजात की मौत, चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप
धामपुर। नगर के एक अस्पताल में नवजात शिशु को एक दिन पहले डिस्चार्ज किए जाने के बाद रविवार को मौत होने पर परिजनों ने जमकर किया। आरोप लगाया कि डाक्टरों की लापरवाही के कारण शिशु की मौत हुई है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अन्य लोगों के साथ अस्पताल में रविवार को स्टाफ के साथ अभद्रता की और तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। इस दौरान डाक्टर ने पुलिस को घटना के बारे में अवगत कराया। कुछ ही देर के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह से पुलिस ने अस्पताल पहुंच कर हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया।
नगीना थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने अपने नवजात शिशु को 11 नवंबर को धामपुर के कालागढ़ मार्ग एक अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में दो दिन उपचार के बाद चिकित्सक ने 13 नवंबर को शिशु को डिस्चार्ज कर दिया था। परिजन बच्चे को लेकर गांव पहुंच गए। परिजनों का कहना है कि शाम से रात भर शिशु के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो वह रविवार सुबह पांच बजे ही अस्पताल में दोबारा से बच्चे को लेकर आए। अस्पताल में तैनात स्टाफ ने बच्चे को देखते ही मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने डाक्टरों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया। परिजनों का आरोप है कि जब डाक्टर ने शिशु को अस्पताल में डिस्चार्ज किया तो उसमें तब भी कोई कोई हरकत नहीं थी तो चिकित्सक ने शिशु के नींद में होने की बहाना बनाकर उन्हें संतुष्ट कर दिया था। उधर, अस्पताल संचालक डॉ. निश्चल पाल का कहना है कि उनके द्वारा शिशु को सही तरह से उपचार करने के बाद 13 नवंबर को डिस्चार्ज किया गया था। परिजनों की ओर से कहां पर लापरवाही की गई तो वह नहीं बता सकते है। शिशु के उपचार में उनके स्तर से उपचार में कोई लापरवाही नहीं की गई है। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से किसी तरह से मामला दोनों पक्षों में निपट गया।
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धामपुर। नगर के एक अस्पताल में नवजात शिशु को एक दिन पहले डिस्चार्ज किए जाने के बाद रविवार को मौत होने पर परिजनों ने जमकर किया। आरोप लगाया कि डाक्टरों की लापरवाही के कारण शिशु की मौत हुई है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अन्य लोगों के साथ अस्पताल में रविवार को स्टाफ के साथ अभद्रता की और तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। इस दौरान डाक्टर ने पुलिस को घटना के बारे में अवगत कराया। कुछ ही देर के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह से पुलिस ने अस्पताल पहुंच कर हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया।
नगीना थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने अपने नवजात शिशु को 11 नवंबर को धामपुर के कालागढ़ मार्ग एक अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में दो दिन उपचार के बाद चिकित्सक ने 13 नवंबर को शिशु को डिस्चार्ज कर दिया था। परिजन बच्चे को लेकर गांव पहुंच गए। परिजनों का कहना है कि शाम से रात भर शिशु के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो वह रविवार सुबह पांच बजे ही अस्पताल में दोबारा से बच्चे को लेकर आए। अस्पताल में तैनात स्टाफ ने बच्चे को देखते ही मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने डाक्टरों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया। परिजनों का आरोप है कि जब डाक्टर ने शिशु को अस्पताल में डिस्चार्ज किया तो उसमें तब भी कोई कोई हरकत नहीं थी तो चिकित्सक ने शिशु के नींद में होने की बहाना बनाकर उन्हें संतुष्ट कर दिया था। उधर, अस्पताल संचालक डॉ. निश्चल पाल का कहना है कि उनके द्वारा शिशु को सही तरह से उपचार करने के बाद 13 नवंबर को डिस्चार्ज किया गया था। परिजनों की ओर से कहां पर लापरवाही की गई तो वह नहीं बता सकते है। शिशु के उपचार में उनके स्तर से उपचार में कोई लापरवाही नहीं की गई है। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से किसी तरह से मामला दोनों पक्षों में निपट गया।
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