{"_id":"629fa30abfea22728e139992","slug":"instructions-to-increase-the-testing-of-hepatitis-c-bijnor-news-mrt591963524","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य विभाग को हेपेटाइटिस सी की जांच बढ़ाने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य विभाग को हेपेटाइटिस सी की जांच बढ़ाने के निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हेपेटाइटिस-सी की जांच बढ़ाने के निर्देश
बिजनौर। सरकार की ओर से इस समय संचारी रोग नियंत्रण पर जोर दिया जा रहा है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग को संचारी रोग नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें हेपेटाइटिस-सी की जांच को लेकर ज्यादा जोर है। इसके लिए स्वास्थ्य सचिव ने जिलेभर में सीएचसी, पीएचसी पर ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में दिल्ली और लखनऊ की टीम ने कैंप लगाकर लोगों की हेपेटाइटिस-सी की जांच की थी, सैंपल लेकर टीम ने दिल्ली लैब के लिए भेज दिए थे। कैंप में 1833 लोगों के सैंपल एकत्र किए गए थे। इसके बाद से लगातार सरकार ने हेपेटाइटिस-सी की जांच को लेकर जोर दे रही है, जिसके चलते स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को हेपेटाइटिस-सी की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। हेपेटाइटिस-सी की जिला अस्पताल में अलाइवा रीडर जांच की जाती है, जिससे मरीज को हेपेटाइटिस-सी कंफर्म हो जाता है। लेकिन यह नहीं पता चल पाता है कि हेपेटाइटिस कितनी प्रतिशत है। इसके लिए वायरल लोड जांच की जाती है, जो मेरठ मेडिकल कॉलेज में होती है।
रोजाना हो रही 15 मरीजों की जांच
जिला अस्पताल की लैब में रोजाना करीब 15 मरीजों की हेपेटाइटिस-सी जांच की जाती है। मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सैंपल वायरल लोड जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता है। इसके साथ ही हेपेटाइटिस-बी की करीब 25 मरीजों की जांच की जाती है।
विज्ञापन
सभी जगह हो रही जांच : एसीएमओ
एसीएमओ डॉ. देवीदास ने बताया कि जिलेभर की सीएचसी और पीएचसी पर हेपेटाइटिस की जांच की जा रही है। इसके बाद वायरल लोड जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता है। अभी जिले में वायरल लोड जांच की सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
बिजनौर। सरकार की ओर से इस समय संचारी रोग नियंत्रण पर जोर दिया जा रहा है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग को संचारी रोग नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें हेपेटाइटिस-सी की जांच को लेकर ज्यादा जोर है। इसके लिए स्वास्थ्य सचिव ने जिलेभर में सीएचसी, पीएचसी पर ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में दिल्ली और लखनऊ की टीम ने कैंप लगाकर लोगों की हेपेटाइटिस-सी की जांच की थी, सैंपल लेकर टीम ने दिल्ली लैब के लिए भेज दिए थे। कैंप में 1833 लोगों के सैंपल एकत्र किए गए थे। इसके बाद से लगातार सरकार ने हेपेटाइटिस-सी की जांच को लेकर जोर दे रही है, जिसके चलते स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को हेपेटाइटिस-सी की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। हेपेटाइटिस-सी की जिला अस्पताल में अलाइवा रीडर जांच की जाती है, जिससे मरीज को हेपेटाइटिस-सी कंफर्म हो जाता है। लेकिन यह नहीं पता चल पाता है कि हेपेटाइटिस कितनी प्रतिशत है। इसके लिए वायरल लोड जांच की जाती है, जो मेरठ मेडिकल कॉलेज में होती है।
विज्ञापन
रोजाना हो रही 15 मरीजों की जांच
जिला अस्पताल की लैब में रोजाना करीब 15 मरीजों की हेपेटाइटिस-सी जांच की जाती है। मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सैंपल वायरल लोड जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता है। इसके साथ ही हेपेटाइटिस-बी की करीब 25 मरीजों की जांच की जाती है।
विज्ञापन
सभी जगह हो रही जांच : एसीएमओ
एसीएमओ डॉ. देवीदास ने बताया कि जिलेभर की सीएचसी और पीएचसी पर हेपेटाइटिस की जांच की जा रही है। इसके बाद वायरल लोड जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता है। अभी जिले में वायरल लोड जांच की सुविधा नहीं है।